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तमिलनाडु में फैंसी वाहन नंबर अब ₹8 लाख तक महंगे, 2012 के बाद पहला बड़ा शुल्क संशोधन

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तमिलनाडु में फैंसी वाहन नंबर अब ₹8 लाख तक महंगे, 2012 के बाद पहला बड़ा शुल्क संशोधन

सारांश

तमिलनाडु सरकार ने 2012 के बाद पहली बार फैंसी वाहन नंबरों के शुल्क में भारी संशोधन का प्रस्ताव रखा है। 13वीं-14वीं श्रृंखला के नंबरों पर ₹8 लाख तक का प्रीमियम शुल्क लगेगा। यह कदम राजस्व बढ़ाने और प्रीमियम नंबरों की बढ़ती माँग को नियंत्रित करने की दोहरी रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु सरकार ने 19 जून 2026 को असाधारण राजपत्र में फैंसी वाहन पंजीकरण नंबर शुल्क संशोधन का मसौदा प्रकाशित किया।
13वीं और 14वीं आगामी श्रृंखला के नंबरों पर ₹8 लाख का प्रीमियम शुल्क प्रस्तावित — यह नई सर्वोच्च श्रेणी है।
वर्तमान और आगामी तीन श्रृंखलाओं में पसंदीदा नंबर का शुल्क दोगुना होगा; 5वीं-8वीं श्रृंखला के लिए ₹1.2 लाख , 9वीं-10वीं के लिए ₹2 लाख , 11वीं-12वीं के लिए ₹4 लाख ।
फ्लैट-रेट प्रणाली समाप्त होगी; फैंसी नंबरों के लिए शुल्क अब वाहन की कीमत से जुड़ा स्लैब-आधारित होगा।
आयातित वाहनों पर शुल्क मौजूदा ₹1,000–₹16,000 से बढ़कर ₹20,000–₹1.5 लाख तक हो सकता है।
यह 2012 के बाद पंजीकरण संख्या शुल्क में पहला बड़ा बदलाव है।

तमिलनाडु सरकार ने पसंदीदा वाहन पंजीकरण नंबरों के लिए शुल्क में भारी वृद्धि का प्रस्ताव रखा है, जिसमें आगामी श्रृंखलाओं के लिए एक नई प्रीमियम श्रेणी के तहत ₹8 लाख तक का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह प्रस्ताव तमिलनाडु मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन के मसौदे का हिस्सा है, जो 19 जून 2026 को असाधारण राजपत्र में प्रकाशित हुआ। 2012 के बाद यह पंजीकरण संख्या शुल्क में पहला बड़ा बदलाव है।

मुख्य घटनाक्रम

वर्तमान प्रणाली के तहत वाहन मालिक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के माध्यम से चल रही श्रृंखला की 1,000 संख्याओं के भीतर मनचाहा नंबर निर्धारित शुल्क देकर प्राप्त कर सकते हैं। प्रस्तावित संशोधन इस ढाँचे को पूरी तरह बदल देगा और शुल्क को श्रृंखला तथा वाहन की कीमत दोनों से जोड़ देगा।

श्रृंखलावार नया शुल्क ढाँचा

मसौदे के अनुसार, वर्तमान श्रृंखला और आगामी तीन श्रृंखलाओं में पसंदीदा नंबर पाने का शुल्क दोगुना हो जाएगा। पाँचवीं से आठवीं श्रृंखला के नंबरों के लिए ₹1.2 लाख, नौवीं और दसवीं श्रृंखला के लिए ₹2 लाख, तथा ग्यारहवीं और बारहवीं श्रृंखला के लिए ₹4 लाख शुल्क प्रस्तावित है। सरकार द्वारा नई प्रीमियम श्रेणी के तहत 13वीं और 14वीं आगामी श्रृंखला के नंबरों पर ₹8 लाख का शुल्क लगेगा, जो इस ढाँचे की सबसे महंगी श्रेणी होगी।

वाहन मूल्य आधारित फैंसी नंबर शुल्क

आरटीओ के माध्यम से आवंटित फैंसी पंजीकरण नंबरों के लिए मौजूदा फ्लैट-रेट प्रणाली को समाप्त कर उसकी जगह वाहन की कीमत से जुड़ी स्लैब-आधारित शुल्क संरचना लागू करने का प्रस्ताव है। दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए यह शुल्क ₹50,000 तक के वाहनों पर ₹2,000 से लेकर ₹30 लाख से अधिक मूल्य के वाहनों पर ₹1 लाख तक होगा।

