क्या 14 नवंबर को तेजस्वी यादव प्रवासी बिहारी बन जाएंगे? - नीरज कुमार

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क्या 14 नवंबर को तेजस्वी यादव प्रवासी बिहारी बन जाएंगे? - नीरज कुमार

सारांश

बिहार चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के बाद, जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि 14 नवंबर को चुनाव परिणाम आने के बाद तेजस्वी यादव प्रवासी बिहारी बन जाएंगे। जानिए इस बयान के पीछे की पूरी कहानी और बिहार की राजनीतिक स्थिति को।

मुख्य बातें

14 नवंबर को चुनाव परिणाम आने वाले हैं।
तेजस्वी यादव का राजनीतिक भविष्य सवालों के घेरे में है।
बिहार में एनडीए के समर्थन की उम्मीद जताई गई है।
लालटेन की रोशनी अब पहले जैसी नहीं रही।
राजद का मानना है कि जनता बदलाव चाहती है।

पटना, ११ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार चुनाव के दूसरे चरण की मतदान प्रक्रिया के बाद राजनीतिक हलचलें बढ़ गई हैं। इसी संदर्भ में जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि १४ नवंबर को चुनाव परिणाम आने के बाद तेजस्वी यादव प्रवासी बिहारी बन जाएंगे।

नीरज कुमार ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए बताया कि दूसरे चरण का मतदान सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। अब विपक्षी नेता बेबुनियाद दावे करने लगे हैं, जैसे स्ट्रॉन्गरूम या ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप। ये तो महज उनके आरोपों की शुरुआत है। वास्तविकता यह है कि चुनाव परिणामों के बाद तेजस्वी यादव प्रवासी बिहारी बन जाएंगे।

नीरज कुमार ने राष्ट्र प्रेस-मैट्रिज एग्जिट पोल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बिहार की जनता ने अपने मन की बात स्पष्ट कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि लालटेन की रोशनी अब मंद पड़ गई है। लोगों को सीएम नीतीश कुमार और एनडीए के सुशासन पर भरोसा है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने एग्जिट पोल के रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एनडीए को भारी जीत मिलेगी। लोगों का आशीर्वाद और जनादेश सुशासन को मिला है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में विकास और स्थिरता की दिशा में जनता ने वोट दिया है। राजद के गुंडों के द्वारा सड़कों पर किया गया हंगामा लोगों को पुराने जंगलराज की याद दिला रहा था, और बिहार की जनता अब उस दौर को कभी नहीं देखना चाहती।

भाजपा नेता संजय मयूख ने भी एग्जिट पोल के बारे में कहा, “परिणाम एग्जिट पोल से भी बेहतर आएंगे। बिहार की जनता पूरी तरह हमारे साथ है। अब १४ नवंबर के नतीजों का इंतजार है।”

वहीं, राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने एग्जिट पोल को खारिज करते हुए कहा कि ये अक्सर गलत साबित होते हैं। इस बार बिहार की जनता एनडीए को स्वीकार नहीं करेगी। लोगों ने बदलाव के लिए मतदान किया है। जनता एक-एक वोट की रक्षा मुस्तैदी से कर रही है। हमें पूरा विश्वास है कि १४ नवंबर को तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन की जीत होगी और १८ नवंबर को तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बिहार की राजनीति में कई उतार-चढ़ाव हैं। चुनाव परिणामों ने न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है। बिहार के लोगों की इच्छाओं और आकांक्षाओं को समझना आवश्यक है, और यह चुनाव उनकी आवाज़ को स्थापित करने का एक मंच है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस्वी यादव प्रवासी बिहारी कैसे बनेंगे?
नीरज कुमार के अनुसार, चुनाव परिणाम आने के बाद तेजस्वी यादव का प्रभाव कम होगा, जिससे उन्हें प्रवासी बिहारी कहा जा सकता है।
क्या एग्जिट पोल पर भरोसा किया जा सकता है?
राजद प्रवक्ता का कहना है कि एग्जिट पोल अक्सर गलत साबित होते हैं, और इस बार भी ऐसा हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस