तमिलनाडु 1 अक्टूबर को नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टल लॉन्च करेगा, 1,500 MW सोलर क्षमता का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (TNGECL) 1 अक्टूबर 2026 को एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने की योजना बना रहा है, जिसके ज़रिए नई सौर, पवन और हाइब्रिड ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। चेन्नई स्थित इस सरकारी निगम का यह कदम ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु लगातार हो रही बिजली कटौती के बीच नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को तेज़ी से बढ़ाना चाहता है।
पोर्टल की प्रक्रिया और चरण
TNGECL ने सोमवार, 29 सितंबर 2026 को नवीकरणीय ऊर्जा डेवलपर्स और निवेशकों के साथ एक ऑनलाइन बैठक में इस प्रस्तावित प्रक्रिया पर चर्चा की और सुझाव मांगे। अधिकारियों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया में दस चरण होंगे, जिनमें ग्रिड कनेक्टिविटी के लिए अनुरोध भी शामिल होगा।
एक अधिकारी ने बताया कि आवेदकों को सबसे पहले परियोजना की बुनियादी जानकारी देनी होगी और आवेदन फीस व सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होगा। इसके बाद सुपरिटेंडिंग इंजीनियर (सोलर) 10 दिनों के भीतर प्रस्ताव की जांच करेंगे, और डेवलपर्स को किसी भी स्पष्टीकरण अनुरोध का जवाब 30 दिनों के भीतर देना होगा।
प्रस्ताव स्वीकृत होने पर एक फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद आवेदकों को भूमि संबंधी दस्तावेज जमा करने के लिए छह महीने का समय दिया जाएगा। सभी ज़रूरी मंजूरियां और कनेक्टिविटी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा।
1,500 MW सोलर क्षमता का लक्ष्य
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, TNGECL का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के अंत तक बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के साथ कम से कम 1,500 मेगावाट की अतिरिक्त सोलर क्षमता जोड़ना है। यह स्टोरेज सिस्टम सौर ऊर्जा उत्पादन में होने वाले उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने और अधिक मांग वाले समय में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
उद्योग की चिंताएँ और आपत्तियाँ
रिन्यूएबल एनर्जी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के के. वेंकटाचलम ने कहा कि यह पोर्टल पवन, सौर और हाइब्रिड परियोजनाओं — जिनमें बैटरी स्टोरेज भी शामिल है — के लिए प्रस्ताव जमा करने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप देगा। हालांकि, उन्होंने डेवलपर्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले फॉर्म को लेकर स्पष्टता की मांग की।
वेंकटाचलम ने यह भी बताया कि तमिलनाडु इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (TNERC) पहले ही राज्य के ट्रांसमिशन सिस्टम से कनेक्टिविटी के लिए आवेदन करने की विस्तृत प्रक्रिया और निर्धारित फॉर्मेट जारी कर चुका है। TNGECL ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह उन्हीं फॉर्मेट का उपयोग करेगा या नए लाएगा।
उन्होंने प्रस्तावित प्रक्रिया में कुछ दस्तावेज़ी ज़रूरतों पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) की मंजूरी और तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सहमति आदेश को अनिवार्य बताया गया है, जबकि नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को इन ज़रूरतों से पहले से छूट प्राप्त है।
वेंकटाचलम ने एक और तकनीकी विसंगति की ओर ध्यान दिलाया — प्रक्रिया में कमीशनिंग से पहले केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) से एक यूनिक आईडी की ज़रूरत का उल्लेख है, जबकि ऐसी आईडी परियोजना के कमीशन होने के बाद ही जारी होती है। उनका कहना है कि आवेदन के चरण पर इसे देना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
आगे क्या होगा
TNGECL ने उद्योग से सुझाव तो मांगे हैं, लेकिन यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि पोर्टल के 1 अक्टूबर को खुलने से पहले विवादित दस्तावेज़ी ज़रूरतों में कोई संशोधन किया जाएगा या नहीं। गौरतलब है कि राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा महत्वाकांक्षाएं तभी साकार होंगी जब निवेशकों के लिए आवेदन प्रक्रिया पारदर्शी और व्यावहारिक रूप से लागू करने योग्य हो।