तेलंगाना में अपराध दर 7.15% बढ़ी, नारकोटिक्स मामलों में 46% उछाल; DGP ने की समीक्षा बैठक
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना में पिछले तीन वर्षों — 2023-24 से 2025-26 — के दौरान कुल अपराध दर में 7.15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि नशीले पदार्थों (नारकोटिक्स) से जुड़े मामलों में 46.10 प्रतिशत का उछाल आया है। यह आंकड़े 28 अगस्त को उस समय सामने आए जब राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) सीवी आनंद ने सभी इकाइयों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ अर्धवार्षिक अपराध समीक्षा बैठक की। यह बैठक राज्य में बदलते अपराध परिदृश्य और पुलिसिंग की गुणवत्ता पर गहन मंथन का अवसर बनी।
मुख्य आंकड़े: तीन वर्षों में क्या बदला
आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल अपराध मामलों की संख्या 2023-24 में 2,65,377 थी, जो 2025-26 में बढ़कर 2,84,363 हो गई। प्रति लाख आबादी पर अपराध दर 481.58 से बढ़कर 491.59 हो गई है।
नारकोटिक्स मामलों की संख्या 2,026 से बढ़कर 2,960 हो गई — तीन वर्षों में 46.10 प्रतिशत की वृद्धि। प्रति लाख आबादी पर नारकोटिक्स अपराध दर 3.68 से बढ़कर 5.12 हो गई है, जिसे पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
सबसे चिंताजनक आंकड़ा संगठित अपराध (ऑर्गनाइज्ड क्राइम) का है — मामले 25 से बढ़कर 451 हो गए, यानी 1,704 प्रतिशत की वृद्धि। ट्रैफिक अपराधों में भी 29,130 से 31,891 तक 9.48 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
गंभीर अपराधों में कमी, गैर-गंभीर अपराध बढ़े
DGP कार्यालय के अनुसार, गंभीर अपराधों (ग्रेव क्राइम्स) में उल्लेखनीय कमी आई है। 2024-25 में गंभीर अपराधों के 7,019 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025-26 में घटकर 6,294 रह गए — 10.33 प्रतिशत की कमी। प्रति लाख आबादी पर गंभीर अपराध दर भी 11.21 से घटकर 10.88 हो गई।
प्रमुख पुलिस आयुक्तालयों में हैदराबाद में गंभीर अपराध 1,483 से घटकर 1,094 हुए (26.23 प्रतिशत की कमी), साइबराबाद में 656 से 613 और मलकाजगिरी में 664 से 549 मामले रह गए।
हालांकि, गैर-गंभीर अपराधों की संख्या 2023-24 में 2,59,201 से बढ़कर 2025-26 में 2,78,069 हो गई — 7.28 प्रतिशत की वृद्धि। फ्यूचर सिटी में 23.70 प्रतिशत, साइबराबाद में 17.32 प्रतिशत और मलकाजगिरी में 13.53 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हैदराबाद में गैर-गंभीर अपराधों में 2.77 प्रतिशत की मामूली कमी जरूर रही।
जिलों में चिंताजनक तस्वीर
जिला स्तर पर कोमाराम भीम आसिफाबाद में 70.88 प्रतिशत और आदिलाबाद में 60.71 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मेडक, संगारेड्डी, नलगोंडा और नारायणपेट में भी अपराध के मामले बढ़े हैं।
नारकोटिक्स के मामले में साइबराबाद में मामले 266 से बढ़कर 508 हो गए — 90.98 प्रतिशत की वृद्धि। वारंगल में तीन वर्षों के दौरान 142.31 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो राज्य में सर्वाधिक है।
साइबर और आर्थिक अपराधों में राहत
कुछ श्रेणियों में सकारात्मक रुझान भी देखा गया। साइबर अपराध के मामले 25,373 से घटकर 22,000 रह गए — 13.29 प्रतिशत की कमी। आर्थिक अपराध 37,690 से घटकर 32,684 हो गए, यानी 13.28 प्रतिशत की गिरावट। यह कमी डिजिटल निगरानी और जागरूकता अभियानों का आंशिक परिणाम मानी जा रही है।
DGP के निर्देश और आगे की कार्ययोजना
DGP सीवी आनंद ने अधिकारियों को अपराध जांच और पुलिसिंग में पेशेवर मानकों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अपराध समीक्षा केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि हर अपराध के कारण, अपराधियों के तरीके, जांच की गुणवत्ता और मामलों के निपटारे का गहराई से विश्लेषण किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) पर विशेष ध्यान दिए जाने के परिणामस्वरूप डेटा अपडेट की दर 70-80 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत हो गई है। DGP ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला दौरों और थानों के निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई करें और उभरते अपराध रुझानों की पहले से पहचान कर आवश्यक कार्ययोजना तैयार करें।