दिल्ली दंगे साजिश मामला: ताहिर हुसैन दोषी करार, भाजपा ने AAP पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
कड़कड़डूमा कोर्ट ने 14 जुलाई 2025 को 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) नेता और पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया। इस फैसले के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने AAP पर कड़ा हमला बोलते हुए दंगों को एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया।
अदालत का फैसला और BJP की प्रतिक्रिया
BJP नेता सैयद शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि अदालत के इस निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि 2020 के दिल्ली दंगों में AAP नेताओं की संलिप्तता थी। उन्होंने कहा, 'दिल्ली दंगे एक सुनियोजित साजिश थे, जिनका उद्देश्य देश और राजधानी की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुँचाना था।' शाहनवाज़ हुसैन ने यह भी कहा कि अब अदालत दोषी को सज़ा सुनाएगी और सभी को अंतिम निर्णय का इंतज़ार है।
अंकित शर्मा हत्याकांड: पृष्ठभूमि
IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के दौरान हुई थी। उनका शव चांद बाग इलाके के एक नाले से बरामद किया गया था। उनके पिता की शिकायत पर दयालपुर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। यह मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में से एक रहा है।
आरोप-पत्र और मुकदमे की प्रक्रिया
दिल्ली पुलिस की जाँच में पूर्व MCD पार्षद ताहिर हुसैन समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप-पत्र दाखिल किया था, जिनमें हत्या, आपराधिक साजिश, दंगा, हत्या के प्रयास और साक्ष्य नष्ट करने जैसी गंभीर धाराएँ शामिल थीं। अभियोजन पक्ष ने गवाहों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपनी दलीलें रखीं, जबकि बचाव पक्ष ने सभी आरोपों को खारिज किया।
बांकीपुर उपचुनाव पर भी BJP का दावा
शाहनवाज़ हुसैन ने बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी BJP की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि नामांकन के दौरान उमड़ी भारी भीड़ यह संकेत देती है कि BJP भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह सीट BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से जुड़ी रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांकीपुर के बेटे को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
आगे क्या होगा
कड़कड़डूमा कोर्ट अब दोषसिद्धि के बाद ताहिर हुसैन को सज़ा सुनाने की प्रक्रिया में आगे बढ़ेगी। इस मामले में अन्य आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही भी जारी है। दिल्ली दंगों से जुड़े अन्य मामलों पर भी इस फैसले का असर पड़ सकता है।