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संदीप पाटिल: 1983 विश्व कप विजेता बल्लेबाज जो कोच बनकर केन्या को सेमीफाइनल तक ले गए

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संदीप पाटिल: 1983 विश्व कप विजेता बल्लेबाज जो कोच बनकर केन्या को सेमीफाइनल तक ले गए

सारांश

बल्लेबाज, अभिनेता, कोच और चयनकर्ता — संदीप पाटिल का सफर भारतीय क्रिकेट की चौहद्दी से कहीं आगे तक जाता है। 1983 विश्व कप की जीत से लेकर केन्या को 2003 सेमीफाइनल तक पहुँचाने और BCCI चयन समिति की अध्यक्षता तक, उनका योगदान बहुआयामी रहा है।

मुख्य बातें

संदीप पाटिल का जन्म 18 अगस्त 1956 को बॉम्बे में हुआ; पिता मधुसूदन पाटिल भी मुंबई के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल चुके थे।
टेस्ट करियर: 29 मैच , 1,588 रन , औसत 36.93 , 4 शतक ; वनडे: 45 मैच , 1,005 रन , 9 अर्धशतक ।
1982 मैनचेस्टर टेस्ट में बॉब विलिस के एक ओवर में 6 चौके और 129 रन की नाबाद पारी — भारतीय क्रिकेट इतिहास का यादगार क्षण।
1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य; सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 32 रन की अहम पारी।
नवंबर 1996 से केन्या के कोच बने; उनकी कोचिंग में केन्या ने 2003 विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई।
दिसंबर 2012 से सितंबर 2016 तक बीसीसीआई चयन समिति के अध्यक्ष; कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2013 जीती।

संदीप पाटिल भारतीय क्रिकेट के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में हैं जिन्होंने मैदान पर अपनी आक्रामक शैली, मैदान के बाहर अभिनय और बाद में कोचिंग — तीनों क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई। 1983 क्रिकेट विश्व कप की विजेता भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे पाटिल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 29 टेस्ट और 45 वनडे मुकाबले खेले और कई यादगार पारियों से भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में स्थायी जगह बनाई।

प्रारंभिक जीवन और क्रिकेट की विरासत

18 अगस्त 1956 को बॉम्बे में जन्मे संदीप पाटिल के पिता मधुसूदन पाटिल मुंबई की ओर से 5 प्रथम श्रेणी मैच खेल चुके थे। पिता की क्रिकेट विरासत को आगे बढ़ाते हुए संदीप ने बल्लेबाजी में अपनी अलग पहचान बनाई। मध्यक्रम में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी भारतीय टीम की रीढ़ बनती थी, वहीं उनकी मीडियम पेस गेंदबाजी भी कई मौकों पर टीम के लिए कारगर साबित हुई।

अंतरराष्ट्रीय करियर और आँकड़े

संदीप पाटिल ने 15 जनवरी 1980 को पाकिस्तान के विरुद्ध टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। उसी वर्ष 6 दिसंबर को उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे फॉर्मेट में भी कदम रखा।

टेस्ट करियर में पाटिल ने 29 मुकाबलों में 36.93 की औसत से 1,588 रन बनाए, जिनमें 4 शतक शामिल रहे। वनडे में 45 मैचों में 24.51 की औसत से 1,005 रन और 9 अर्धशतक उनके नाम हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 130 मुकाबलों में 8,156 रन और लिस्ट-ए क्रिकेट में 73 मैचों में 1,741 रन उनके करियर की गहराई को दर्शाते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने 24 विकेट भी हासिल किए।

ऐतिहासिक पारियाँ और यादगार क्षण

1982 में मैनचेस्टर टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ पाटिल ने 129 रन की नाबाद पारी खेली। इस पारी में उन्होंने तेज गेंदबाज बॉब विलिस के एक ही ओवर में पाँच चौके लगाए — हालाँकि उस ओवर में एक नो-बॉल पर भी चौका आया था, जिससे कुल 6 चौके (4,4,4,0,4,4,4) उस ओवर में दर्ज हुए। यह पारी आज भी भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे साहसी पारियों में गिनी जाती है।

