CRS-34 मिशन: 6,500 पाउंड कार्गो लेकर ISS जाएगा SpaceX ड्रैगन, 16 मई को IST सुबह 3:35 बजे होगा लॉन्च
सारांश
मुख्य बातें
नासा और SpaceX का 34वाँ कमर्शियल रीसप्लाई सर्विस मिशन (CRS-34) अब 15 मई 2025 को शाम 6 बजकर 5 मिनट (EDT) पर लॉन्च होने के लिए तैयार है — भारतीय समयानुसार यह 16 मई की सुबह 3 बजकर 35 मिनट IST है। SpaceX ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए लगभग 6,500 पाउंड वैज्ञानिक उपकरण, खाद्य सामग्री और आवश्यक आपूर्ति लेकर रवाना होगा। 13 मई को खराब मौसम के कारण लॉन्च स्थगित होने के बाद यह नया लक्ष्य तय किया गया है।
लॉन्च विवरण और स्थान
यह मिशन फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन स्थित स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स-40 (SLC-40) से प्रक्षेपित किया जाएगा। नासा के अनुसार, 13 मई के प्रयास को 'अनविल क्लाउड नियम' के उल्लंघन के कारण रद्द करना पड़ा था — यह नियम रॉकेट को बिजली गिरने के जोखिम से बचाने के लिए लागू किया जाता है। नई लॉन्च विंडो न केवल कार्गो को ताज़ा बनाए रखने में सहायक होगी, बल्कि ISS के साथ सटीक 'फेजिंग' भी सुनिश्चित करेगी।
कार्गो में क्या है खास
CRS-34 मिशन के तहत ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ISS पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों के लिए जरूरी खाद्य सामग्री, चल रहे वैज्ञानिक प्रयोगों के उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण आपूर्ति पहुँचाएगा। यह नासा के कमर्शियल रीसप्लाई प्रोग्राम का 34वाँ मिशन है, जिसमें SpaceX के ड्रैगन कैप्सूल का उपयोग किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम वर्षों से ISS को निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
लाइव कवरेज कहाँ देखें
नासा का लाइव लॉन्च कवरेज 15 मई को शाम 5 बजकर 45 मिनट (EDT) से शुरू होगा — भारतीय दर्शक इसे नासा प्लस ऐप, Amazon Prime Video और नासा के आधिकारिक YouTube चैनल पर देख सकते हैं। ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के रविवार, 17 मई को सुबह करीब 7 बजे (EDT) ISS से डॉक करने की उम्मीद है, और डॉकिंग का लाइव प्रसारण सुबह 5 बजकर 30 मिनट (EDT) से उपलब्ध होगा।
मौसम की चुनौती और वैकल्पिक योजना
नासा और SpaceX की टीमें मौसम की स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं। यदि 15 मई को भी मौसम अनुकूल नहीं रहा, तो अगला लॉन्च अवसर बाद में निर्धारित किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब ISS पर अंतरिक्ष यात्रियों के लिए नियमित आपूर्ति की निरंतरता बेहद महत्वपूर्ण है।
आगे क्या होगा
सफल लॉन्च के बाद ड्रैगन कैप्सूल लगभग दो दिनों की यात्रा कर ISS तक पहुँचेगा। डॉकिंग के बाद अंतरिक्ष यात्री कार्गो को उतारना शुरू करेंगे। CRS-34 नासा के दीर्घकालिक अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंडे को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।