पश्चिम बंगाल STF ने मालदा में 2.688 किलो मॉर्फिन जब्त की, 4 अंतर-राज्यीय तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 1 नवंबर 2026 को मालदा जिले के कालियाचक में मधुघाट के निकट NH-12 पर एक वाहन को रोककर लगभग 2.688 किलोग्राम मॉर्फिन जब्त की और एक अंतर-राज्यीय ड्रग नेटवर्क के चार मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस कार्रवाई को एक्स पर साझा करते हुए ड्रग तस्करों को कड़ी चेतावनी दी।
मुख्य घटनाक्रम
STF की सतर्क टीम ने NH-12 पर संदिग्ध वाहन की जाँच के दौरान 2.688 किलोग्राम मॉर्फिन बरामद की। गिरफ्तार चारों आरोपी एक सक्रिय अंतर-राज्यीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े बताए जा रहे हैं। पूरे रैकेट को जड़ से खत्म करने के लिए एक विशेष मामला दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'नशीले पदार्थों के सिंडिकेट के खिलाफ हमारी चल रही कार्रवाई में एक बड़ी सफलता मिली है।' उन्होंने STF और पश्चिम बंगाल पुलिस के अधिकारियों की उनके 'त्वरित, समन्वित प्रयासों और अपने कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण' के लिए सराहना की।
अधिकारी ने ड्रग तस्करों, रैकेट संचालकों और सिंडिकेट चलाने वालों को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि उनसे 'सख्ती से निपटा जाएगा'। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर चलती है।
पूर्व कार्रवाई से तुलना
गौरतलब है कि इससे पहले 9 अक्टूबर को मुख्यमंत्री अधिकारी ने एक्स पर बताया था कि जंगीपुर पुलिस जिले के अंतर्गत शमशेरगंज पुलिस ने NH-12 के पास 1.014 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी और मालदा जिले के कालियाचक स्थित मोहब्बतपुर गांव के निवासी अरमान शेख को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई के दौरान स्थानीय ब्लॉक विकास अधिकारी भी मौजूद थे। यह ऐसे समय में आया है जब NH-12 कॉरिडोर लगातार नशा तस्करी के नेटवर्क के लिए एक संवेदनशील मार्ग बना हुआ है।
आम जनता और युवाओं पर असर
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि ये कार्रवाइयाँ 'हमारे युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने' और केंद्र सरकार के 'नशामुक्त भारत' अभियान को मज़बूत करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। अधिकारियों के अनुसार, राज्य में नशीले पदार्थ फैलाने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
क्या होगा आगे
विशेष मामले की जाँच के साथ-साथ अंतर-राज्यीय नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। STF की यह सफलता दर्शाती है कि राज्य पुलिस ने NH-12 कॉरिडोर पर निगरानी तेज की है, और आने वाले समय में इस नेटवर्क से जुड़े और सदस्यों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।