आईपीएस आशुतोष मिश्रा की मां की संदिग्ध मौत: सपा का 17 सदस्यीय दल गुरुवार को अंबेडकरनगर पहुंचेगा
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) का 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गुरुवार, 21 अगस्त 2026 को अंबेडकरनगर पहुंचेगा और जलालपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रूढ़ा निवासी आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा के परिवार से मिलेगा। यह दौरा उनकी 91 वर्षीय माँ इंद्रावती देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु की जानकारी लेने और शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल का गठन और उद्देश्य
सपा के प्रदेशाध्यक्ष श्याम लाल पाल द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह प्रतिनिधिमंडल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर भेजा जा रहा है। दौरे के बाद प्रतिनिधिमंडल अपनी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को सौंपेगा। पार्टी का कहना है कि इस दौरे का मकसद घटना की वास्तविक स्थिति समझना और परिवार तक पार्टी की संवेदना पहुंचाना है।
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल
दल का नेतृत्व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय करेंगे। इसमें जलालपुर के सांसद एवं सपा के राष्ट्रीय महासचिव लालजी वर्मा, विधायक एवं राष्ट्रीय महासचिव राम अचल राजभर, विधायक एवं राष्ट्रीय सचिव राम मूर्ति वर्मा तथा विधायक एवं राष्ट्रीय सचिव त्रिभुवन दत्त शामिल हैं।
इसके अलावा सपा जिलाध्यक्ष जंगबहादुर यादव, प्रदेश महासचिव एवं पूर्व विधायक जयशंकर पांडेय, पूर्व एमएलसी हीरालाल यादव, पूर्व एमएलसी विशाल वर्मा, एमएलसी अतहर खां, पूर्व विधायक सुभाष राय, पूर्व प्रत्याशी राजेश सिंह, सपा नेता महंत चंद्रप्रकाश त्रिपाठी, योगेंद्र नाथ त्रिपाठी, अजय दूबे 'अन्जू', जलालपुर के चेयरमैन अबुल बशर अंसारी और विधानसभा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी प्रतिनिधिमंडल में हैं।
मुख्य घटनाक्रम: क्या हुआ था 16 अगस्त को
16 अगस्त 2026 की सुबह मालीपुर के रूढ़ा धमरुआ गांव में आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की 91 वर्षीय माँ इंद्रावती देवी का शव मिला था। परिजनों की सूचना पर पहुंचे आशुतोष मिश्रा ने मालीपुर थाने में अज्ञात के विरुद्ध हत्या और आभूषण लूटने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। अपनी तहरीर में उन्होंने कहा कि माँ की मृत्यु अप्राकृतिक लग रही है और आभूषणों का गायब होना संदेह उत्पन्न करता है।
जांच की स्थिति
पुलिस ने मामले की जांच के लिए चार विशेष टीमें गठित की हैं, जो अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही हैं। मृतका के रिश्तेदारों और घर पर आने वाले कर्मचारियों से गहन पूछताछ जारी है। अधिकारियों के अनुसार एक दर्जन से अधिक लोग पुलिस के रडार पर हैं। यह ऐसे समय में आया है जब एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के परिजन की संदिग्ध मौत ने प्रदेश में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है।
आगे क्या होगा
सपा प्रतिनिधिमंडल के दौरे के बाद पार्टी की आधिकारिक रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की राजनीतिक रणनीति तय होने की संभावना है। पुलिस जांच में अब तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।