श्रीगंगानगर में नकली सैन्य वर्दी रैकेट का भंडाफोड़, सेना-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 1,000 मीटर कपड़ा जब्त
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना की खुफिया इकाइयों और राजस्थान पुलिस ने 30 जुलाई 2026 को श्रीगंगानगर जिले में एक समन्वित छापेमारी अभियान चलाते हुए नकली लड़ाकू वर्दी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में जिलेभर की कई दुकानों से लगभग 1,000 मीटर अनधिकृत सेना-पैटर्न लड़ाकू कपड़ा जब्त किया गया, जो कथित तौर पर नकली सैन्य वर्दी की आपूर्ति करने वाले एक व्यापक नेटवर्क का हिस्सा था।
मुख्य घटनाक्रम
जाँच की शुरुआत इस वर्ष जून में बरेली में हुई एक अलग जब्ती से हुई, जहाँ इसी प्रकार के नकली लड़ाकू कपड़े मिले थे। उस सुराग को खंगालने पर श्रीगंगानगर में एक विनिर्माण स्रोत की ओर संकेत मिला। इसके बाद भारतीय सेना के खुफिया कर्मियों ने शहर में स्वतंत्र रूप से जाँच की, जिसमें एक स्थानीय फर्म की पहचान हुई जो कथित तौर पर श्रीगंगानगर शहर के साथ-साथ लालगढ़ जट्टान, सूरतगढ़ और आसपास के बाज़ारों में दुकानों को नकली सेना-पैटर्न कपड़ा वितरित कर रही थी।
अभियान की रूपरेखा
जुलाई के मध्य में सेना की खुफिया इकाई ने राजस्थान पुलिस के साथ एक अंतरिम जाँच रिपोर्ट साझा की। इसके आधार पर 30 जुलाई को संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसमें सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने जिले की कई दुकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान लगभग 1,000 मीटर नए-पैटर्न का अनधिकृत नकली लड़ाकू कपड़ा बरामद किया गया।
कानूनी पहलू और सुरक्षा जोखिम
अधिकारियों के अनुसार, सैन्य-पैटर्न वाले लड़ाकू कपड़े का अनधिकृत कब्ज़ा, बिक्री या उपयोग एक दंडनीय अपराध है। यह सामग्री विशेष रूप से तब गंभीर सुरक्षा जोखिम उत्पन्न करती है जब इसका उपयोग सशस्त्र बलों के कर्मियों का प्रतिरूपण करने के लिए किया जा सकता हो। गौरतलब है कि सीमावर्ती राज्य राजस्थान में इस प्रकार के रैकेट की उपस्थिति सुरक्षा एजेंसियों के लिए विशेष चिंता का विषय है।
क्या होगा आगे
जब्त सामग्री को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया गया है और आपूर्ति श्रृंखला में शामिल अन्य कड़ियों की पहचान के लिए जाँच जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा एजेंसियाँ देशभर में नकली सैन्य सामग्री के प्रसार पर कड़ी नज़र रख रही हैं। आने वाले दिनों में इस रैकेट से जुड़े और संदिग्धों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।