क्या 2020 की तरह 2025 में भी तेजस्वी का सपना टूटेगा? बिहार को जंगलराज नहीं चाहिए: नित्यानंद राय

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क्या 2020 की तरह 2025 में भी तेजस्वी का सपना टूटेगा? बिहार को जंगलराज नहीं चाहिए: नित्यानंद राय

सारांश

तेजस्वी यादव के चुनावी दावों पर नित्यानंद राय का करारा जवाब, बिहार के विकास में जंगलराज की कोई जगह नहीं। क्या फिर से होगा सपना टूटना?

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव के दावे पर नित्यानंद राय का करारा जवाब।
बिहार की जनता विकास चाहती है, जंगलराज नहीं।
2020 की तरह 2025 में भी सपना टूटने की संभावना।

पटना, 3 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने तेजस्वी यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि 14 नवंबर को चुनाव परिणाम आएंगे और 18 नवंबर को वे शपथ लेंगे। उन्होंने कहा कि 2020 की तरह 2025 में भी तेजस्वी का सपना टूटेगा, बिहार को जंगलराज नहीं चाहिए।

तेजस्वी यादव ने 2 नवंबर को हुई कई चुनावी सभाओं में चुनाव जीतने का दावा किया। उनके इस बयान से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान नित्यानंद राय ने कहा कि तेजस्वी यादव का दावा है कि वे 18 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वे बस एक सपना देख रहे हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने दो दिनों तक ऐसे ही सपने देखे थे। इस बार भी उनका सपना पूरा नहीं होगा। बिहार की जनता विकास चाहती है, जंगलराज नहीं।

नित्यानंद राय ने कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में जब मतदान संपन्न हुए और परिणाम आने तक तेजस्वी ने सपना देखा कि बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे। परिणाम जब आया तो उनका सपना टूट गया। 2020 में तेजस्वी ने दो दिनों के लिए सपना देखा था, जो पूरा नहीं हुआ। अब एक बार फिर तेजस्वी यादव 2025 में सपना देख रहे हैं कि वे मुख्यमंत्री बन जाएंगे। मैं उन्हें बता देना चाहता हूं कि उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने मन बना लिया है कि वे एनडीए के समर्थन में वोट करेंगे। चुनाव के पहले चरण में भी बिहार की जनता इतनी तादाद में वोट करेगी कि राजद का सूपड़ा साफ हो जाएगा।

एक कहावत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक आम के पेड़ से सभी आम तोड़े जाने पर 3 से 4 आम फिर भी रह जाते हैं, उसी प्रकार बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन का हाल होने वाला है। बिहार की जनता ने ठान लिया है कि महागठबंधन का सूपड़ा साफ करना है। हार सुनिश्चित देख तेजस्वी यादव सपने देखने लगे हैं, जो कभी पूरे नहीं होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सच्चाई तब सामने आती है जब परिणाम आते हैं। नित्यानंद राय का यह कहना कि तेजस्वी का सपना टूटेगा, राजनीति में एक सामान्य परिघटना है। बिहार की जनता ने अपने विकास के लिए एक स्थिर और सक्षम नेतृत्व का चुनाव किया है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या तेजस्वी यादव 2025 में मुख्यमंत्री बन सकते हैं?
राजनीतिक दावे अक्सर होते हैं, लेकिन वास्तविकता चुनाव परिणामों से ही स्पष्ट होती है।
नित्यानंद राय ने तेजस्वी के दावों पर क्या कहा?
नित्यानंद राय ने कहा कि तेजस्वी का सपना 2025 में भी टूटेगा और बिहार को जंगलराज नहीं चाहिए।
राष्ट्र प्रेस