14 जुलाई 2026
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दिल्ली दंगा: ताहिर हुसैन दोषी करार, भाजपा की माँग — केजरीवाल जनता से माफी माँगें

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दिल्ली दंगा: ताहिर हुसैन दोषी करार, भाजपा की माँग — केजरीवाल जनता से माफी माँगें

सारांश

दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने 2020 दंगों और आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या में पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया। फैसले के बाद भाजपा ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए सार्वजनिक माफी की माँग की — यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी, दोनों मोर्चों पर गर्म है।

मुख्य बातें

कड़कड़डूमा अदालत ने 13 जुलाई 2026 को पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन को 2020 दिल्ली दंगों और आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या में दोषी करार दिया।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जनता के सामने माफी माँगने की माँग की।
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन आप के इशारे पर काम कर रहे थे — ये दावे अभी न्यायिक रूप से स्थापित नहीं हैं।
फरवरी 2020 के दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी; ताहिर हुसैन को आप ने बाद में पार्टी से निष्कासित किया था।
दोषसिद्धि के बाद अब सज़ा तय करने की प्रक्रिया शुरू होगी; बचाव पक्ष उच्च न्यायालय में अपील कर सकता है।

नई दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने 13 जुलाई 2026 को 2020 के दिल्ली दंगों और आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (आप) पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया। इस फैसले के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से सार्वजनिक माफी की माँग की।

भाजपा की प्रतिक्रिया

दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि अदालत के फैसले के बाद केजरीवाल को दिल्ली और देश की जनता से माफी माँगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल हमेशा से ताहिर हुसैन, उमर खालिद, अमानतुल्लाह खान और खालिद सैफी जैसे व्यक्तियों का समर्थन करते रहे हैं। मल्होत्रा के अनुसार, यह फैसला यह साबित करता है कि आप के विधायक और पार्षद देश-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहे।

मंत्रियों और नेताओं के बयान

दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ताहिर हुसैन ने पूर्वी दिल्ली में दंगे भड़काए, अपने पास हथियार रखे और भीड़ को उकसाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया — जिसे अदालत ने अभी तक सीधे तौर पर स्थापित नहीं किया है — कि ताहिर हुसैन आप के इशारे पर काम कर रहे थे और इसके लिए अरविंद केजरीवाल तथा मनीष सिसोदिया जिम्मेदार हैं।

मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या एक जघन्य अपराध था और उनकी लाश को नाले में फेंका गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि आप के नेता ताहिर हुसैन का बचाव क्यों कर रहे थे और यह भी आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन उस दौरान संजय सिंह और उमर खालिद के संपर्क में था — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि ताहिर हुसैन अंकित शर्मा हत्याकांड का मुख्य आरोपी था और उस समय केजरीवाल व संजय सिंह ने उसका बचाव करने की कोशिश की थी। भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि यह अपराध अदालत में सिद्ध हो चुका है।

अन्य भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि दंगों के समय ही यह स्पष्ट था कि इनके पीछे आप का हाथ था। भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देर से ही सही, न्याय मिला और अंकित शर्मा की आत्मा को शांति मिलेगी। उन्होंने याद दिलाया कि फरवरी 2020 के दंगों में एक होनहार आईबी अधिकारी की जान गई थी।

मामले की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। अंकित शर्मा, जो इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में कार्यरत थे, उन्हीं दंगों के दौरान मारे गए थे। ताहिर हुसैन उस समय आप के पार्षद थे और बाद में पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। यह मामला देश के सबसे चर्चित और संवेदनशील आपराधिक मुकदमों में से एक रहा है।

आगे क्या होगा

दोषसिद्धि के बाद अब सज़ा के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू होगी। आप की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, बचाव पक्ष उच्च न्यायालय में अपील का विकल्प चुन सकता है। यह फैसला दिल्ली की राजनीति में एक नए विवाद को जन्म देने वाला साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भाजपा नेताओं के बयान कानूनी सीमा से कहीं आगे जाते हैं — वे ताहिर हुसैन की व्यक्तिगत दोषसिद्धि को पूरी आप नेतृत्व की संस्थागत जिम्मेदारी से जोड़ रहे हैं, जो अभी अदालत में सिद्ध नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली की राजनीति पहले से ही विधानसभा चुनाव के बाद की उठापटक में है। मुख्यधारा की कवरेज भाजपा के बयानों को प्रमुखता दे रही है, लेकिन आप की प्रतिक्रिया और बचाव पक्ष के तर्कों को पर्याप्त जगह नहीं मिल रही। न्याय की माँग जायज है — पर राजनीतिक आरोपों को न्यायिक निष्कर्षों की तरह पेश करना पत्रकारिता की जिम्मेदारी की कसौटी पर खरा नहीं उतरता।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ताहिर हुसैन को किस मामले में दोषी ठहराया गया है?
दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने ताहिर हुसैन को फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों और आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। ताहिर हुसैन उस समय आम आदमी पार्टी के पार्षद थे, जिन्हें बाद में पार्टी ने निष्कासित कर दिया था।
भाजपा केजरीवाल से माफी क्यों माँग रही है?
भाजपा का आरोप है कि अरविंद केजरीवाल और आप के अन्य नेताओं ने ताहिर हुसैन का बचाव किया और उनसे संपर्क में रहे। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के अनुसार, अदालत के फैसले के बाद केजरीवाल को दिल्ली और देश की जनता से माफी माँगनी चाहिए। हालाँकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और अदालत ने केजरीवाल या आप नेतृत्व को इस मामले में दोषी नहीं ठहराया है।
2020 के दिल्ली दंगे कब और क्यों हुए थे?
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे भड़के थे, जिनमें 53 लोगों की मौत हुई और सैकड़ों घायल हुए। ये दंगे नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा से जुड़े थे।
दोषसिद्धि के बाद आगे क्या होगा?
अदालत अब ताहिर हुसैन की सज़ा तय करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। बचाव पक्ष दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील का विकल्प चुन सकता है। आप की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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