भारतीय जहाजों की सुरक्षा को लेकर सुरेंद्र राजपूत का केंद्र सरकार पर कड़ा आरोप
सारांश
Key Takeaways
- केंद्र सरकार से सही जानकारी की मांग।
- ईरान से संबंधित समाचारों का खंडन।
- अफवाहों पर रोक लगाने की आवश्यकता।
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर नैतिक प्रश्न।
- विपक्ष का चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होना।
लखनऊ, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने केंद्र सरकार, लोकसभा अध्यक्ष और चुनाव आयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए, न कि 'सूत्रों' के आधार पर झूठी खबरें फैलानी चाहिए।
सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि सरकार यह दावा कर रही है कि ईरान ने भारत के जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह सच है, तो सरकार को बताना चाहिए कि इस बातचीत का वास्तविक परिणाम क्या है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकार 'सूत्रों' के माध्यम से झूठी सूचनाएं फैला रही है, और ईरान के विदेश और रक्षा मंत्रालय ने भी इन खबरों का खंडन किया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्री को संवाद स्थापित करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हॉर्मुज की खाड़ी में फंसे भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। सरकार का कार्य अफवाहें फैलाना नहीं, बल्कि उनकी रोकथाम करना होना चाहिए।
राजपूत ने कहा कि जब सरकार खुद ही 'सूत्रों' के जरिए गलत सूचनाएं फैलाएगी, तो इससे देश में घबराहट और अफवाहों का माहौल बनेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस तरह की गलत सूचनाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए।
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें अपने कथित पक्षपाती रवैये के लिए माफी मांगनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से तो ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष हैं, लेकिन नैतिक रूप से उन्होंने इस पद की गरिमा खो दी है।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में विपक्ष ने एकजुट होकर चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाई है। विपक्ष संसद में इस मुद्दे को उठाने जा रहा है और इस पर खुलकर चर्चा होगी। चर्चा के बाद 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो जाएगा, और यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है, तो सच्चाई सामने आएगी।