3 जुलाई 2026
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एक्सपायर्ड अंतरराष्ट्रीय खाद्य उत्पादों की रीपैकेजिंग रैकेट का भंडाफोड़, दिल्ली पुलिस ने 7 को दबोचा

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एक्सपायर्ड अंतरराष्ट्रीय खाद्य उत्पादों की रीपैकेजिंग रैकेट का भंडाफोड़, दिल्ली पुलिस ने 7 को दबोचा

सारांश

दिल्ली पुलिस ने एक्सपायर्ड अंतरराष्ट्रीय ब्रांडेड खाद्य उत्पादों — थम्स अप, मैगी, बोर्नविटा समेत — पर नकली तिथियाँ और बारकोड चिपकाकर बेचने वाले संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया। ₹20 लाख से अधिक का माल बरामद, 7 गिरफ्तार। उत्पाद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाज़ारों में बेचे जाने थे।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 3 जुलाई 2026 को एक्सपायर्ड अंतरराष्ट्रीय खाद्य उत्पादों की रीपैकेजिंग में शामिल बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया।
₹20 लाख से अधिक मूल्य की वस्तुएँ बरामद; बरामद उत्पादों में थम्स अप, फैंटा, बोर्नविटा, हॉर्लिक्स, मैगी नूडल्स, पेपर बोट शामिल।
रैकेट वेस्टेन कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पंजीकृत था; मालिक दर्शन सिंह सचदेवा सहित 7 आरोपी गिरफ्तार ।
आरोपी नकली बारकोड, बैच नंबर, एमआरपी स्टिकर और बदली हुई समाप्ति तिथि के साथ उत्पाद बेच रहे थे।
उत्पाद देश भर के बाज़ारों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भी बेचे जाने की तैयारी में थे।

दिल्ली पुलिस ने 3 जुलाई 2026 को एक बड़े संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया, जो एक्सपायर हो चुके अंतरराष्ट्रीय ब्रांडेड खाद्य उत्पादों की समाप्ति तिथि में हेराफेरी कर उन्हें ताज़े उत्पादों के रूप में बाज़ार में बेच रहा था। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में ₹20 लाख से अधिक मूल्य की वस्तुएँ बरामद की गई हैं और 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस को गुप्त सूचना के आधार पर यह अभियान शुरू किया गया था, जिसका प्रारंभिक उद्देश्य बाल श्रम बचाव मिशन था। तलाशी के दौरान कोई भी नाबालिग काम करता नहीं पाया गया, लेकिन पूछताछ और छापेमारी से एक सुनियोजित खाद्य मिलावट रैकेट का खुलासा हुआ। जाँच में सामने आया कि आरोपी एक्सपायर्ड अंतरराष्ट्रीय खाद्य उत्पाद बेहद सस्ते दामों पर खरीदते थे और उन्हें नए लेबल लगाकर असली उत्पादों की तरह बेचते थे।

रैकेट का तरीकाकार

पुलिस के अनुसार, आरोपी एक्सपायर्ड उत्पादों पर नकली बारकोड, बैच नंबर और एमआरपी स्टिकर चिपकाते थे। मैन्युफैक्चरिंग और समाप्ति तिथियों को बदला जाता था, पोषण मूल्य संबंधी जानकारी में भी फेरबदल किया जाता था और उत्पादों को ताज़ा दिखने वाले रैपर में दोबारा पैक किया जाता था। इन उत्पादों को देश भर में खुले बाज़ारों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों के ज़रिये बेचे जाने की तैयारी थी।

बरामद वस्तुओं में थम्स अप, फैंटा, बोर्नविटा, हॉर्लिक्स, घी, मैगी नूडल्स, 2-लीटर कोल्ड ड्रिंक पैक, कोल्ड ड्रिंक के डिब्बे और पेपर बोट जैसे जाने-माने ब्रांडों के उत्पाद शामिल हैं।

कंपनी और आरोपियों की पहचान

जाँच में सामने आया कि यह रैकेट वेस्टेन कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पंजीकृत कंपनी के ज़रिये संचालित हो रहा था। कंपनी के मालिक की पहचान दर्शन सिंह सचदेवा के रूप में हुई है। पुलिस ने दर्शन सिंह सचदेवा, नितेश भारद्वाज, नरेंद्र कुमार, कपिल, लकी ओझा, प्रेम यादव और पवन कुमार यादव — कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आम जनता पर असर

यह रैकेट सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा था, क्योंकि एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों का सेवन गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। गौरतलब है कि ये उत्पाद न केवल घरेलू बाज़ार में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भी निर्यात किए जाने की प्रक्रिया में थे, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।

क्या होगा आगे

पुलिस आरोपियों के नेटवर्क और उन आपूर्तिकर्ताओं की जाँच कर रही है जो एक्सपायर्ड उत्पाद सस्ते दामों पर उपलब्ध कराते थे। यह भी जाँचा जा रहा है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर इन उत्पादों की बिक्री किस हद तक हो चुकी थी। खाद्य सुरक्षा नियामक एजेंसियों को भी मामले की जानकारी दी जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद रीपैकेजिंग रैकेट क्या है?
दिल्ली पुलिस ने 3 जुलाई 2026 को एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया जो एक्सपायर्ड अंतरराष्ट्रीय ब्रांडेड खाद्य उत्पादों पर नकली समाप्ति तिथि, बारकोड और एमआरपी स्टिकर लगाकर उन्हें ताज़े उत्पादों के रूप में बेच रहा था। ₹20 लाख से अधिक मूल्य की वस्तुएँ बरामद की गई हैं।
इस रैकेट में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया और कौन हैं?
पुलिस ने कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है — दर्शन सिंह सचदेवा (कंपनी मालिक), नितेश भारद्वाज, नरेंद्र कुमार, कपिल, लकी ओझा, प्रेम यादव और पवन कुमार यादव। यह रैकेट वेस्टेन कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पंजीकृत कंपनी के ज़रिये चलाया जा रहा था।
इस रैकेट में कौन-से ब्रांडों के उत्पाद बरामद हुए?
बरामद उत्पादों में थम्स अप, फैंटा, बोर्नविटा, हॉर्लिक्स, घी, मैगी नूडल्स, 2-लीटर कोल्ड ड्रिंक पैक, कोल्ड ड्रिंक के डिब्बे और पेपर बोट शामिल हैं। ये सभी जाने-माने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू ब्रांड हैं जिनके एक्सपायर्ड उत्पादों पर नकली लेबल लगाए जा रहे थे।
आरोपी एक्सपायर्ड उत्पादों को कैसे बेचते थे?
आरोपी एक्सपायर्ड उत्पाद बेहद सस्ते दामों पर खरीदते थे, फिर मैन्युफैक्चरिंग और समाप्ति तिथियाँ बदलते थे, नकली बारकोड और बैच नंबर चिपकाते थे और उत्पादों को ताज़ा दिखने वाले रैपर में दोबारा पैक करते थे। इन्हें घरेलू बाज़ारों, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में बेचा जाना था।
इस रैकेट का भंडाफोड़ कैसे हुआ?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर शुरुआत में बाल श्रम बचाव मिशन चलाया गया। तलाशी में कोई नाबालिग नहीं मिला, लेकिन पूछताछ और छापेमारी से एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों की रीपैकेजिंग के संगठित रैकेट का खुलासा हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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