23 सितंबर 2026
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नशामुक्त पश्चिम बंगाल का संकल्प: CM सुवेंदु अधिकारी ने दक्षिण दिनाजपुर में 2 लाख कफ सिरप बोतलें ज़ब्त करने पर जताई सराहना

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नशामुक्त पश्चिम बंगाल का संकल्प: CM सुवेंदु अधिकारी ने दक्षिण दिनाजपुर में 2 लाख कफ सिरप बोतलें ज़ब्त करने पर जताई सराहना

सारांश

पश्चिम बंगाल में नशे के खिलाफ अभियान को बड़ी सफलता — दक्षिण दिनाजपुर पुलिस ने 2 लाख कोडीन कफ सिरप बोतलें ज़ब्त कर नष्ट कीं। CM सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर जानकारी दी और लैबोरेट फार्मास्यूटिकल्स ने राज्य में 'एस्कफ' की बिक्री रोकने का वचन दिया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 23 सितंबर 2026 को नशामुक्त पश्चिम बंगाल की प्रतिबद्धता दोहराई।
दक्षिण दिनाजपुर पुलिस ने कोडीन-युक्त कफ सिरप की लगभग 2 लाख अवैध बोतलें ज़ब्त कर नष्ट कीं।
दवा कंपनी लैबोरेट फार्मास्यूटिकल्स इंडिया लिमिटेड ने औपचारिक पत्र देकर 'एस्कफ कफ सिरप' की पश्चिम बंगाल में बिक्री पूरी तरह बंद करने का वचन दिया।
कंपनी ने राज्य के अपने स्थानीय डिपो से उत्पाद का सारा मौजूदा स्टॉक वापस मंगाया।
राज्य सरकार ने अवैध नशीले पदार्थों पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति की पुष्टि की, आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 23 सितंबर 2026 को अपनी सरकार की नशा-मुक्त राज्य बनाने की प्रतिबद्धता को फिर से दृढ़ता से दोहराया, यह तब आया जब दक्षिण दिनाजपुर जिले की पुलिस ने कोडीन-युक्त कफ सिरप की लगभग 2 लाख अवैध रूप से तस्करी की गई बोतलें ज़ब्त कर नष्ट कीं। मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई को राज्य में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी सफलता बताया।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिये जानकारी दी कि दक्षिण दिनाजपुर पुलिस प्रशासन की सतर्कता के चलते कोडीन-युक्त कफ सिरप की लगभग 2 लाख बोतलें ज़ब्त कर सफलतापूर्वक नष्ट कर दी गईं। यह कार्रवाई राज्य में अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चल रहे 'जीरो टॉलरेंस' अभियान का हिस्सा है।

इस कार्रवाई के बाद संबंधित दवा निर्माता कंपनी लैबोरेट फार्मास्यूटिकल्स इंडिया लिमिटेड ने एक औपचारिक पत्र के माध्यम से नशीले पदार्थों की समस्या रोकने में सहयोग का वचन दिया है।

कंपनी की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री के अनुसार, लैबोरेट फार्मास्यूटिकल्स इंडिया लिमिटेड ने औपचारिक रूप से वचन दिया है कि उसका उत्पाद 'एस्कफ कफ सिरप' अब पश्चिम बंगाल में किसी भी डीलर को — चाहे सीधे हो या स्थानीय बिक्री डिपो के माध्यम से — नहीं बेचा जाएगा। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने अपने स्थानीय डिपो से इस उत्पाद का सारा मौजूदा स्टॉक वापस मंगा लिया है।

गौरतलब है कि कोडीन-युक्त कफ सिरप का दुरुपयोग देश के कई राज्यों में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन चुका है, जिसे युवाओं में सस्ते नशे के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

सरकार का रुख और नीति

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बंगाल में अवैध नशीले पदार्थों और उनकी तस्करी के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने हेतु लगातार और सख्ती से काम करता रहेगा।

उन्होंने पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन की सतर्कता एवं समर्पित सेवा की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में नशे का कारोबार करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

आम जनता और युवाओं पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल सहित कई पूर्वी राज्यों में युवाओं में नशे की लत एक बड़ी सामाजिक चुनौती बन चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार कोडीन-युक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री न केवल स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि यह अन्य भारी नशे की ओर भी युवाओं को ले जाती है।

मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशा-मुक्त पश्चिम बंगाल का निर्माण सरकार की प्राथमिक प्रतिबद्धता है और इस दिशा में प्रशासनिक कदम जारी रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिस पर विपक्ष और सत्ता दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं। एकल कंपनी का स्वैच्छिक वचन एक सकारात्मक कदम है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह मॉडल अन्य निर्माताओं तक विस्तारित होगा और क्या राज्य में व्यापक फार्माकोविजिलेंस तंत्र खड़ा किया जाएगा। कोडीन कफ सिरप तस्करी का नेटवर्क अक्सर राज्य की सीमाओं के पार फैला होता है, इसलिए केवल एक जिले में कार्रवाई पर्याप्त नहीं — केंद्रीय एजेंसियों और पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय की दीर्घकालिक आवश्यकता बनी रहेगी।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में नशामुक्त अभियान के तहत क्या कार्रवाई हुई?
दक्षिण दिनाजपुर जिले की पुलिस ने कोडीन-युक्त कफ सिरप की लगभग 2 लाख अवैध रूप से तस्करी की गई बोतलें ज़ब्त कर सफलतापूर्वक नष्ट कीं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्यव्यापी नशा-विरोधी अभियान का हिस्सा है।
लैबोरेट फार्मास्यूटिकल्स ने पश्चिम बंगाल में क्या वचन दिया है?
लैबोरेट फार्मास्यूटिकल्स इंडिया लिमिटेड ने औपचारिक पत्र के माध्यम से वचन दिया है कि उसका उत्पाद 'एस्कफ कफ सिरप' पश्चिम बंगाल में किसी भी डीलर को — सीधे या स्थानीय डिपो के ज़रिये — नहीं बेचा जाएगा। कंपनी ने स्थानीय डिपो से सारा मौजूदा स्टॉक भी वापस मंगा लिया है।
कोडीन-युक्त कफ सिरप युवाओं के लिए इतना खतरनाक क्यों है?
कोडीन एक ओपिओइड पदार्थ है जिसका चिकित्सीय उपयोग सीमित और नियंत्रित है, लेकिन इसे सस्ते नशे के विकल्प के रूप में बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जाता है। नियमित सेवन से लत लगती है और यह अन्य भारी मादक पदार्थों की ओर भी युवाओं को धकेलता है।
पश्चिम बंगाल में नशे के खिलाफ सरकार की नीति क्या है?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार अवैध नशीले पदार्थों और तस्करी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर चलती है। पुलिस और प्रशासन को पूरे राज्य में सतत और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
CM सुवेंदु अधिकारी ने यह जानकारी कहाँ साझा की?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने यह जानकारी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से 23 सितंबर 2026 को साझा की। उन्होंने पुलिस बल की सराहना करते हुए आगे भी कार्रवाई जारी रखने का संकल्प जताया।
राष्ट्र प्रेस
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