आयातित वाहनों के लिए प्रस्तावित शुल्क ₹4 लाख तक की कीमत पर ₹20,000 से शुरू होकर ₹50 लाख से अधिक मूल्य के वाहनों पर ₹1.5 लाख तक जाएगा। गौरतलब है कि वर्तमान में आयातित वाहनों पर यह शुल्क मात्र ₹1,000 से ₹16,000 के बीच है।

सरकार का उद्देश्य

प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य दो गुना है — पहला, प्रीमियम पंजीकरण नंबरों की बढ़ती माँग को नियंत्रित करना, और दूसरा, राज्य के लिए अतिरिक्त राजस्व अर्जित करना। मसौदे में यह भी प्रावधान है कि भविष्य की श्रृंखलाओं और सरकार द्वारा आरक्षित फैंसी नंबरों के आवंटन के लिए राज्य सरकार की मंजूरी अनिवार्य रहेगी। यह कदम ऐसे समय में आया है जब प्रीमियम वाहन खंड में तेज़ वृद्धि के साथ फैंसी नंबरों की माँग भी बढ़ी है।

आगे क्या होगा

मसौदा नियम राजपत्र में प्रकाशन के बाद सार्वजनिक आपत्तियों और सुझावों के लिए खुला है। अंतिम अधिसूचना के बाद ही नए शुल्क लागू होंगे। वाहन मालिक और उद्योग संगठन इस प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि क्या आरटीओ की क्षमता और पारदर्शिता इस नई जटिल स्लैब प्रणाली को भ्रष्टाचार-मुक्त तरीके से लागू करने में सक्षम है। फैंसी नंबरों के लिए राज्य सरकार की अनिवार्य मंजूरी का प्रावधान विवेकाधीन शक्ति को बढ़ाता है, जो बिना मज़बूत जवाबदेही तंत्र के नई समस्याएँ पैदा कर सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में फैंसी वाहन नंबर के लिए नया शुल्क क्या होगा?
प्रस्तावित संशोधन के तहत शुल्क श्रृंखला के अनुसार अलग-अलग होगा — पाँचवीं से आठवीं श्रृंखला के लिए ₹1.2 लाख, नौवीं-दसवीं के लिए ₹2 लाख, ग्यारहवीं-बारहवीं के लिए ₹4 लाख, और 13वीं-14वीं श्रृंखला के लिए ₹8 लाख। वर्तमान और आगामी तीन श्रृंखलाओं का शुल्क दोगुना होगा।
यह संशोधन कब से लागू होगा?
मसौदा नियम 19 जून 2026 को असाधारण राजपत्र में प्रकाशित हुआ है और अभी सार्वजनिक आपत्तियों के लिए खुला है। अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ही नए शुल्क प्रभावी होंगे।
क्या दोपहिया वाहन मालिकों पर भी नए शुल्क का असर पड़ेगा?
हाँ, दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए फैंसी नंबर शुल्क वाहन की कीमत के आधार पर ₹2,000 से ₹1 लाख तक होगा। ₹50,000 तक के वाहनों पर ₹2,000 और ₹30 लाख से अधिक मूल्य के वाहनों पर ₹1 लाख शुल्क प्रस्तावित है।
आयातित वाहनों पर नया शुल्क क्या होगा?
आयातित वाहनों के लिए प्रस्तावित शुल्क ₹4 लाख तक की कीमत पर ₹20,000 से शुरू होकर ₹50 लाख से अधिक मूल्य के वाहनों पर ₹1.5 लाख तक जाएगा। वर्तमान में यह शुल्क मात्र ₹1,000 से ₹16,000 के बीच है।
तमिलनाडु सरकार ने यह बदलाव क्यों किया?
सरकार का उद्देश्य प्रीमियम पंजीकरण नंबरों की बढ़ती माँग को नियंत्रित करना और अतिरिक्त राजस्व अर्जित करना है। साथ ही मौजूदा फ्लैट-रेट प्रणाली को वाहन की कीमत से जुड़ी आनुपातिक शुल्क संरचना से बदलकर अधिक न्यायसंगत व्यवस्था बनाना भी इसका लक्ष्य है।
राष्ट्र प्रेस
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