रामनाथपुरम में करंट लगने से दो मासूमों की मौत: 10 वर्षीय निरायमथी और 6 वर्षीय बालाप्रवीण की जान गई
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में 30 सितंबर 2026 को एक दर्दनाक हादसे में कमुथी के समीप अचंकुलम गांव के दो बच्चों की बिजली का करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान 5वीं कक्षा की छात्रा निरायमथी (10 वर्ष) और उसके छोटे भाई, पहली कक्षा के छात्र बालाप्रवीण (6 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों बच्चे मोहनदास और लता के बच्चे थे।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
रिपोर्टों के अनुसार, दोनों बच्चे अपने घर के पास पेयजल शुद्धिकरण स्थल के समीप खेल रहे थे। खेल के दौरान उन्होंने वहाँ पड़ी एक लोहे की रॉड को पकड़ लिया। उसी क्षण उस रॉड में अचानक विद्युत प्रवाह दौड़ गया, जिससे दोनों बच्चों को गंभीर करंट लगा और उनकी तत्काल मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने पर अभिरामम पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति का जायजा लिया। दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए कमुथी सरकारी अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस जांच
अभिरामम पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पेयजल शुद्धिकरण स्थल पर लोहे की रॉड में करंट कैसे और कहाँ से आया, तथा इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है। जाँच अधिकारियों के अनुसार, बिजली का स्रोत अभी कथित तौर पर निर्धारित किया जा रहा है।
परिवार में मातम
दोनों मासूमों की अकाल मृत्यु से परिवार में गहरा शोक छा गया है। माता-पिता मोहनदास और लता की दो संतानें एक ही दिन में उनसे छिन गईं। ग्रामीण भी इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं और स्थानीय प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएँ
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में बिजली के करंट से मौत की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि इससे महज चार दिन पहले, 26 सितंबर को मध्य प्रदेश के मंडला जिले में हीरापुर गांव स्थित एक गणेश पंडाल में करंट फैलने से चार युवकों की जान चली गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे। मृतकों में जैन भंवरे (19), रवि झारिया (24), कृष्ण कुमार भंवरे (18) और वीरेंद्र भंवरे (24) शामिल थे। घायलों में प्रियांशु की हालत गंभीर बताई गई थी, जिन्हें जिला अस्पताल भेजा गया था।
इन घटनाओं से यह सवाल उठता है कि सार्वजनिक स्थलों पर विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन किस हद तक हो रहा है। आगे की जांच और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में प्रशासन पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।