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तमिलनाडु 1 अक्टूबर को नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टल लॉन्च करेगा, 1,500 MW सोलर क्षमता का लक्ष्य

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तमिलनाडु 1 अक्टूबर को नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टल लॉन्च करेगा, 1,500 MW सोलर क्षमता का लक्ष्य

सारांश

तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन 1 अक्टूबर को सौर, पवन और हाइब्रिड परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करेगा। चालू वित्त वर्ष में 1,500 MW क्षमता जोड़ने का लक्ष्य है, लेकिन उद्योग ने दस्तावेज़ी प्रक्रिया में विसंगतियों पर सवाल उठाए हैं — पोर्टल खुलने से पहले इनका समाधान ज़रूरी होगा।

मुख्य बातें

तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन (TNGECL) 1 अक्टूबर 2026 को सौर, पवन और हाइब्रिड परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करेगा।
आवेदन प्रक्रिया में 10 चरण होंगे, जिसमें ग्रिड कनेक्टिविटी अनुरोध, 10 दिनों में प्रस्ताव जांच और 30 दिनों में स्पष्टीकरण शामिल है।
TNGECL का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के अंत तक बैटरी एनर्जी स्टोरेज के साथ कम से कम 1,500 मेगावाट सोलर क्षमता जोड़ना है।
रिन्यूएबल एनर्जी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने EIA और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मंजूरी समेत अनावश्यक दस्तावेज़ी ज़रूरतों पर आपत्ति जताई है।
TNGECL ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि पोर्टल लॉन्च से पहले विवादित आवश्यकताओं में बदलाव होगा या नहीं।

तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (TNGECL) 1 अक्टूबर 2026 को एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने की योजना बना रहा है, जिसके ज़रिए नई सौर, पवन और हाइब्रिड ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। चेन्नई स्थित इस सरकारी निगम का यह कदम ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु लगातार हो रही बिजली कटौती के बीच नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को तेज़ी से बढ़ाना चाहता है।

पोर्टल की प्रक्रिया और चरण

TNGECL ने सोमवार, 29 सितंबर 2026 को नवीकरणीय ऊर्जा डेवलपर्स और निवेशकों के साथ एक ऑनलाइन बैठक में इस प्रस्तावित प्रक्रिया पर चर्चा की और सुझाव मांगे। अधिकारियों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया में दस चरण होंगे, जिनमें ग्रिड कनेक्टिविटी के लिए अनुरोध भी शामिल होगा।

एक अधिकारी ने बताया कि आवेदकों को सबसे पहले परियोजना की बुनियादी जानकारी देनी होगी और आवेदन फीस व सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होगा। इसके बाद सुपरिटेंडिंग इंजीनियर (सोलर) 10 दिनों के भीतर प्रस्ताव की जांच करेंगे, और डेवलपर्स को किसी भी स्पष्टीकरण अनुरोध का जवाब 30 दिनों के भीतर देना होगा।

प्रस्ताव स्वीकृत होने पर एक फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद आवेदकों को भूमि संबंधी दस्तावेज जमा करने के लिए छह महीने का समय दिया जाएगा। सभी ज़रूरी मंजूरियां और कनेक्टिविटी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा।

1,500 MW सोलर क्षमता का लक्ष्य

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, TNGECL का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के अंत तक बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के साथ कम से कम 1,500 मेगावाट की अतिरिक्त सोलर क्षमता जोड़ना है। यह स्टोरेज सिस्टम सौर ऊर्जा उत्पादन में होने वाले उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने और अधिक मांग वाले समय में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

उद्योग की चिंताएँ और आपत्तियाँ

रिन्यूएबल एनर्जी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के के. वेंकटाचलम ने कहा कि यह पोर्टल पवन, सौर और हाइब्रिड परियोजनाओं — जिनमें बैटरी स्टोरेज भी शामिल है — के लिए प्रस्ताव जमा करने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप देगा। हालांकि, उन्होंने डेवलपर्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले फॉर्म को लेकर स्पष्टता की मांग की।

