तेलंगाना DGP सीवी आनंद ने माओवादी परिदृश्य की समीक्षा की, 2024-26 में 820 कैडरों ने किया आत्मसमर्पण
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने सोमवार, 18 मई 2026 को राज्य में मौजूदा माओवादी परिदृश्य की व्यापक समीक्षा की और विशेष खुफिया ब्यूरो (एसआईबी) द्वारा संचालित उग्रवाद-विरोधी अभियानों एवं खुफिया पहलों का आकलन किया। इस समीक्षा का उद्देश्य राज्य की आंतरिक सुरक्षा चिंताओं को व्यवस्थित रूप से संबोधित करना था।
समीक्षा बैठक का विवरण
डीजीपी सीवी आनंद ने एसआईबी मुख्यालय का दौरा किया और वहाँ तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सीधी बातचीत की। इस अवसर पर अतिरिक्त डीजीपी (खुफिया) विजय कुमार और खुफिया एवं एसआईबी के आईजीपी कार्तिकेय भी उपस्थित रहे। बैठक में वामपंथी उग्रवाद की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
आत्मसमर्पण के आँकड़े: बड़ी उपलब्धि
2024 से 2026 के बीच तेलंगाना में कुल 820 भूमिगत सीपीआई-माओवादी कैडरों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इनमें वरिष्ठ स्तर के कैडर भी शामिल हैं — 4 केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम), 22 राज्य समिति सदस्य (एससीएम), 1 क्षेत्रीय समिति सदस्य (आरसीएम), 45 मंडल समिति सदस्य (डीवीसीएम) और 173 क्षेत्र समिति सदस्य (एसीएम)।
गौरतलब है कि इन आत्मसमर्पणों के साथ भूमिगत कार्यकर्ताओं ने कुल 334 हथियार भी सौंपे, जिनमें 58 एके-47 राइफलें, 48 इंसास राइफलें, 50 एसएलआर, 6 एलएमजी और अन्य अत्याधुनिक हथियार शामिल हैं। यह हथियार-जब्ती माओवादी संगठन की सशस्त्र क्षमता को कमज़ोर करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
एसआईबी की भूमिका और रणनीति
डीजीपी ने सशस्त्र माओवादी आंदोलन को निष्क्रिय करने में एसआईबी के योगदान की सराहना की। एसआईबी ने खुफिया जानकारी पर आधारित निरंतर अभियानों, विश्वास-निर्माण उपायों और पुनर्वास पहलों के ज़रिए भूमिगत कार्यकर्ताओं को हिंसा छोड़ने और मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और कई राज्य सरकारें माओवाद-प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के दोहरे दृष्टिकोण पर ज़ोर दे रही हैं।
पुनर्वास और पुनर्एकीकरण की योजना
डीजीपी सीवी आनंद ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास एवं सामाजिक पुनर्एकीकरण उपायों की भी समीक्षा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि तेलंगाना पुलिस इन कार्यकर्ताओं के पुनर्वास के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करती रहेगी। उन्होंने एसआईबी को निर्देश दिया कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों पर निरंतर नज़र रखी जाए और उनके कौशल विकास, रोज़गारोन्मुखी प्रशिक्षण तथा नौकरी दिलाने की प्रक्रिया को सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनका समाज में स्थायी एकीकरण हो सके।
आगे की राह
विशेषज्ञों के अनुसार, वरिष्ठ माओवादी नेतृत्व के आत्मसमर्पण और भारी मात्रा में हथियारों की बरामदगी तेलंगाना में माओवादी संगठन की संरचनात्मक कमज़ोरी का संकेत देती है। अब असली परीक्षा यह होगी कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों का पुनर्वास कितनी प्रभावी तरह से होता है — क्योंकि यही दीर्घकालिक शांति की नींव तय करेगा।