तमिलनाडु में बिजली संकट: TNPDCL ने खुले बाजार से 2,000 MW अतिरिक्त बिजली खरीदने का फैसला किया
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (TNPDCL) ने 13 सितंबर 2026 को निजी बिजली उत्पादक कंपनियों और खुले बाजार से 2,000 मेगावाट (MW) अतिरिक्त बिजली की आपातकालीन खरीद शुरू की है। लंबे समय तक असामान्य गर्मी बने रहने और विंड एनर्जी उत्पादन में अचानक गिरावट के कारण राज्य के बिजली वितरण नेटवर्क पर भारी दबाव पड़ा, जिससे कई जिलों में आपूर्ति बाधित हुई।
संकट की पृष्ठभूमि
TNPDCL ने शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि इस वर्ष गर्मी जैसा मौसम अपेक्षा से कहीं अधिक समय तक बना रहा। इसके चलते घरों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और कार्यालयों में एयर कंडीशनर, पंखे व अन्य कूलिंग उपकरणों का उपयोग असाधारण रूप से बढ़ा, जिसने बिजली की माँग को उच्चतम स्तर पर पहुँचा दिया।
इसके साथ ही हवा की गति में कमी के कारण विंड एनर्जी संयंत्रों का उत्पादन भी प्रभावित हुआ — जो तमिलनाडु के लिए एक अहम नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है। कॉर्पोरेशन के अनुसार, विंड पावर की उपलब्धता में कटौती से वितरण नेटवर्क के कुछ हिस्सों में वोल्टेज में उतार-चढ़ाव जैसी तकनीकी समस्याएँ भी उत्पन्न हुईं।
बिजली मंत्री की प्रतिक्रिया
राज्य के बिजली मंत्री आर. निर्मलकुमार ने स्पष्ट किया कि लगातार दो दिनों तक बिजली की कमी की मुख्य वजह विंड एनर्जी उत्पादन में अचानक आई गिरावट थी। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की आपूर्ति संबंधी समस्याएँ केवल तमिलनाडु तक सीमित नहीं थीं, बल्कि कई अन्य राज्यों में भी इसी तरह की स्थिति देखी गई।
मंत्री ने जानकारी दी कि शुक्रवार शाम को कमी को पूरा करने के लिए कॉमन पावर सप्लाई पूल से बिजली ली गई, जिसके बाद पूरे तमिलनाडु में बिजली आपूर्ति सामान्य स्थिति में आ गई।
आम जनता पर असर और विरोध प्रदर्शन
बिजली की बढ़ती खपत और आपूर्ति में व्यवधान की खबरें सामने आने के बाद कई जिलों में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के एक घंटे तक बिजली कटौती का आरोप लगाया और भरोसेमंद आपूर्ति बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाने की माँग की। गौरतलब है कि बिना अग्रिम सूचना के बिजली कटौती नियामकीय दिशा-निर्देशों के विरुद्ध मानी जाती है।
TNPDCL की आपातकालीन रणनीति
TNPDCL ने बताया कि माँग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर को पाटने के लिए अलग-अलग स्रोतों से 2,000 MW अतिरिक्त बिजली हासिल करने की व्यवस्था की जा रही है। इसमें निजी बिजली उत्पादकों के साथ-साथ खुला बाजार (ओपन मार्केट) भी शामिल है।
कॉर्पोरेशन ने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली नेटवर्क और माँग के पैटर्न पर निरंतर नज़र रखी जा रही है, ताकि भविष्य में किसी भी व्यवधान को रोका जा सके। अधिकारियों के अनुसार, बिजली की उपलब्धता की नियमित समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर और अधिक बिजली की खरीद की जाएगी।
आगे की राह
TNPDCL ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि प्रतिकूल मौसम और विंड एनर्जी उत्पादन में कमी के बावजूद बिजली आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने और लोगों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है, और यह स्पष्ट करती है कि विंड एनर्जी पर अत्यधिक निर्भरता की अपनी सीमाएँ हैं।