वेंकटाचलम ने यह भी बताया कि तमिलनाडु इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (TNERC) पहले ही राज्य के ट्रांसमिशन सिस्टम से कनेक्टिविटी के लिए आवेदन करने की विस्तृत प्रक्रिया और निर्धारित फॉर्मेट जारी कर चुका है। TNGECL ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह उन्हीं फॉर्मेट का उपयोग करेगा या नए लाएगा।

उन्होंने प्रस्तावित प्रक्रिया में कुछ दस्तावेज़ी ज़रूरतों पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) की मंजूरी और तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सहमति आदेश को अनिवार्य बताया गया है, जबकि नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को इन ज़रूरतों से पहले से छूट प्राप्त है।

वेंकटाचलम ने एक और तकनीकी विसंगति की ओर ध्यान दिलाया — प्रक्रिया में कमीशनिंग से पहले केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) से एक यूनिक आईडी की ज़रूरत का उल्लेख है, जबकि ऐसी आईडी परियोजना के कमीशन होने के बाद ही जारी होती है। उनका कहना है कि आवेदन के चरण पर इसे देना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।

आगे क्या होगा

TNGECL ने उद्योग से सुझाव तो मांगे हैं, लेकिन यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि पोर्टल के 1 अक्टूबर को खुलने से पहले विवादित दस्तावेज़ी ज़रूरतों में कोई संशोधन किया जाएगा या नहीं। गौरतलब है कि राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा महत्वाकांक्षाएं तभी साकार होंगी जब निवेशकों के लिए आवेदन प्रक्रिया पारदर्शी और व्यावहारिक रूप से लागू करने योग्य हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उद्योग की आपत्तियाँ बताती हैं कि नीयत और प्रक्रिया के बीच की खाई अभी पाटी नहीं गई है। नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को पहले से EIA और प्रदूषण बोर्ड की मंजूरी से छूट है, फिर भी इन्हें अनिवार्य बताना या तो नीतिगत समझ की कमी है, या प्रक्रियागत जड़ता का नतीजा। CEA की यूनिक आईडी जैसी व्यावहारिक रूप से असंभव ज़रूरत निवेशकों के लिए अनावश्यक बाधा बन सकती है। बिना इन विसंगतियों के सुधार के, 1,500 MW का लक्ष्य और पोर्टल की भावना दोनों कागज़ी ही रहने का जोखिम उठाती हैं।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TNGECL का नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टल क्या है?
यह तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा 1 अक्टूबर 2026 को शुरू किया जाने वाला ऑनलाइन पोर्टल है, जिसके ज़रिए सौर, पवन और हाइब्रिड ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इसमें ग्रिड कनेक्टिविटी अनुरोध सहित 10 चरणीय प्रक्रिया होगी।
तमिलनाडु का 1,500 MW सोलर लक्ष्य कब पूरा होगा?
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार TNGECL का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के अंत तक बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के साथ कम से कम 1,500 मेगावाट सोलर क्षमता जोड़ना है। यह राज्य में बिजली कटौती की समस्या से निपटने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
नवीकरणीय ऊर्जा डेवलपर्स ने पोर्टल की प्रक्रिया पर क्या आपत्तियाँ जताई हैं?
रिन्यूएबल एनर्जी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के के. वेंकटाचलम ने कहा कि EIA मंजूरी और तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहमति आदेश को अनिवार्य बताया गया है, जबकि नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को इनसे छूट है। उन्होंने CEA की यूनिक आईडी की आवश्यकता को भी व्यावहारिक रूप से असंभव बताया, क्योंकि यह आईडी कमीशनिंग के बाद ही मिलती है।
TNGECL की आवेदन प्रक्रिया में कितना समय लगेगा?
प्रस्ताव जमा होने के बाद सुपरिटेंडिंग इंजीनियर 10 दिनों में जांच करेंगे। डेवलपर्स को स्पष्टीकरण के लिए 30 दिन और भूमि संबंधी दस्तावेज़ जमा करने के लिए छह महीने दिए जाएंगे।
क्या TNGECL पोर्टल लॉन्च से पहले विवादित ज़रूरतों में बदलाव करेगा?
TNGECL ने उद्योग से सुझाव मांगे हैं, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि 1 अक्टूबर को पोर्टल खुलने से पहले विवादित दस्तावेज़ी ज़रूरतों में कोई संशोधन होगा या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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