28 जुलाई 2026
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सपा सांसद राजीव राय का केंद्र पर प्रहार: 'सरकार के बोल और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का फर्क'

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सपा सांसद राजीव राय का केंद्र पर प्रहार: 'सरकार के बोल और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का फर्क'

सारांश

सपा सांसद राजीव राय ने एक साथ तीन मोर्चों पर केंद्र को घेरा — सिंधु जल, ओमान में भारतीय नाविकों पर हमला, और 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद PM की कथित चुप्पी। साथ ही सपा प्रवक्ता ने TMC की बगावत को अवसरवाद करार दिया।

मुख्य बातें

सपा सांसद राजीव राय ने 13 जून 2026 को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सिंधु नदी जल संबंधी बयान को 'विरोधाभासी' बताया।
ओमान में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हमले के मुद्दे पर PM मोदी की ट्रंप के खिलाफ चुप्पी पर सवाल उठाया।
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद PM की खामोशी को लेकर विपक्ष ने 'विश्व गुरु' वाली छवि पर तंज कसा।
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने TMC के 20 बागी सांसदों को अवसरवादी बताया, संवैधानिक पेचीदगियों का भी जिक्र किया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद राजीव राय ने 13 जून 2026 को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस सरकार की बातों और वास्तविकता में बड़ा अंतर है। उन्होंने सिंधु नदी के जल-विवाद और ओमान में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हुए हमलों के संदर्भ में केंद्र की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए।

सिंधु जल और रक्षा मंत्री के बयान पर सवाल

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सिंधु नदी के पानी को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा सांसद राजीव राय ने कहा, "इस सरकार पर क्या भरोसा किया जा सकता है? वे अलग-अलग तरीके की बातें करते हैं। वे विपक्ष के सांसदों से कुछ कहते हैं, मीडिया में कुछ और कहते हैं, जबकि कागजों व हकीकत में चीजें कुछ और होती हैं।" उन्होंने आगे कहा, "यह ऐसी सरकार है, जो देशवासियों से कुछ और कहती है, विदेशों में कुछ और करती है।"

भारतीय नाविकों पर हमले और ट्रंप-मोदी संबंध

ओमान में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हुए कथित अमेरिकी हमलों को लेकर राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "क्या प्रधानमंत्री ने अपने दोस्त ट्रंप के खिलाफ एक भी बयान दिया है? डोनाल्ड ट्रंप अक्सर धमकाते रहते हैं। भाजपा के लोगों को समझ लेना चाहिए कि प्रधानमंत्री सिर्फ उनके नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के हैं।" राय ने कहा कि दोस्ती की आड़ में हर रोज अपमान सहना और उस पर खामोश रहना पूरे देश का अपमान है।

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद PM की खामोशी पर सवाल

राजीव राय ने यह भी कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री का कोई अपमान करे, यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता — चाहे भाजपा समर्थकों को यह स्वीकार्य हो। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "विश्व गुरु क्यों नहीं बोलते हैं? 'ऑपरेशन सिंदूर' से पहले पीएम मोदी हर मुद्दे पर क्यों बोला करते थे और अभी खामोश क्यों हैं।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार सरकार की विदेश नीति की सक्रियता पर सवाल उठा रहा है।

TMC सांसदों की बगावत पर सपा की प्रतिक्रिया

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 सांसदों की कथित बगावत पर राजीव राय ने कटाक्ष किया कि जारी की गई सूची में सीरियल नंबर गायब थे और नाम कटे हुए थे। उन्होंने इसे डरा-धमकाकर लक्ष्य निर्धारित करने की कोशिश बताया।

सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने इस मामले में दो अहम बिंदु रखे। पहला — बागी सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय नहीं कर रहे, जो उनकी वैचारिक प्रतिबद्धता दर्शाता है। दूसरा — अलग गुट बनाने पर संवैधानिक प्रावधान भी लागू होंगे। वर्मा ने सवाल उठाया, "अगर आपको ममता बनर्जी या अभिषेक बनर्जी से इतनी परेशानी थी, तो 4 मई से पहले यह कदम क्यों नहीं उठाया? जब तक सत्ता में थे, सारी सुविधाएँ लेते रहे — और तृणमूल के हारते ही उसे पत्ते की तरह गिरा दिया।"

राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति

गौरतलब है कि यह बयानबाजी ऐसे समय में हो रही है जब संसद का सत्र चल रहा है और विपक्ष कई मोर्चों पर सरकार को घेरने की कोशिश में है। सिंधु जल समझौते पर भारत-पाकिस्तान तनाव और ओमान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा — दोनों मुद्दे संसद के भीतर और बाहर गर्म बने हुए हैं। विपक्षी दलों की एकजुटता और TMC के आंतरिक संकट का असर आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ओमान और TMC बगावत — जो विपक्ष की उस रणनीति को दर्शाती है जिसमें सरकार को एक साथ कई मोर्चों पर रक्षात्मक स्थिति में लाया जाए। हालाँकि, 'ट्रंप दोस्ती' वाला तर्क नया नहीं है — विपक्ष यह कोण 2017 से आजमाता रहा है और इसकी चुनावी धार सीमित रही है। TMC बगावत पर सपा की प्रतिक्रिया दिलचस्प है क्योंकि वह विपक्षी एकता को बनाए रखते हुए ममता बनर्जी को भी नहीं बचा रही — यह INDIA गठबंधन के भीतर की दरारों का संकेत हो सकता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा सांसद राजीव राय ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाए?
राजीव राय ने कहा कि सरकार विपक्षी सांसदों, मीडिया और जनता से अलग-अलग बातें करती है जबकि जमीनी हकीकत कुछ और होती है। उन्होंने सिंधु नदी जल विवाद और ओमान में भारतीय नाविकों पर हमले के संदर्भ में केंद्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।
ओमान में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हमले का मामला क्या है?
सपा सांसद राजीव राय के अनुसार ओमान में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर कथित अमेरिकी हमले हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 'मित्र' डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ इस मुद्दे पर कोई बयान क्यों नहीं दिया।
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद PM मोदी की खामोशी पर विपक्ष का क्या कहना है?
राजीव राय ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' से पहले PM मोदी हर मुद्दे पर सक्रिय रूप से बोलते थे, लेकिन अब वे खामोश हैं। उन्होंने तंज किया कि जो खुद को 'विश्व गुरु' कहलाते हैं, वे अंतरराष्ट्रीय अपमान पर चुप क्यों हैं।
TMC के 20 सांसदों की बगावत पर सपा का क्या रुख है?
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा कि बागी सांसद BJP में विलय नहीं कर रहे, जो उनकी वैचारिक स्वतंत्रता दर्शाता है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब तक TMC सत्ता में थी तब तक ये सांसद चुप रहे और हारते ही पार्टी छोड़ दी — इसे उन्होंने अवसरवाद बताया।
सिंधु नदी जल विवाद पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर विवाद क्यों है?
सपा सांसद राजीव राय ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सिंधु नदी जल संबंधी बयान को विरोधाभासी बताया। उनका कहना है कि सरकार अलग-अलग मंचों पर अलग-अलग बातें कहती है, जिससे उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठता है।
राष्ट्र प्रेस
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