क्या सुधांशु त्रिवेदी ने उत्तर-दक्षिण विवाद पर बेबाक बात की?

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क्या सुधांशु त्रिवेदी ने उत्तर-दक्षिण विवाद पर बेबाक बात की?

सारांश

दिल्ली में आयोजित शब्दोत्सव 2026 में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने उत्तर-दक्षिण विवाद पर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति में हर शब्द एक उत्सव है और दक्षिण भारत में भाजपा के उत्थान की चर्चा की। जानिए उन्होंने क्या कहा और युवाओं के लिए क्या संदेश दिया।

Key Takeaways

  • भारत की संस्कृति में हर शब्द उत्सव है।
  • दक्षिण भारत में भाजपा का उत्थान अभूतपूर्व है।
  • राजनीतिक विवादों को सांस्कृतिक संवाद से सुलझाना चाहिए।
  • युवाओं को भविष्य के प्रति स्पष्ट रहना चाहिए।
  • भाषाई और जातीय पहचान पर ध्यान देना आवश्यक है।

नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शब्दोत्सव 2026 का आयोजन नई दिल्ली में किया गया है। दूसरे दिन इस उत्सव में भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी और हैदराबाद से असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ चुनाव लड़ चुकीं माधवी लता शामिल हुईं।

कार्यक्रम में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भारत की संस्कृति एकमात्र ऐसी संस्कृति है जिसमें हर शब्द एक उत्सव होता है। प्राचीन काल में अगर हमारे वेद छंदों में लिखे गए, तो वहां से मंदिरों में होने वाले भजन और रामचरितमानस की चौपाइयों तक हर शब्द छंद में लिखा गया है।

दक्षिण भारत में भाजपा के उत्थान को लेकर उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब भाजपा ने तिरुवनंतपुरम के नगर निगम चुनाव में स्पष्ट बहुमत प्राप्त कर केरल की राजधानी में अपना प्रभुत्व स्थापित किया है। यह केवल राजनीतिक विषय नहीं है, बल्कि पिछले दस वर्षों में दक्षिण भारत में अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय में माइक्रोसॉफ्ट ने जब अमेरिका के बाहर अपना कार्यालय खोला, तो वह बेंगलुरु में खोला गया।

उन्होंने बताया कि अमेज़न भी अमेरिका के बाहर अपना सबसे बड़ा ऑफिस हैदराबाद में बना रहा है। आईफोन ने अपनी सबसे बड़ी फैक्ट्री बेंगलुरु और कर्नाटक में स्थापित की है। चिप बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी चीन के बाहर कर्नाटक और तमिलनाडु में अपनी फैक्ट्री स्थापित कर रही है। इसके साथ ही भारत सरकार ने दो डिफेंस कॉरिडोर बनाए हैं, एक उत्तर भारत के लिए और दूसरा दक्षिण भारत के लिए।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि उत्तर भारत वाला कॉरिडोर उत्तर प्रदेश में है, जहां हमारी सरकार है। दूसरा तमिलनाडु में है, जहां हमारी सरकार नहीं है। यह दर्शाता है कि दक्षिण में कितना बदलाव आ रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उत्तर और दक्षिण के बीच एक विचित्र वातावरण बनाने का प्रयास लंबे समय से किया जाता रहा है। यह भारत के कई विशिष्ट प्रतिष्ठानों की तरफ से किया जा रहा था, जो सत्य से बिल्कुल परे था।

उन्होंने कहा कि भाषाई, प्रांतीय और जातीय पहचान के आधार पर विवाद उत्पन्न करने की कोशिशों की पहचान करने की जरूरत है। उदाहरण देते हुए कहा कि तमिलनाडु के एक मंत्री ने 2023 के चुनाव में कहा था कि भाजपा केवल गोमूत्र वाले राज्यों में ही जीत सकती है। उन्होंने कहा कि गोमूत्र का एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल उपचार अमेरिका में पेटेंट है। उन्होंने पेटेंट का नंबर बताते हुए सवाल किया कि मंत्री को इसकी जानकारी नहीं है और वह उत्तर-दक्षिण के बीच मतभेद उत्पन्न करने के लिए षड्यंत्र कर रहे हैं।

