महिला अपराध और नशा तस्करी पर पुलिस को खुली छूट, राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं चलेगा: CM सुवेंदु अधिकारी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 7 नवंबर 2026 को स्पष्ट कर दिया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए पुलिस को पूरी स्वतंत्रता दी जा चुकी है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि इन दोनों मामलों में किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव या हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नव नियुक्त अधिकारियों को दिया संबोधन
मुख्यमंत्री अधिकारी कोलकाता स्थित पुलिस मुख्यालय लालबाजार में नव नियुक्त पुलिस सब-इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के अवसर पर बोल रहे थे। गौरतलब है कि वे राज्य के पुलिस मंत्री का दायित्व भी स्वयं संभाल रहे हैं, जो उनके इस बयान को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।
उन्होंने कहा, 'मैंने पुलिस को दो मुद्दों पर पूरी छूट दी है — पहला महिलाओं के खिलाफ अपराध और दूसरा नशा तस्करी। इन दोनों मामलों में किसी भी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा।'
पुलिस पर हमले को लेकर सख्त चेतावनी
पुलिसकर्मियों पर हमले और थानों में तोड़फोड़ के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को 'वर्षों तक जेल में रहना होगा।' उन्होंने यह भी घोषणा की कि किसी थाने या पुलिस चौकी में तोड़फोड़ करने वालों से नुकसान की राशि ब्याज सहित वसूल की जाएगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर बहस तेज है और पुलिस बल के आधुनिकीकरण की माँग लंबे समय से उठती रही है।
पुलिस बल में भर्ती और सुधार
अधिकारी ने दावा किया कि पिछली ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान पुलिस भर्ती पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था। उन्होंने बताया कि नई सरकार अब तक राज्य पुलिस बल में 11,000 कर्मियों की भर्ती कर चुकी है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अभी 46,000 पद रिक्त हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा।
आगामी भर्ती अभियान में 6,345 महिला पुलिसकर्मियों और 4,000 कांस्टेबलों की नियुक्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि दिसंबर-जनवरी में भर्ती प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी।
वित्तीय सुरक्षा और आधुनिकीकरण
अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 11 करोड़ लोग रहते हैं, और राज्य की भौगोलिक विविधता — पहाड़, जंगल और द्वीपीय क्षेत्र — पुलिसिंग को अधिक चुनौतीपूर्ण बनाती है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया, यह मानते हुए कि अब तक यह सुविधा उन्हें उचित रूप से नहीं मिली थी।
प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए असम के एक पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) किया गया है। साथ ही राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाएगा।
नए अधिकारियों को दिशानिर्देश
नव नियुक्त सब-इंस्पेक्टरों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें कड़ा अनुशासन बनाए रखने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस बल की जवाबदेही और पेशेवरता ही इसकी असली पहचान होनी चाहिए। आने वाले महीनों में और नियुक्तियों के साथ, राज्य की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।