तमिलनाडु: किसानों को 50,000 मुफ्त कृषि बिजली कनेक्शन, ₹750 करोड़ खर्च करेगी TNPDCL
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने 25 अक्टूबर 2026 को चालू वर्ष के लिए 50,000 नए कृषि बिजली कनेक्शनों को औपचारिक मंजूरी दे दी है, जिससे सिंचाई के लिए बिजली का इंतजार कर रहे हजारों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। ऊर्जा विभाग ने एक सरकारी आदेश के जरिए तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (TNPDCL) को इस कार्यक्रम को लागू करने के लिए अधिकृत किया है। इन नए कनेक्शनों को स्थापित करने का अनुमानित खर्च ₹750 करोड़ है, जो TNPDCL वहन करेगी।
कनेक्शनों का वर्गीकरण
स्वीकृत 50,000 कनेक्शनों को चार अलग-अलग श्रेणियों में बाँटा गया है। 20,000 कनेक्शन 'सामान्य श्रेणी' के तहत दिए जाएंगे, जिनका पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। 3,372 कनेक्शन 'स्व-वित्तपोषित योजना' के माध्यम से आवंटित होंगे, जिसमें किसानों को स्वीकृत बिजली लोड के लिए आवश्यक राशि स्वयं जमा करनी होगी।
सबसे बड़ा हिस्सा — 25,282 कनेक्शन — 'तत्काल फास्ट-ट्रैक योजना' के तहत होगा, जिसमें आवेदकों को प्रतीक्षा अवधि अपेक्षाकृत कम रहेगी। शेष 1,346 कनेक्शन विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत प्रदान किए जाएंगे।
वित्तीय ढाँचा और सब्सिडी
सरकार इन नए कनेक्शनों की नियमित बिजली खपत पर ₹127.56 करोड़ की सब्सिडी देगी। इसके अतिरिक्त, इंस्टॉलेशन का अनुमानित खर्च लगभग ₹750 करोड़ TNPDCL द्वारा वहन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत जुड़ने वाले सभी नए कृषि उपभोक्ताओं को राज्य की मुफ्त बिजली नीति का लाभ भी मिलेगा।
गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार एक सुस्थापित नीति के तहत कृषि उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देती है और TNPDCL को सरकारी सब्सिडी से क्षतिपूर्ति करती है। वर्तमान में राज्यभर में लगभग 24 लाख कृषि बिजली कनेक्शन इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस मद में ₹7,000 करोड़ से अधिक की राशि जारी की गई है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और घोषणा
यह मंजूरी बिजली मंत्री सी.टी.आर. निर्मल कुमार द्वारा अगस्त में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान की गई घोषणा के बाद TNPDCL के प्रस्ताव के आधार पर दी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब कृषि बिजली कनेक्शनों के आवेदनों का एक बड़ा बैकलॉग जमा हो गया है — तीन लाख से अधिक किसान अभी भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
इससे पहले, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार ने 2021 से 2026 के बीच 1.70 लाख मुफ्त कृषि कनेक्शन प्रदान किए थे। इतनी बड़ी संख्या में कनेक्शन देने के बावजूद प्रतीक्षा सूची लंबी बनी रही, जो खेती के लिए बिजली की अनुपातहीन और बढ़ती मांग को रेखांकित करती है।
आम किसान पर असर
नई मंजूरी से 50,000 अतिरिक्त कृषि उपभोक्ता बिजली नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। हालाँकि, इसके बाद भी तीन लाख से अधिक आवेदन लंबित रहेंगे, जो दर्शाता है कि माँग और आपूर्ति के बीच की खाई अभी पूरी तरह नहीं पाटी जा सकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के क्रमिक आवंटन किसानों को तत्काल राहत तो देते हैं, किंतु दीर्घकालिक समाधान के लिए बुनियादी ढाँचे के विस्तार की आवश्यकता है।
आने वाले महीनों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि TNPDCL इंस्टॉलेशन की गति को किस तरह बनाए रखती है और क्या शेष लंबित आवेदनों के लिए भविष्य में और बड़े आवंटन की घोषणा की जाती है।