संदीप पाटिल मुंबई क्रिकेट के मेंटर नियुक्त, 2026-27 सत्र में सभी पुरुष टीमों को देंगे मार्गदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज संदीप पाटिल को घरेलू सत्र 2026-27 के लिए मुंबई की हर स्तर की पुरुष क्रिकेट टीम का मेंटर नियुक्त किया गया है। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) ने बुधवार, 24 जून 2026 को यह घोषणा की। 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे पाटिल का यह कदम मुंबई क्रिकेट के विकास ढाँचे को नई दिशा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मेंटर की भूमिका और जिम्मेदारियाँ
पाटिल मुंबई की सभी पुरुष टीमों के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को रणनीतिक मार्गदर्शन, तकनीकी विशेषज्ञता, नेतृत्व विकास और प्रेरक सहयोग प्रदान करेंगे। इसके साथ ही वे मैच समीक्षा, प्रतिभाओं की पहचान, तैयारी कैंप और टूर्नामेंट के दौरान भी सक्रिय भूमिका निभाएँगे।
गौरतलब है कि पाटिल ने 1980 से 1986 के बीच भारत के लिए 29 टेस्ट और 45 वनडे मैच खेले। उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी शैली और मुंबई क्रिकेट की गहरी समझ उन्हें इस भूमिका के लिए स्वाभाविक विकल्प बनाती है।
एमसीए अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
एमसीए अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने कहा, 'संदीप पाटिल के मेंटर बनने से हमारे खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को बहुत फायदा होगा। खेल के सबसे ऊंचे स्तर पर उनका व्यापक अनुभव, मुंबई क्रिकेट की उनकी गहरी समझ के साथ मिलकर, क्रिकेटरों की अगली पीढ़ी को तैयार करने में मदद करेगा।'
महिला क्रिकेट को भी मिली नई कोऑर्डिनेटर
एमसीए ने महिला क्रिकेट को मज़बूत करने के लिए भारत की पूर्व क्रिकेटर अरुंधति घोष को महिला टूर्नामेंट कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया है। घोष ने भारत के लिए 8 टेस्ट और 11 वनडे खेले हैं। वे महिला टूर्नामेंट, स्थानीय लीग, चयन ट्रायल और विशेष कैंप की योजनाओं की जिम्मेदारी संभालेंगी और खिलाड़ियों, कोच, चयनकर्ताओं व एमसीए प्रशासन के साथ समन्वय करेंगी।
नाइक ने अरुंधति की नियुक्ति पर कहा, 'हम अपने अधिकार क्षेत्र में महिला क्रिकेट को बढ़ाने और मजबूत करने की अपनी कोशिशों को जारी रखते हुए अरुंधति घोष का महिला टूर्नामेंट कोऑर्डिनेटर के तौर पर स्वागत करते हुए खुश हैं।'
एमसीए की व्यापक रणनीति
एमसीए सचिव प्रो. डॉ. उन्मेश खानविलकर ने कहा कि ये नियुक्तियाँ इस सीजन के लिए एक मज़बूत सहयोग संरचना बनाने की एसोसिएशन की बड़ी पहल का हिस्सा हैं। यह ऐसे समय में आया है जब घरेलू क्रिकेट में राज्य संघों की भूमिका और प्रतिभा-पोषण तंत्र पर राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान बढ़ा है। मुंबई क्रिकेट की ऐतिहासिक रूप से समृद्ध विरासत को देखते हुए ये नियुक्तियाँ अगले घरेलू सत्र में टीम की प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए निर्णायक साबित हो सकती हैं।