मंत्री परिषद बैठक पर सपा सांसद राजीव राय का हमला: 'असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश'

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मंत्री परिषद बैठक पर सपा सांसद राजीव राय का हमला: 'असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश'

सारांश

सपा सांसद राजीव राय ने मंत्री परिषद की बैठक को 'असली मुद्दों से ध्यान भटकाने' की कोशिश बताया। PM पर टेलीप्रॉम्प्टर का तंज कसा, राहुल गांधी के विवादित बयान से खुद को अलग किया, और वंदे मातरम मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अंतिम माना।

मुख्य बातें

सपा सांसद राजीव राय ने 21 मई को मंत्री परिषद की बैठक को असली राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से ध्यान भटकाने की रणनीति बताया।
राय ने 'मेलोडी चॉकलेट', फोटो शूट और बैठक की चर्चाओं को विक्षेप की रणनीति का हिस्सा बताया।
राहुल गांधी के PM व गृह मंत्री पर दिए विवादित बयान से राय ने खुद को अलग किया, लेकिन PM पर टेलीप्रॉम्प्टर निर्भरता का तंज कसा।
पश्चिम बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम अनिवार्यता के मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को सर्वमान्य बताया।
राय ने कहा कि बैठक के बाद ही वे विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद राजीव राय ने 21 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा से वापसी के बाद बुलाई गई मंत्री परिषद की बैठक को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। राय ने आरोप लगाया कि इस तरह की बैठकें और उनके इर्द-गिर्द की चर्चाएँ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व के असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का माध्यम बन रही हैं।

मुख्य आरोप: ध्यान भटकाने की रणनीति

राजीव राय ने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा से जुड़े कई गंभीर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे हैं, जिन पर चर्चा होनी चाहिए। उनके अनुसार, इन मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए कभी 'मेलोडी चॉकलेट' की चर्चा उठाई जाती है, कभी फोटो शूट का मुद्दा सामने लाया जाता है, और कभी प्रधानमंत्री के विदेश से लौटते ही बैठक बुलाने को बड़ी बात बताई जाती है। राय ने स्पष्ट किया कि बैठक के बाद ही वे इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे।

राहुल गांधी के बयान पर सधी हुई प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को लेकर दिए गए विवादित बयान पर राजीव राय ने सावधानी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रधानमंत्री के लिए वैसे शब्दों का प्रयोग नहीं करेंगे जैसे राहुल गांधी ने किए। हालाँकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब 'विश्वगुरु' की छवि वाले प्रधानमंत्री पत्रकारों से नज़रें बचाकर निकलते हैं, तो देश खुद को ठगा हुआ महसूस करता है।

प्रधानमंत्री पर सवाल

राय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री का अपमान देश का अपमान है — लेकिन साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि प्रधानमंत्री को इतना भय क्यों है कि वे बिना टेलीप्रॉम्प्टर और लिखी हुई स्क्रिप्ट के बोलने में असमर्थ हैं। यह टिप्पणी विपक्ष की उस व्यापक आलोचना का हिस्सा है जो प्रधानमंत्री की मीडिया से दूरी को लेकर समय-समय पर उठती रही है।

वंदे मातरम विवाद पर संतुलित रुख

पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा मदरसों में 'वंदे मातरम' को अनिवार्य किए जाने के प्रश्न पर सपा सांसद ने संयमित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय के संज्ञान में है और न्यायालय का जो भी निर्णय आएगा, सभी पक्षों को उसे स्वीकार करना होगा। गौरतलब है कि यह मुद्दा राष्ट्रीय पहचान और धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता के बीच संतुलन को लेकर देशभर में बहस का विषय बना हुआ है।

राजनीतिक संदर्भ

यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं और प्रधानमंत्री की विदेश नीति तथा संसदीय जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रहे हैं। सपा का यह रुख संसद के आगामी सत्र में विपक्ष की रणनीति का संकेत भी माना जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो उसी 'ध्यान भटकाने' की प्रक्रिया में भागीदारी है। टेलीप्रॉम्प्टर वाला तंज नया नहीं है, पर यह उस व्यापक विपक्षी आख्यान को दोहराता है जो PM की मीडिया पहुँच पर सवाल उठाता रहा है। वंदे मातरम पर न्यायालय को अंतिम मध्यस्थ मानना राय की सावधानी दर्शाता है — यह एक ऐसा मुद्दा है जो सपा के वोटबैंक को सीधे प्रभावित करता है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा सांसद राजीव राय ने मंत्री परिषद की बैठक पर क्या कहा?
राजीव राय ने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा से वापसी के बाद बुलाई गई मंत्री परिषद की बैठक असली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि बैठक के बाद ही वे विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे।
राजीव राय ने राहुल गांधी के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
राय ने कहा कि वे प्रधानमंत्री के लिए वैसे शब्दों का प्रयोग नहीं करेंगे जैसे राहुल गांधी ने किए। हालाँकि उन्होंने यह ज़रूर कहा कि 'विश्वगुरु' की छवि वाले PM का पत्रकारों से नज़रें बचाना देश को ठगा हुआ महसूस कराता है।
राय ने PM मोदी पर टेलीप्रॉम्प्टर का तंज क्यों कसा?
राजीव राय ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री बिना टेलीप्रॉम्प्टर और लिखी हुई स्क्रिप्ट के बोलने में असमर्थ हैं। यह विपक्ष की उस व्यापक आलोचना का हिस्सा है जो PM की मीडिया से दूरी और सहज संवाद न करने पर सवाल उठाती है।
वंदे मातरम और मदरसे के विवाद पर सपा का क्या रुख है?
राजीव राय ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम अनिवार्यता का मामला सर्वोच्च न्यायालय के संज्ञान में है और न्यायालय का जो भी निर्णय आएगा, सभी पक्षों को उसे मानना होगा। सपा ने इस मुद्दे पर सीधा पक्ष लेने से परहेज किया।
मंत्री परिषद की बैठक का संदर्भ क्या है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा से वापसी के तुरंत बाद मंत्री परिषद की बैठक बुलाई गई। विपक्षी दलों, विशेषकर सपा, ने इस बैठक और उसके इर्द-गिर्द की चर्चाओं को असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की रणनीति बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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