1983 विश्व कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उनकी 32 रन की पारी ने भारत की जीत में योगदान दिया, और टीम ऐतिहासिक खिताब तक पहुँची।

अभिनय से कोचिंग तक का सफर

क्रिकेट से संन्यास के बाद पाटिल ने 1985 में फिल्म 'कभी अजनबी थे' से बॉलीवुड में कदम रखा, जिसमें पूनम ढिल्लों और देबश्री रॉय भी थीं। हालाँकि अभिनय का यह अध्याय एक ही फिल्म तक सीमित रहा।

इसके बाद पाटिल ने कोचिंग को अपना मंच बनाया। नवंबर 1996 में वे केन्या क्रिकेट टीम के कोच बने। उनकी अगुआई में केन्या ने वनडे विश्व कप 2003 में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, जहाँ उसे भारत के हाथों 91 रन से हार मिली। इसके अलावा वे ओमान क्रिकेट टीम और भारत-ए टीम के कोच भी रहे।

बीसीसीआई में योगदान और विरासत

संदीप पाटिल ने दिसंबर 2012 से सितंबर 2016 तक बीसीसीआई चयन समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाई। उनके कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2013 का खिताब जीता। खिलाड़ी से कोच और प्रशासक तक का उनका सफर भारतीय क्रिकेट के लिए मेहनत, साहस और निरंतरता की मिसाल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की क्रिकेट चर्चा में अपेक्षित स्थान नहीं मिलता। BCCI चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल चैंपियंस ट्रॉफी 2013 की जीत के साथ जुड़ा है, फिर भी उनका नाम भारतीय क्रिकेट प्रशासन की चर्चाओं में अक्सर हाशिये पर रहता है — यह विचारणीय है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संदीप पाटिल कौन हैं और उनका क्रिकेट करियर कैसा रहा?
संदीप पाटिल भारत के पूर्व आक्रामक मध्यक्रम बल्लेबाज हैं, जिन्होंने 29 टेस्ट में 1,588 रन और 45 वनडे में 1,005 रन बनाए। वे 1983 विश्व कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य थे और अपनी निडर बल्लेबाजी शैली के लिए जाने जाते हैं।
संदीप पाटिल का 1982 मैनचेस्टर टेस्ट में क्या कारनामा था?
1982 के मैनचेस्टर टेस्ट में संदीप पाटिल ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज बॉब विलिस के एक ओवर में 6 चौके लगाए और 129 रन की नाबाद पारी खेली। यह भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे आक्रामक पारियों में गिनी जाती है।
संदीप पाटिल ने केन्या क्रिकेट टीम को कैसे संवारा?
नवंबर 1996 में केन्या के कोच बनने के बाद संदीप पाटिल ने टीम का स्तर उल्लेखनीय रूप से ऊँचा उठाया। उनकी कोचिंग में केन्या ने 2003 वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, जहाँ उसे भारत के हाथों 91 रन से हार मिली।
बीसीसीआई चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में संदीप पाटिल का कार्यकाल कब था?
संदीप पाटिल ने दिसंबर 2012 से सितंबर 2016 तक बीसीसीआई चयन समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाई। उनके कार्यकाल में भारत ने 2013 चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता।
क्या संदीप पाटिल ने बॉलीवुड में भी काम किया?
हाँ, क्रिकेट से संन्यास के बाद संदीप पाटिल ने 1985 में फिल्म 'कभी अजनबी थे' से अभिनय में कदम रखा, जिसमें पूनम ढिल्लों और देबश्री रॉय भी थीं। हालाँकि यह उनकी एकमात्र फिल्म रही।
राष्ट्र प्रेस
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