ताहिर हुसैन दोषी करार: कपिल मिश्रा बोले — 'एक्टर पकड़ा, डायरेक्टरों पर न्याय बाकी'
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने 14 जुलाई 2025 को 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एक बड़ी साजिश है और असली 'डायरेक्टरों' के साथ न्याय अभी बाकी है। मिश्रा ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या को 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' अपराध बताया और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं पर आरोपी का समर्थन करने और हिंसा के दौरान निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया।
अदालत के फैसले पर कपिल मिश्रा की प्रतिक्रिया
पत्रकारों से बात करते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि यह निर्णय उन सभी के लिए न्याय की पहली किरण है जो छह वर्षों से इसका इंतज़ार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा को खींचकर ताहिर हुसैन के घर ले जाया गया था। मिश्रा के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि अंकित शर्मा के शरीर पर 51 बार चाकू से वार किए गए थे।
मिश्रा ने आगे कहा कि मृत्यु के बाद भी शव पर हमले जारी रहे और अंततः उसे नाले में फेंक दिया गया। दो दिन बाद जब नाले से शव निकाला गया तो वह दृश्य पूरे देश ने देखा।
साजिश का आरोप और 'एक्टर-डायरेक्टर' की थ्योरी
कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन और उसके साथियों ने दिल्ली में एक सुनियोजित साजिश रची थी। उन्होंने कहा — 'मेरा मानना है कि ताहिर हुसैन एक एक्टर है; इस पूरे घटनाक्रम के डायरेक्टर कोई और लोग हैं।' मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि उमर खालिद को बचाने के लिए आज भी नैरेटिव बनाया जा रहा है।
मिश्रा के अनुसार, दंगों के दौरान सड़कें बंद करने, आगजनी करने और हत्याएँ करने वाले एक ही संगठित समूह के हिस्से थे, और ताहिर हुसैन उसी का एक हिस्सा था। उन्होंने कहा कि अभी केवल एक्टर पकड़ा गया है — डायरेक्टरों के साथ न्याय होना बाकी है।
AAP नेताओं पर सीधे आरोप
कपिल मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और AAP नेता संजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सवाल किया कि उस वक्त जब केजरीवाल सरकार थी, तब क्यों सड़कें बंद करने वालों का समर्थन किया गया और अंकित शर्मा की हत्या के विरुद्ध मुख्यमंत्री ने एक भी बयान नहीं दिया।
मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि संजय सिंह ने ताहिर हुसैन को बेगुनाह कहा था और AAP सरकार का कोई भी मंत्री किसी हिंदू पीड़ित के घर नहीं गया। ये सभी आरोप कपिल मिश्रा के अपने बयान हैं और इन्हें उनके राजनीतिक दृष्टिकोण के रूप में देखा जाना चाहिए।
आगे क्या होगा
ताहिर हुसैन को दोषी करार दिए जाने के बाद अब सज़ा का निर्धारण अदालत करेगी। कपिल मिश्रा ने संकेत दिया कि वे इस मामले में अन्य कथित आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की माँग जारी रखेंगे। यह मामला 2020 के दिल्ली दंगों की व्यापक न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें अभी कई मुकदमे विचाराधीन हैं।