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दिल्ली दंगे साजिश मामला: ताहिर हुसैन दोषी करार, भाजपा ने AAP पर साधा निशाना

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दिल्ली दंगे साजिश मामला: ताहिर हुसैन दोषी करार, भाजपा ने AAP पर साधा निशाना

सारांश

2020 के दिल्ली दंगों में IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या का मामला पाँच साल बाद अदालती फैसले तक पहुँचा — कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया। BJP ने इसे AAP की साजिश का प्रमाण बताया, जबकि सज़ा का फैसला अभी बाकी है।

मुख्य बातें

कड़कड़डूमा कोर्ट ने 14 जुलाई 2025 को पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन को IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या में दोषी ठहराया।
अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई थी; शव चांद बाग नाले से मिला था।
BJP नेता शाहनवाज़ हुसैन ने फैसले को AAP की दंगों में भूमिका का प्रमाण बताया।
दिल्ली पुलिस ने IPC की हत्या, आपराधिक साजिश, दंगा सहित कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप-पत्र दाखिल किया था।
अदालत अब सज़ा सुनाने की प्रक्रिया में आगे बढ़ेगी; अन्य आरोपियों के मामले अभी विचाराधीन हैं।

कड़कड़डूमा कोर्ट ने 14 जुलाई 2025 को 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) नेता और पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया। इस फैसले के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने AAP पर कड़ा हमला बोलते हुए दंगों को एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया।

अदालत का फैसला और BJP की प्रतिक्रिया

BJP नेता सैयद शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि अदालत के इस निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि 2020 के दिल्ली दंगों में AAP नेताओं की संलिप्तता थी। उन्होंने कहा, 'दिल्ली दंगे एक सुनियोजित साजिश थे, जिनका उद्देश्य देश और राजधानी की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुँचाना था।' शाहनवाज़ हुसैन ने यह भी कहा कि अब अदालत दोषी को सज़ा सुनाएगी और सभी को अंतिम निर्णय का इंतज़ार है।

अंकित शर्मा हत्याकांड: पृष्ठभूमि

IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के दौरान हुई थी। उनका शव चांद बाग इलाके के एक नाले से बरामद किया गया था। उनके पिता की शिकायत पर दयालपुर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। यह मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में से एक रहा है।

आरोप-पत्र और मुकदमे की प्रक्रिया

दिल्ली पुलिस की जाँच में पूर्व MCD पार्षद ताहिर हुसैन समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप-पत्र दाखिल किया था, जिनमें हत्या, आपराधिक साजिश, दंगा, हत्या के प्रयास और साक्ष्य नष्ट करने जैसी गंभीर धाराएँ शामिल थीं। अभियोजन पक्ष ने गवाहों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपनी दलीलें रखीं, जबकि बचाव पक्ष ने सभी आरोपों को खारिज किया।

बांकीपुर उपचुनाव पर भी BJP का दावा

शाहनवाज़ हुसैन ने बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी BJP की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि नामांकन के दौरान उमड़ी भारी भीड़ यह संकेत देती है कि BJP भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह सीट BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से जुड़ी रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांकीपुर के बेटे को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।

आगे क्या होगा

कड़कड़डूमा कोर्ट अब दोषसिद्धि के बाद ताहिर हुसैन को सज़ा सुनाने की प्रक्रिया में आगे बढ़ेगी। इस मामले में अन्य आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही भी जारी है। दिल्ली दंगों से जुड़े अन्य मामलों पर भी इस फैसले का असर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन BJP की राजनीतिक प्रतिक्रिया और न्यायिक निष्कर्षों के बीच की रेखा को सावधानी से देखना ज़रूरी है। अदालत ने ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया है — यह एक व्यक्ति की दोषसिद्धि है, किसी पार्टी की नहीं। शाहनवाज़ हुसैन का यह दावा कि 'AAP नेता साजिश में शामिल थे', एक राजनीतिक बयान है, न कि अदालती निष्कर्ष। दिल्ली दंगों के व्यापक षड्यंत्र के मामलों में अभी कई सुनवाइयाँ बाकी हैं, और जब तक सभी आरोपियों पर फैसला नहीं आता, किसी एक दोषसिद्धि को पूरी साजिश की 'पुष्टि' कहना न्यायिक प्रक्रिया की सीमाओं से परे जाना होगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ताहिर हुसैन को किस मामले में दोषी ठहराया गया है?
कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन को फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराया है। ताहिर हुसैन पूर्व AAP पार्षद और पूर्व MCD पार्षद रह चुके हैं।
अंकित शर्मा कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
अंकित शर्मा इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी थे। फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के दौरान उनकी हत्या हुई थी और उनका शव चांद बाग इलाके के एक नाले से बरामद किया गया था।
दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन पर क्या आरोप लगाए थे?
दिल्ली पुलिस ने IPC की हत्या, आपराधिक साजिश, दंगा, हत्या के प्रयास और साक्ष्य नष्ट करने सहित कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप-पत्र दाखिल किया था। जाँच में ताहिर हुसैन समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था।
BJP ने इस फैसले पर क्या कहा?
BJP नेता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि अदालत के फैसले से स्पष्ट हो गया है कि दंगों में AAP नेता शामिल थे और यह एक सुनियोजित साजिश थी। हालाँकि यह उनका राजनीतिक बयान है; अदालत ने केवल ताहिर हुसैन को व्यक्तिगत रूप से दोषी ठहराया है।
अब आगे क्या होगा इस मामले में?
दोषसिद्धि के बाद कड़कड़डूमा कोर्ट ताहिर हुसैन को सज़ा सुनाने की प्रक्रिया में आगे बढ़ेगी। दिल्ली दंगों से जुड़े अन्य आरोपियों के मामले अभी भी विभिन्न अदालतों में विचाराधीन हैं।
राष्ट्र प्रेस
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