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दिल्ली दंगा मामला: ताहिर हुसैन को कड़कड़डूमा कोर्ट से दूसरी सजा, दंगा भड़काने में 2 साल की कैद

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दिल्ली दंगा मामला: ताहिर हुसैन को कड़कड़डूमा कोर्ट से दूसरी सजा, दंगा भड़काने में 2 साल की कैद

सारांश

दिल्ली दंगों से जुड़े एक और मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराते हुए 2 साल की कैद सुनाई — यह IB कर्मचारी अंकित शर्मा हत्याकांड में उम्रकैद के बाद उन्हें मिली दूसरी सजा है। 2020 के दंगों के मुकदमे अभी भी जारी हैं।

मुख्य बातें

कड़कड़डूमा कोर्ट ने 16 अक्टूबर 2026 को AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दंगा भड़काने के मामले में 2 साल की कैद की सजा सुनाई।
यह 2020 दिल्ली दंगों से संबंधित किसी मामले में ताहिर हुसैन को मिली दूसरी सजा है।
इससे पहले उसी अदालत ने IB कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
नए मामले में IPC धारा 147, 148, 149, 427, 436 और 120-B के तहत दोषी ठहराया गया।
फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में 53 से अधिक लोगों की मौत हुई थी; हुसैन के खिलाफ अन्य मामले भी लंबित हैं।

कड़कड़डूमा कोर्ट ने 16 अक्टूबर 2026 को 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दंगा भड़काने और उकसाने का दोषी ठहराते हुए 2 साल की कैद की सजा सुनाई। यह हुसैन को दिल्ली दंगों से संबंधित किसी मामले में मिली दूसरी सजा है।

मुख्य घटनाक्रम

अदालत ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147, 148 और 149 (दंगा करना), धारा 427 (संपत्ति को नुकसान पहुँचाना), धारा 436 (आग लगाकर क्षति पहुँचाना) और धारा 120-B (आपराधिक साजिश) के तहत सुनवाई की। इन सभी धाराओं के अंतर्गत सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने हुसैन को दोषी करार दिया और 2 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। आरोप था कि उन्होंने भीड़ को संगठित कर हिंसा को प्रोत्साहित किया था।

पहली सजा का संदर्भ

यह पहली बार नहीं है जब ताहिर हुसैन को अदालत से सजा मिली है। इससे पहले उसी कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें खुफिया ब्यूरो (IB) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अंकित शर्मा हत्याकांड 2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के सर्वाधिक चर्चित और संवेदनशील मामलों में से एक रहा है। उस फैसले में अदालत ने माना था कि हुसैन दंगों में सक्रिय रूप से सम्मिलित थे और उन्होंने सुनियोजित साजिश के तहत हिंसा को बढ़ावा दिया था।

2020 दिल्ली दंगों की पृष्ठभूमि

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के सांप्रदायिक दंगों में 53 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। इन दंगों में बड़े पैमाने पर संपत्ति और आजीविका को नुकसान पहुँचा था। दिल्ली पुलिस ने इस सिलसिले में दर्जनों एफआईआर दर्ज कीं, जिनमें से कई में ताहिर हुसैन का नाम आरोपी के रूप में सामने आया था। गौरतलब है कि यह दंगे नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लेकर चल रहे प्रदर्शनों के दौरान हुए थे।

AAP से निलंबन और वर्तमान स्थिति

दंगों में नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने ताहिर हुसैन को पार्टी से निलंबित कर दिया था। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में हैं और उनके विरुद्ध दिल्ली दंगों से जुड़े अन्य मामलों में भी सुनवाई जारी है। न्यायिक विशेषज्ञों के अनुसार इस दूसरी सजा के बाद उनकी जमानत की संभावनाएँ और जटिल हो सकती हैं।

आगे क्या

ताहिर हुसैन के खिलाफ अभी भी कई मामलों में सुनवाई लंबित है, जिनमें दंगों से जुड़े अन्य आरोप शामिल हैं। न्यायालय के इस फैसले के बाद यह देखना होगा कि बचाव पक्ष उच्च न्यायालय में अपील का मार्ग अपनाता है या नहीं। 2020 दिल्ली दंगों के मुकदमे अब भी विभिन्न अदालतों में विभिन्न चरणों में चल रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राजनीतिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करते हैं। AAP का शुरुआती निलंबन एक प्रशासनिक कदम था, न कि वैचारिक पुनरावलोकन — और इस फैसले के बाद पार्टी की चुप्पी खुद एक बयान है। न्यायिक तंत्र लगातार काम कर रहा है, लेकिन पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की राह अभी पूरी नहीं हुई।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ताहिर हुसैन को इस नए मामले में किस आरोप में सजा मिली है?
कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें दंगा भड़काने और उकसाने के आरोप में दोषी पाते हुए 2 साल की कैद की सजा सुनाई है। यह मामला 2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़ा है, जिसमें उन पर IPC की धारा 147, 148, 149, 427, 436 और 120-B के तहत आरोप थे।
ताहिर हुसैन को इससे पहले किस मामले में सजा मिली थी?
इससे पहले कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें IB कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अंकित शर्मा हत्याकांड 2020 दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित मामलों में से एक रहा है।
2020 दिल्ली दंगे क्या थे और कितनी जानें गई थीं?
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के सांप्रदायिक दंगों में 53 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। इन दंगों में बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान भी पहुँचा था।
AAP ने ताहिर हुसैन पर क्या कार्रवाई की थी?
दंगों में नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन को पार्टी से निलंबित कर दिया था। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में हैं और उनके खिलाफ अन्य मामलों में भी सुनवाई जारी है।
क्या ताहिर हुसैन के खिलाफ और मामले लंबित हैं?
हाँ, ताहिर हुसैन के विरुद्ध 2020 दिल्ली दंगों से संबंधित कई अन्य मामलों में सुनवाई अभी जारी है। दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ एकाधिक एफआईआर दर्ज की थीं।
राष्ट्र प्रेस
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