पूर्णिया में तीन सगे भाइयों की जलाशय में डूबकर मौत, एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में गई जान
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पूर्णिया जिले के आलम नगर में रविवार, 9 अगस्त को एक दर्दनाक हादसे में तीन सगे भाई जलाशय में डूबकर काल के गाल में समा गए। मृतकों की पहचान मोफिजुल (12 वर्ष), तफिजुल (10 वर्ष) और सैराजुल (8 वर्ष) के रूप में हुई है — तीनों आलमगीर के पुत्र थे। यह हृदयविदारक घटना कस्बा ब्लॉक की कुल्लाखास पंचायत के वार्ड नंबर 7 में हुई।
घटनाक्रम: कैसे हुआ यह हादसा
अधिकारियों के अनुसार, आलमगीर के चारों बेटे अपने घर के निकट एक गोदाम के पीछे बने जलाशय में जाल से मछली पकड़ने गए थे। मछली पकड़ने के दौरान भाइयों में से एक अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने की कोशिश में उसके दो अन्य भाई भी जलाशय में उतर गए और वे भी डूबने लगे। चौथे भाई अली हुसैन ने तुरंत गाँव की ओर दौड़ लगाई और परिवार को इस आपदा की सूचना दी।
बचाव प्रयास और दुखद अंत
सूचना मिलते ही रिश्तेदार और स्थानीय निवासी घटनास्थल पर पहुँचे और काफी मशक्कत के बाद तीनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी — तीनों की मौत हो चुकी थी। जिला पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया मेडिकल कॉलेज भेज दिया। कस्बा अंचल अधिकारी निशांत कुमार ने डूबने से हुई तीनों मौतों की पुष्टि की और बताया कि घटना की सूचना मिलते ही एक अधिकारी को तत्काल मौके पर रवाना किया गया था।
समुदाय में शोक की लहर
इस त्रासदी ने पूरे आलम नगर को गहरे शोक में डुबो दिया है। दुखी ग्रामीण परिवार को सांत्वना देने के लिए इकट्ठा हुए और घर में मातम का माहौल छा गया। कुल्लाखास पंचायत के मुखिया रंजीत पासवान ने शोकसंतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और प्रशासन से परिवार को सरकारी आर्थिक सहायता दिलाने की अपील की।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह घटना बिहार में बच्चों की जल-सुरक्षा के प्रति बढ़ती चिंताओं को एक बार फिर सामने लाती है। गौरतलब है कि ग्रामीण इलाकों में खुले जलाशयों के पास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण इस तरह के हादसे बार-बार सामने आते हैं। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह न केवल परिवार को मुआवजा दिलाए, बल्कि क्षेत्र के खुले जलाशयों के आसपास सुरक्षा उपायों पर भी ध्यान दे।