अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी न्याय की गुहार, हाईकोर्ट पर उठाए सवाल

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अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी न्याय की गुहार, हाईकोर्ट पर उठाए सवाल

सारांश

दिल्ली शराब घोटाले में फंसे अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सीबीआई की अपील को लेकर हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की है। जानिए इस मामले की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • सीबीआई की अपील पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।
  • अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
  • ईडी ने भी ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों को चुनौती दी है।
  • बेंच बदलने की मांग पर मुख्य न्यायाधीश ने अस्वीकृति जताई थी।
  • आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं का आरोप।

नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली शराब घोटाले के मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अपील पर सुनवाई कर रही दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच से मामले को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया है।

केजरीवाल ने अपनी याचिका में कहा कि यदि यही जज सुनवाई करेंगे तो निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं होगी। इससे पहले, उन्होंने बेंच बदलने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को पत्र लिखा था, जिसे अस्वीकार कर दिया गया था। सोमवार को इसी मामले पर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच में सुनवाई होगी।

यह मामला सीबीआई की उस याचिका से संबंधित है जिसमें उसने ट्रायल कोर्ट के उस निर्णय को चुनौती दी है, जिसमें इस मामले के सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया गया था, जिनमें केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी शामिल हैं। हाल ही में, जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने सीबीआई की याचिका पर केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य को नोटिस भी जारी किया था।

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के 9 मार्च के आदेश को भी चुनौती दी है, जिसमें बेंच ने बिना उनका पक्ष सुने सीबीआई के जांच अधिकारी से संबंधित निचली अदालत की टिप्पणी पर रोक लगा दी थी। केजरीवाल की ओर से सोमवार को चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष शीघ्र सुनवाई की मांग की जा सकती है।

इस बीच, ईडी ने भी एक याचिका दायर कर ट्रायल कोर्ट की उन टिप्पणियों को हटाने की मांग की है जो उसके खिलाफ की गई थीं। ईडी का कहना है कि जब ट्रायल कोर्ट ने यह फैसला लिया था, तब वह उस मामले में पक्षकार नहीं थी और उसे अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिला। सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अदालत में कहा कि ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियां ईडी की चल रही जांच को प्रभावित कर सकती हैं, जो प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत चल रही है।

वहीं, हाईकोर्ट ने कहा कि ईडी की शिकायत पर भी उसी समय विचार किया जाएगा जब सीबीआई की याचिका पर सुनवाई होगी, क्योंकि ट्रायल कोर्ट के पूरे फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। सीबीआई का कहना है कि ट्रायल कोर्ट का निर्णय गलत है और बिना मुकदमे के ही आरोपियों को बरी कर दिया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, आबकारी नीति में कथित रूप से कुछ निजी शराब कंपनियों को लाभ पहुँचाने के लिए संशोधन किए गए थे और इसके बदले रिश्वत ली गई थी।

Point of View

जो लोकतंत्र की नींव है।
NationPress
15/03/2026

Frequently Asked Questions

अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में क्या याचिका दायर की है?
उन्होंने सीबीआई की अपील पर सुनवाई कर रही दिल्ली हाईकोर्ट की बेंच को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की है।
दिल्ली हाईकोर्ट का क्या निर्णय था?
हाईकोर्ट ने सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया था, जिसमें अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी शामिल हैं।
ईडी ने कोर्ट में क्या याचिका दायर की है?
ईडी ने ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों को हटाने की मांग की है, जो उसके खिलाफ की गई थीं।
इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
अगली सुनवाई सोमवार को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच में होगी।
आबकारी नीति में क्या आरोप लगे हैं?
आरोप है कि कुछ निजी शराब कंपनियों को लाभ पहुँचाने के लिए नीति में बदलाव किए गए और इसके बदले रिश्वत ली गई।
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