सुधांशु त्रिवेदी ने उत्तर-दक्षिण के बीच संबंध बताते हुए कहा कि जब श्रीराम जन्मभूमि का उद्घाटन होना था, तब प्रधानमंत्री ने 11 दिन का उपवास रखकर भारत के जिन-जिन मंदिरों का भ्रमण किया, उनमें तमिलनाडु का रंगनाथस्वामी मंदिर भी शामिल है। वहां की मान्यता है कि अयोध्या के कुलदेवता रंगनाथस्वामी के रूप में वहां विराजमान हैं।

दक्षिण भारत में भाजपा की पहुंच पर उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की अधिकांश राजनीतिक पार्टियों के नाम में 'द्रविड़' शब्द का उपयोग किया गया है, लेकिन 'द्रविड़' शब्द तमिल भाषा का नहीं है। 'द्रविड़' एक संस्कृति है, जिसका अर्थ है 'जो क्षेत्र जल से घिरा है, उसे द्रविड़ कहा जाता है।'

उन्होंने ओवैसी के संदर्भ में कहा कि जब योगी मठ में जाएंगे और मोदी हिमालय पर जाएंगे, तो तुम्हें बचाने कौन आएगा। उन्होंने कहा कि ओवैसी को सबक सिखाने की आवश्यकता नहीं है। हैदराबाद के चुनाव में रेवंत रेड्डी ने कहा था, 'कांग्रेस मतलब मुसलमान और मुसलमान मतलब कांग्रेस।' अब मुसलमानों के बीच मुकाबला है।

उन्होंने कहा कि उत्तर और दक्षिण को आपस में लड़ाने के लिए तरह-तरह के तरीके खोजे जाते हैं। हमारे यहां विविधता है और उसे विभाजकता बनाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि ओवैसी कभी कहते हैं कि मुझे तमिल में बोलना है? कभी असम के बदरुद्दीन कहते हैं कि मुझे असमिया बोलना है? महबूबा मुफ्ती कश्मीरी भाषा में बोलने की बात करती हैं।

उन्होंने कहा कि इस पर गंभीरता से सोचिए। विभाजन की बात यहीं नहीं रुकती। मुस्लिम समाज में निचली जाति के लोगों को ऊंची जाति के लोगों के खिलाफ नहीं खड़ा किया जा सकता, लेकिन हमारे यहां (हिंदू धर्म) अगड़े-पिछड़े को लड़ाया जाएगा। भाषा के आधार पर लड़ाया जाएगा। जलन पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

सुधांशु त्रिवेदी ने युवाओं से कहा कि प्रेम में कभी ब्रेकअप नहीं होता। यदि ब्रेकअप होता है, तो वह प्रेम नहीं होता। आंखों से उतरकर अफसाना कब नीले ड्रम में पहुंच जाए, पता नहीं चलता। इसलिए अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट रहिए।

उन्होंने सभी बच्चियों से अपील की कि रामायण में जब रावण सीताहरण के लिए आया, तो असली वेश में नहीं आया था। वह साधु बनकर आया था, इसलिए किसी के चेहरे पर मत जाइएगा। उन्होंने कहा, 'बिटिया, इस संसार में संभलकर चलो, न जाने किस वेश में कब रावण मिल जाए।' लड़कों से उन्होंने कहा, 'बेटे, इस संसार में संभलकर चलो, न जाने किस मोड़ पर कब शूर्पणखा मिल जाए।'

Point of View

NationPress
04/01/2026

Frequently Asked Questions

शब्दोत्सव 2026 का आयोजन कब हुआ?
शब्दोत्सव 2026 का आयोजन 3 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में हुआ।
सुधांशु त्रिवेदी ने क्या कहा?
उन्होंने भारत की संस्कृति में हर शब्द के उत्सव होने की बात की और दक्षिण भारत में भाजपा के उत्थान पर प्रकाश डाला।
माधवी लता किसके खिलाफ चुनाव लड़ चुकी हैं?
माधवी लता ने हैदराबाद से असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
क्या सुधांशु त्रिवेदी ने युवाओं को कोई संदेश दिया?
हाँ, उन्होंने युवाओं से कहा कि प्रेम में कभी ब्रेकअप नहीं होता और भविष्य के प्रति स्पष्ट रहना चाहिए।
दक्षिण भारत में भाजपा के उत्थान की चर्चा क्यों की गई?
क्योंकि भाजपा ने तिरुवनंतपुरम के नगर निगम चुनाव में स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया है।
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