27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ताशकंद में नीना मल्होत्रा: सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंधों को और मजबूती देने की पहल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ताशकंद में नीना मल्होत्रा: सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंधों को और मजबूती देने की पहल

सारांश

ताशकंद में नीना मल्होत्रा ने सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने हिंदी और भारतीय भाषाओं के प्रचार के लिए सहयोग के अवसरों पर चर्चा की। इस यात्रा ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मुख्य बातें

ताशकंद में नीना मल्होत्रा का दौरा महात्मा गांधी केंद्र का महत्व हिंदी और अन्य भाषाओं का प्रचार महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को मजबूत करने के प्रयास

ताशकंद, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान, सचिव (दक्षिण) ने ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज (टीएसयूओएस) में स्थित महात्मा गांधी केंद्र का दौरा किया। उन्होंने इंडोलॉजिस्ट्स और छात्रों के साथ संवाद किया, और हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं के प्रचार के लिए सांस्कृतिक-शैक्षिक संबंधों को बेहतर बनाने के विभिन्न सहयोग के अवसरों पर चर्चा की।

विदेश मंत्रालय ने इस जानकारी को साझा किया। नीना मल्होत्रा ने टीएसयूओएस में आयोजित सम्मेलन “ग्लोबल साउथ में महिलाओं का सशक्तिकरण - सतत विकास के मार्ग” में मुख्य वक्ता के रूप में हिस्सा लिया।

उन्होंने अपने संबोधन में वैश्विक दक्षिण के देशों में महिलाओं के योगदान को उजागर करते हुए कहा कि समावेशी विकास और सतत प्रगति के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण बेहद महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर, सचिव (दक्षिण) ने महात्मा गांधी इंडोलॉजी केंद्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने इंडोलॉजिस्ट्स और छात्रों के साथ संवाद किया, जिसमें भारतीय भाषाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष चर्चा की गई।

टीएसयूओएस की आधिकारिक वेबसाइट में इसका उल्लेख किया गया है। उज्बेकिस्तान में भारत की राजदूत स्मिता पंत भी उनके साथ थीं। यहां “उज्बेकिस्तान और भारत के साहित्य में महिलाएं” शीर्षक से एक गोलमेज चर्चा आयोजित की गई, जिसमें संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।

गोलमेज चर्चा के दौरान, पंत और डॉ. नीना मल्होत्रा ​​ने भारत और उज्बेक समाज में महिलाओं की भूमिका और विज्ञान एवं संस्कृति के विकास में उनके योगदान पर चर्चा की। विशेष रूप से, उन्होंने इंडोलॉजी (भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास, संस्कृति, भाषाओं, साहित्य और दर्शन का अध्ययन) को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए विश्वविद्यालय की रेक्टर, प्रोफेसर जी.एस. रिख्सियेवा के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में सहयोग के लिए अपने प्रस्ताव साझा किए।

बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच शैक्षणिक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भाषा शिक्षण को बढ़ावा देने के नए अवसरों पर विचार किया गया, जिससे भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संबंध और अधिक मजबूत हो सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीना मल्होत्रा ने किस विश्वविद्यालय का दौरा किया?
नीना मल्होत्रा ने ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज का दौरा किया।
महात्मा गांधी केंद्र का उद्देश्य क्या है?
महात्मा गांधी केंद्र का उद्देश्य भारतीय भाषाओं और संस्कृति का अध्ययन और प्रचार करना है।
किस विषय पर सम्मेलन आयोजित किया गया था?
सम्मेलन का विषय था 'ग्लोबल साउथ में महिलाओं का सशक्तिकरण - सतत विकास के मार्ग'।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंधों को मजबूत करना था।
गोलमेज चर्चा में किसने भाग लिया?
गोलमेज चर्चा में संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले