तमिलनाडु में 13 साल बाद बदलेगा ऑटो-रिक्शा किराया, यूनियनों ने माँगा ₹70 न्यूनतम शुल्क
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में 3.46 लाख ऑटो-रिक्शा चालकों को 13 वर्षों बाद किराए में संशोधन की उम्मीद जगी है। राज्य परिवहन प्राधिकरण ने ट्रेड यूनियनों और यात्री प्रतिनिधियों के साथ व्यापक परामर्श के बाद एक विस्तृत सिफारिश रिपोर्ट तमिलनाडु गृह विभाग को सौंप दी है, जो परिवहन संबंधी नियामक मामलों की देखरेख करता है। संशोधित किराया लागू होने पर यह राज्य में ऑटो-रिक्शा दरों में पहला बड़ा बदलाव होगा।
मुख्य घटनाक्रम
9 जुलाई को चेन्नई में सरकारी अधिकारियों, ऑटो-रिक्शा ट्रेड यूनियनों और यात्री संगठनों की एक त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई। इसमें ट्रेड यूनियनों के 30 से अधिक प्रतिनिधि और यात्री संगठनों के करीब 90 प्रतिनिधि शामिल हुए। दोनों पक्षों ने न्यूनतम किराए को लेकर अलग-अलग प्रस्ताव रखे, जिनकी जाँच के बाद प्राधिकरण ने अपनी सिफारिशें तैयार कीं।
यूनियनों और यात्रियों के अलग-अलग रुख
ऑटो-रिक्शा ट्रेड यूनियनों ने न्यूनतम किराया बढ़ाकर ₹70 करने की माँग रखी। उनका तर्क है कि पिछले एक दशक में ईंधन की कीमतों, रखरखाव खर्च, बीमा प्रीमियम और अन्य परिचालन लागतों में भारी वृद्धि के कारण मौजूदा दरें अब व्यवहार्य नहीं रहीं।
वहीं, यात्री संगठनों ने संशोधन की ज़रूरत स्वीकार करते हुए न्यूनतम किराया ₹50 पर सीमित रखने का आग्रह किया, ताकि दैनिक यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े और ऑटो यात्रा सुलभ बनी रहे।
प्राधिकरण की रिपोर्ट में क्या है
परिवहन प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, रिपोर्ट में त्रिपक्षीय चर्चाओं के प्रमुख बिंदुओं के साथ-साथ परिचालन लागत को प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषण शामिल है। प्राधिकरण ने अन्य प्रमुख शहरों में प्रचलित ईंधन कीमतों और ऑटो-रिक्शा किराए का तुलनात्मक अध्ययन भी किया है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में ऑटो किराया संशोधन को लेकर चालक संगठन सड़कों पर उतर रहे हैं।
आम जनता पर असर
तमिलनाडु में 3.46 लाख पंजीकृत ऑटो-रिक्शा हैं, जो लाखों दैनिक यात्रियों की आवाजाही का प्रमुख साधन हैं। न्यूनतम किराए में संभावित वृद्धि से शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के कामकाजी वर्ग पर सीधा असर पड़ेगा। गौरतलब है कि मौजूदा किराया ढाँचा लगभग 13 वर्षों से अपरिवर्तित है, जबकि इस अवधि में ईंधन की कीमतों में कई गुना बढ़ोतरी हो चुकी है।
क्या होगा आगे
राज्य सरकार अब गृह विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद संशोधित न्यूनतम किराया और प्रति किलोमीटर शुल्क को अंतिम रूप देगी। अधिकारियों के अनुसार, मंजूरी मिलते ही नई दरें राज्य के सभी 3.46 लाख ऑटो-रिक्शा पर लागू होंगी। नई किराया अधिसूचना कब जारी होगी, इसकी कोई निश्चित तिथि अभी सामने नहीं आई है।