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ताहिर हुसैन दोषी करार: कपिल मिश्रा बोले — 'एक्टर पकड़ा, डायरेक्टरों पर न्याय बाकी'

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ताहिर हुसैन दोषी करार: कपिल मिश्रा बोले — 'एक्टर पकड़ा, डायरेक्टरों पर न्याय बाकी'

सारांश

दिल्ली दंगों के छह साल बाद अदालत ने ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया। कपिल मिश्रा ने इसे आंशिक न्याय बताते हुए कहा — 'एक्टर पकड़ा गया, डायरेक्टर अभी बाहर हैं।' आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की 51 चाकू के घावों वाली हत्या और उसके बाद की राजनीति आज फिर केंद्र में है।

मुख्य बातें

ताहिर हुसैन को 2020 के दिल्ली दंगों में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अदालत ने दोषी करार दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अंकित शर्मा के शरीर पर 51 बार चाकू से वार किए गए थे और शव को नाले में फेंका गया था।
दिल्ली मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि ताहिर हुसैन 'एक्टर' है — दंगों के असली 'डायरेक्टरों' के साथ न्याय अभी बाकी है।
मिश्रा ने पूर्व CM अरविंद केजरीवाल , मनीष सिसोदिया और संजय सिंह पर आरोपी का समर्थन करने और पीड़ितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
यह फैसला 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े व्यापक मुकदमों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिनमें अभी कई मामले विचाराधीन हैं।

दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने 14 जुलाई 2025 को 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एक बड़ी साजिश है और असली 'डायरेक्टरों' के साथ न्याय अभी बाकी है। मिश्रा ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या को 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' अपराध बताया और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं पर आरोपी का समर्थन करने और हिंसा के दौरान निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया।

अदालत के फैसले पर कपिल मिश्रा की प्रतिक्रिया

पत्रकारों से बात करते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि यह निर्णय उन सभी के लिए न्याय की पहली किरण है जो छह वर्षों से इसका इंतज़ार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा को खींचकर ताहिर हुसैन के घर ले जाया गया था। मिश्रा के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि अंकित शर्मा के शरीर पर 51 बार चाकू से वार किए गए थे।

मिश्रा ने आगे कहा कि मृत्यु के बाद भी शव पर हमले जारी रहे और अंततः उसे नाले में फेंक दिया गया। दो दिन बाद जब नाले से शव निकाला गया तो वह दृश्य पूरे देश ने देखा।

साजिश का आरोप और 'एक्टर-डायरेक्टर' की थ्योरी

कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन और उसके साथियों ने दिल्ली में एक सुनियोजित साजिश रची थी। उन्होंने कहा — 'मेरा मानना है कि ताहिर हुसैन एक एक्टर है; इस पूरे घटनाक्रम के डायरेक्टर कोई और लोग हैं।' मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि उमर खालिद को बचाने के लिए आज भी नैरेटिव बनाया जा रहा है।

मिश्रा के अनुसार, दंगों के दौरान सड़कें बंद करने, आगजनी करने और हत्याएँ करने वाले एक ही संगठित समूह के हिस्से थे, और ताहिर हुसैन उसी का एक हिस्सा था। उन्होंने कहा कि अभी केवल एक्टर पकड़ा गया है — डायरेक्टरों के साथ न्याय होना बाकी है।

AAP नेताओं पर सीधे आरोप

कपिल मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और AAP नेता संजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सवाल किया कि उस वक्त जब केजरीवाल सरकार थी, तब क्यों सड़कें बंद करने वालों का समर्थन किया गया और अंकित शर्मा की हत्या के विरुद्ध मुख्यमंत्री ने एक भी बयान नहीं दिया।

मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि संजय सिंह ने ताहिर हुसैन को बेगुनाह कहा था और AAP सरकार का कोई भी मंत्री किसी हिंदू पीड़ित के घर नहीं गया। ये सभी आरोप कपिल मिश्रा के अपने बयान हैं और इन्हें उनके राजनीतिक दृष्टिकोण के रूप में देखा जाना चाहिए।

आगे क्या होगा

ताहिर हुसैन को दोषी करार दिए जाने के बाद अब सज़ा का निर्धारण अदालत करेगी। कपिल मिश्रा ने संकेत दिया कि वे इस मामले में अन्य कथित आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की माँग जारी रखेंगे। यह मामला 2020 के दिल्ली दंगों की व्यापक न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें अभी कई मुकदमे विचाराधीन हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कपिल मिश्रा का 'एक्टर-डायरेक्टर' का बयान स्पष्ट रूप से राजनीतिक है और इसे उसी संदर्भ में परखा जाना चाहिए। 2020 के दिल्ली दंगों में कई एफआईआर और मुकदमे अभी भी अदालतों में लंबित हैं, जिनमें अलग-अलग पक्षों के आरोपी शामिल हैं। AAP नेताओं पर मिश्रा के आरोप नए नहीं हैं — ये वर्षों से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं, लेकिन अदालत ने अभी तक इन नेताओं के विरुद्ध कोई निष्कर्ष नहीं दिया है। असली सवाल यह है कि क्या इस फैसले के बाद जाँच एजेंसियाँ कथित बड़े षड्यंत्र की जाँच को तार्किक अंजाम तक पहुँचाएँगी — या यह मामला भी राजनीतिक बयानबाज़ी में सिमट जाएगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ताहिर हुसैन को किस मामले में दोषी करार दिया गया है?
ताहिर हुसैन को 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अदालत ने दोषी करार दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अंकित शर्मा के शरीर पर 51 बार चाकू से वार किए गए थे और उनका शव नाले में फेंका गया था।
कपिल मिश्रा ने 'एक्टर और डायरेक्टर' से क्या मतलब निकाला?
कपिल मिश्रा का आरोप है कि ताहिर हुसैन महज एक 'एक्टर' था — दिल्ली दंगों की साजिश के असली 'डायरेक्टर' अभी भी न्याय से बाहर हैं। यह उनका अपना राजनीतिक बयान है, जिसे अदालत द्वारा स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
AAP नेताओं पर कपिल मिश्रा ने क्या आरोप लगाए?
मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने दंगों के दौरान आरोपियों का समर्थन किया और अंकित शर्मा की हत्या पर चुप रहे। ये आरोप मिश्रा के अपने बयान हैं और इन्हें अदालत में साबित नहीं किया गया है।
2020 दिल्ली दंगों में अंकित शर्मा कौन थे?
अंकित शर्मा इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी थे जिनकी फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान हत्या कर दी गई थी। उनका शव दो दिन बाद नाले से बरामद हुआ था, जो उस समय देशभर में चर्चा का विषय बना था।
ताहिर हुसैन के मामले में आगे क्या होगा?
दोषी करार दिए जाने के बाद अब अदालत सज़ा का निर्धारण करेगी। 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े अन्य मुकदमे अभी भी विभिन्न अदालतों में विचाराधीन हैं।
राष्ट्र प्रेस
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