तेलंगाना रेलवे कनेक्टिविटी: भद्राचलम स्टेशन और नई रेल लाइन की मांग, सांसदों ने केंद्र पर उपेक्षा का आरोप लगाया
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के सांसदों ने 20 अगस्त को केंद्र सरकार के समक्ष राज्य की रेलवे कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई अहम मांगें रखीं। सांसद वड्डी राजू ने भद्राचलम में नया रेलवे स्टेशन बनाने, कोठागुडेम-भद्राचलम के बीच नई रेल लाइन बिछाने और कोठागुडेम रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर 'भद्राद्री कोठागुडेम' करने की माँग उठाई। वहीं, सांसद बलराम नाइक ने केंद्र पर तेलंगाना के रेलवे विकास की कथित उपेक्षा करने और रेलवे भूमि पर अवैध कब्जों को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया।
बैठक में उठाई गई प्रमुख मांगें
तेलंगाना के सांसदों और केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े रेलवे प्रोजेक्ट और यात्री सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। सांसद वड्डी राजू ने बताया कि भद्राचलम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहाँ भगवान श्रीराम का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है, फिर भी यहाँ अब तक सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने खम्मम के गांधी चौक पर रेलवे गेट बंद होने के बाद वहाँ तत्काल अंडरपास निर्माण, मल्लामडुगु रेलवे स्टेशन को जारी रखने और मधिरा रेलवे स्टेशन पर कुछ ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने की माँग भी रखी। उन्होंने महबूबाबाद, केसामुद्रम और नेकोंडा में भी ट्रेन ठहराव बहाल करने की अपील की, यह कहते हुए कि कोविड-19 महामारी के बाद से कई सेवाएँ बंद पड़ी हैं।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का व्यापक महत्व
सांसद राजू के अनुसार, यदि कोठागुडेम से भद्राचलम तक रेल लाइन बिछाई जाती है, तो यह क्षेत्र आगे जगदलपुर, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी जैसे इलाकों से भी जुड़ सकता है। उनका कहना है कि प्रस्तावित रेल नेटवर्क तेलंगाना को पाँच राज्यों के बीच एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी बिंदु के रूप में स्थापित कर सकता है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस नेटवर्क से आदिवासी, दलित, पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी। माल ढुलाई के संदर्भ में उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ के खनन क्षेत्रों से निकलने वाले आयरन ओर और अन्य खनिजों के साथ-साथ तेलंगाना की सिंगरेनी कोल माइंस से जुड़े परिवहन को भी इस नेटवर्क से सुगम बनाया जा सकता है।
केंद्र पर उपेक्षा का आरोप
सांसद बलराम नाइक ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि तेलंगाना को नई ट्रेनों, रेल परियोजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा। उन्होंने मलकाजगिरी समेत कई क्षेत्रों में रेलवे भूमि पर कथित अवैध कब्जों का मुद्दा उठाया और केंद्र से इस पर तत्काल कार्रवाई की माँग की।
नाइक ने गरीब और निम्न आय वर्ग के यात्रियों के लिए पहले उपलब्ध 'इज्जत पास' सुविधा को बंद किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि यह पास गरीब यात्रियों को कम कीमत पर रेल यात्रा की सुविधा देता था, जिसे बाद में समाप्त कर दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की बच्चों और गरीब परिवारों के लिए चल रही योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र को भी रेलवे में आम आदमी को राहत देनी चाहिए।
आगे क्या होगा
बैठक में उठाई गई माँगों पर केंद्र सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। तेलंगाना के सांसदों द्वारा उठाए गए ये मुद्दे राज्य की राजनीति में केंद्र-राज्य संबंधों के संदर्भ में अहम बने हुए हैं। रेल बजट आवंटन और नई परियोजनाओं की घोषणाओं पर सांसदों की नजर बनी रहेगी।