दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल और सिसोदिया को 5 अप्रैल तक उत्तर देने का निर्देश दिया
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली हाईकोर्ट ने 5 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।
- सीबीआई ने केजरीवाल पर पूर्वाग्रह का आरोप लगाया।
- अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी।
- जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है।
- केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित शराब घोटाले से संबंधित सीबीआई मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी नेता मनीष सिसोदिया को 5 अप्रैल तक जवाब पेश करने का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। केजरीवाल के वकील ने उच्च न्यायालय में सीबीआई की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने इस मामले में हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने पेशी दी।
सीबीआई की ओर से पेश एसजी तुषार मेहता ने कहा कि इस मामले में उचित न्याय नहीं हुआ है। उन्होंने सभी रिकॉर्ड को कोर्ट के समक्ष पेश कर सुनवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल न्याय व्यवस्था और सीबीआई के खिलाफ पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं।
जस्टिस शर्मा के नेतृत्व वाली बेंच ने पूछा, "क्या किसी ने जवाब दाखिल नहीं किया है?" सुनवाई के दौरान बेंच ने प्रतिवादियों से पूछा कि क्या उन्हें और समय चाहिए। इस पर प्रतिवादियों ने कोर्ट से समय मांगा।
एसजी तुषार मेहता ने आपत्ति जताते हुए कहा, "यह अब एक प्रथा बन गई है। वे आरोप लगाते हैं और फिर भाग जाते हैं। ऐसे मुकदमेबाजों को प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोपों को अपना पेशा बना लिया है।" केजरीवाल के वकील ने उत्तर देते हुए कहा कि हम केवल अवसर की मांग कर रहे हैं।
उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि जवाब हर हाल में 5 अप्रैल तक दाखिल किया जाना चाहिए। अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी।
जस्टिस शर्मा ने आदेश में यह भी दर्ज किया कि सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है। बेंच ने कहा, "मैंने यह दर्ज कर लिया है कि आपने याचिका दाखिल की है और आप मुझे इस बारे में सूचित कर चुके हैं।"