8 नवंबर 2026
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महिला अपराध और नशा तस्करी पर पुलिस को खुली छूट, राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं चलेगा: CM सुवेंदु अधिकारी

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महिला अपराध और नशा तस्करी पर पुलिस को खुली छूट, राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं चलेगा: CM सुवेंदु अधिकारी

सारांश

पश्चिम बंगाल के CM सुवेंदु अधिकारी ने महिला अपराध और नशा तस्करी पर पुलिस को खुली छूट देने का ऐलान किया। साथ ही थानों में तोड़फोड़ पर ब्याज सहित वसूली और पुलिसकर्मियों पर हमले पर वर्षों की जेल की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

CM सुवेंदु अधिकारी ने महिला अपराध और नशा तस्करी पर पुलिस को पूरी स्वतंत्रता देने की घोषणा की।
इन मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप पूरी तरह अस्वीकार्य बताया गया।
थानों या पुलिस चौकियों में तोड़फोड़ करने वालों से नुकसान ब्याज सहित वसूला जाएगा; हमलावरों को वर्षों तक जेल में रहना होगा।
नई सरकार अब तक पुलिस बल में 11,000 कर्मियों की भर्ती कर चुकी है; अभी भी 46,000 पद रिक्त हैं।
आगामी भर्ती अभियान में 6,345 महिला पुलिसकर्मी और 4,000 कांस्टेबल नियुक्त किए जाएंगे।
असम के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के साथ MOU किया गया; दिसंबर-जनवरी में भर्ती प्रक्रिया फिर शुरू होगी।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 7 नवंबर 2026 को स्पष्ट कर दिया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए पुलिस को पूरी स्वतंत्रता दी जा चुकी है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि इन दोनों मामलों में किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव या हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।

नव नियुक्त अधिकारियों को दिया संबोधन

मुख्यमंत्री अधिकारी कोलकाता स्थित पुलिस मुख्यालय लालबाजार में नव नियुक्त पुलिस सब-इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के अवसर पर बोल रहे थे। गौरतलब है कि वे राज्य के पुलिस मंत्री का दायित्व भी स्वयं संभाल रहे हैं, जो उनके इस बयान को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।

उन्होंने कहा, 'मैंने पुलिस को दो मुद्दों पर पूरी छूट दी है — पहला महिलाओं के खिलाफ अपराध और दूसरा नशा तस्करी। इन दोनों मामलों में किसी भी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा।'

पुलिस पर हमले को लेकर सख्त चेतावनी

पुलिसकर्मियों पर हमले और थानों में तोड़फोड़ के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को 'वर्षों तक जेल में रहना होगा।' उन्होंने यह भी घोषणा की कि किसी थाने या पुलिस चौकी में तोड़फोड़ करने वालों से नुकसान की राशि ब्याज सहित वसूल की जाएगी।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर बहस तेज है और पुलिस बल के आधुनिकीकरण की माँग लंबे समय से उठती रही है।

पुलिस बल में भर्ती और सुधार

अधिकारी ने दावा किया कि पिछली ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान पुलिस भर्ती पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था। उन्होंने बताया कि नई सरकार अब तक राज्य पुलिस बल में 11,000 कर्मियों की भर्ती कर चुकी है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अभी 46,000 पद रिक्त हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा।

आगामी भर्ती अभियान में 6,345 महिला पुलिसकर्मियों और 4,000 कांस्टेबलों की नियुक्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि दिसंबर-जनवरी में भर्ती प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी।

वित्तीय सुरक्षा और आधुनिकीकरण

अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 11 करोड़ लोग रहते हैं, और राज्य की भौगोलिक विविधता — पहाड़, जंगल और द्वीपीय क्षेत्र — पुलिसिंग को अधिक चुनौतीपूर्ण बनाती है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया, यह मानते हुए कि अब तक यह सुविधा उन्हें उचित रूप से नहीं मिली थी।

प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए असम के एक पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) किया गया है। साथ ही राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाएगा।

नए अधिकारियों को दिशानिर्देश

नव नियुक्त सब-इंस्पेक्टरों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें कड़ा अनुशासन बनाए रखने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस बल की जवाबदेही और पेशेवरता ही इसकी असली पहचान होनी चाहिए। आने वाले महीनों में और नियुक्तियों के साथ, राज्य की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी जमीनी क्रियान्वयन पर होगी — पश्चिम बंगाल में पुलिस के राजनीतिकरण की शिकायतें दशकों पुरानी हैं और एक भाषण से संस्थागत संस्कृति नहीं बदलती। 46,000 रिक्त पदों की स्वीकारोक्ति खुद बताती है कि बल किस दबाव में काम कर रहा है। 'ब्याज सहित वसूली' और 'वर्षों तक जेल' जैसी घोषणाएं प्रभावशाली लगती हैं, परंतु क्या इनके लिए कोई विधायी ढांचा है या ये कार्यकारी निर्देश मात्र हैं — यह प्रश्न अनुत्तरित है। आलोचकों का कहना है कि पुलिस को 'खुली छूट' देना तब तक लोकतंत्र के लिए जोखिम बना रहता है, जब तक जवाबदेही का स्वतंत्र तंत्र उतना ही मजबूत न हो।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस को किन मामलों में खुली छूट दी है?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने महिलाओं के खिलाफ अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी — इन दो मामलों में पुलिस को पूरी स्वतंत्रता दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन मामलों में किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
थानों में तोड़फोड़ करने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?
CM अधिकारी के अनुसार, किसी थाने या पुलिस चौकी में तोड़फोड़ करने वालों से नुकसान की राशि ब्याज सहित वसूल की जाएगी। पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों को वर्षों तक जेल में रहना होगा।
पश्चिम बंगाल पुलिस में कितने पद रिक्त हैं और भर्ती की क्या योजना है?
CM अधिकारी ने स्वयं स्वीकार किया कि राज्य पुलिस बल में अभी 46,000 पद रिक्त हैं। नई सरकार 11,000 कर्मियों की भर्ती कर चुकी है और दिसंबर-जनवरी में फिर से भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें 6,345 महिला पुलिसकर्मी और 4,000 कांस्टेबल शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
राज्य सरकार ने असम के एक पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) किया है। इसके अलावा, राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच समन्वय मजबूत किया जाएगा और पुलिसकर्मियों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
यह घोषणा किस अवसर पर की गई?
CM सुवेंदु अधिकारी ने 7 नवंबर 2026 को कोलकाता स्थित पुलिस मुख्यालय लालबाजार में नव नियुक्त पुलिस सब-इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के कार्यक्रम में यह बातें कहीं।
राष्ट्र प्रेस
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