दिल्ली-जम्मू कश्मीर पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन: कठुआ से तीन कथित लुटेरे गिरफ्तार, दिल्ली में डकैती के कई मामले दर्ज

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दिल्ली-जम्मू कश्मीर पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन: कठुआ से तीन कथित लुटेरे गिरफ्तार, दिल्ली में डकैती के कई मामले दर्ज

सारांश

दिल्ली में डकैती कर जम्मू-कश्मीर भागे तीन कथित आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने एक अनूठी रणनीति अपनाई — लखनपुर नाके पर जानबूझकर तैनाती कम की और जाल बिछाया। कठुआ में घेराबंदी कर साहिल, अंशुल और हिमांशु को दबोचा गया। यह ऑपरेशन दो राज्यों की पुलिस के बीच बेहतरीन समन्वय की मिसाल बना।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में 8 मई 2026 को कठुआ जिले से तीन आरोपी गिरफ्तार।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिल , अंशुल और हिमांशु के रूप में हुई; सभी पर उत्तर द्वारका पुलिस स्टेशन में डकैती के मामले दर्ज।
आरोपी अपराध के बाद दिल्ली से फरार होकर जम्मू-कश्मीर पहुँचे थे; बुधवार सुबह 4:30 बजे नसरी इलाके से गुजरे लेकिन पहली बार बच निकले।
पुलिस ने लखनपुर नाके पर जानबूझकर तैनाती घटाकर रणनीतिक जाल बिछाया, जिससे आरोपी गुरुवार शाम कठुआ की ओर बढ़े।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने दिल्ली पुलिस के वाहन को टक्कर मारी; तलाशी में कोई हथियार या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली।
पुलिस वाहन को नुकसान और भागने के प्रयास से जुड़े अतिरिक्त मामलों की जाँच जारी।

दिल्ली पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 8 मई 2026 को एक संयुक्त अभियान के तहत कठुआ जिले से तीन कथित लुटेरों को गिरफ्तार किया, जो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लूट और डकैती के कई मामलों में वांछित थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपराध करने के बाद दिल्ली से फरार होकर जम्मू-कश्मीर पहुँच गए थे और उन्हें पकड़ने के लिए एक सुनियोजित रणनीति अपनाई गई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

अधिकारियों ने गिरफ्तार तीनों व्यक्तियों की पहचान साहिल, अंशुल और हिमांशु के रूप में की है। इन तीनों के खिलाफ दिल्ली के उत्तर द्वारका पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज है। पुलिस के बयान के अनुसार, तीनों कथित तौर पर राष्ट्रीय राजधानी में डकैती के एकाधिक मामलों में शामिल थे।

मुख्य घटनाक्रम: कैसे बिछाया गया जाल

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद लखनपुर और कठुआ पुलिस इकाइयों के बीच वाहनों की विस्तृत जानकारी साझा की गई और विभिन्न टोल प्लाजा व विशेष स्थानों पर चेकिंग तेज कर दी गई।

अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने बुधवार को सुबह करीब 4:30 बजे जम्मू-कश्मीर हाईवे पर नसरी इलाके को पार किया, लेकिन संभवतः लखनपुर में भारी पुलिस तैनाती की भनक लगने के कारण वे उस समय बच निकलने में सफल रहे।

गौरतलब है कि गुरुवार को कठुआ पुलिस और स्थानीय अधिकारियों ने एक रणनीतिक चाल चली — लखनपुर नाके और टोल प्लाजा पर जानबूझकर पुलिस की मौजूदगी कम कर दी गई, ताकि आरोपियों को यह आभास हो कि एक अन्य हत्या की जाँच में व्यस्त होने के कारण पुलिस का ध्यान भटक गया है। रास्ता साफ समझकर आरोपी गुरुवार शाम को कठुआ की ओर बढ़े, जहाँ समन्वित पुलिस टीमों ने उन्हें घेर लिया।

भागने का प्रयास और गिरफ्तारी

अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान आरोपियों ने भागने की कोशिश की और अपने वाहन से दिल्ली पुलिस के वाहन को भी टक्कर मार दी। हालाँकि, पुलिस द्वारा भगथली मार्ग सहित वैकल्पिक रास्तों को पहले से सुरक्षित कर लिए जाने के कारण तीनों को सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया। दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से आरोपियों और उनके वाहन की तलाशी ली, लेकिन उनके कब्जे से कोई हथियार या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई।

आगे की जाँच

अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस अब डकैती के मूल मामलों के साथ-साथ भागने के प्रयास और पुलिस वाहन को नुकसान पहुँचाने से संबंधित अतिरिक्त अपराधों की भी जाँच करेगी। पुलिस ने इस ऑपरेशन को दोनों राज्यों की पुलिस के बीच सफल अंतर-राज्यीय समन्वय का उदाहरण बताया है। यह मामला इस बात की मिसाल है कि किस तरह सुनियोजित खुफिया साझेदारी से अंतर-राज्यीय अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल भी उठता है कि आरोपियों को पहली बार लखनपुर में भारी तैनाती की 'भनक' कैसे लगी — यह सूचना रिसाव की संभावना की ओर इशारा करता है जिसकी जाँच होनी चाहिए। तलाशी में कोई हथियार न मिलना राहत की बात है, लेकिन डकैती के मामलों में ठोस साक्ष्य जुटाना अभियोजन की असली चुनौती होगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कठुआ में किन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया?
गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान साहिल, अंशुल और हिमांशु के रूप में की गई है। ये तीनों दिल्ली में डकैती के कई मामलों में वांछित थे और अपराध के बाद जम्मू-कश्मीर भाग गए थे।
इस संयुक्त ऑपरेशन में कौन-कौन सी पुलिस शामिल थी?
इस ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर काम किया। लखनपुर और कठुआ पुलिस इकाइयों के बीच वाहनों की जानकारी साझा की गई और समन्वित घेराबंदी की गई।
आरोपियों पर कौन से मामले दर्ज हैं?
आरोपियों के खिलाफ दिल्ली के उत्तर द्वारका पुलिस स्टेशन में डकैती के कई मामलों में एफआईआर दर्ज है। इसके अलावा, भागने के प्रयास और पुलिस वाहन को नुकसान पहुँचाने के अतिरिक्त मामले भी जोड़े जाएंगे।
पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए क्या रणनीति अपनाई?
पुलिस ने गुरुवार को जानबूझकर लखनपुर नाके पर तैनाती कम कर दी ताकि आरोपियों को लगे कि रास्ता साफ है। जैसे ही आरोपी कठुआ की ओर बढ़े, पुलिस टीमों ने भगथली मार्ग सहित सभी वैकल्पिक रास्ते बंद कर उन्हें घेर लिया।
क्या आरोपियों के पास से कोई हथियार बरामद हुआ?
नहीं, दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस द्वारा संयुक्त तलाशी के बावजूद आरोपियों के कब्जे से कोई हथियार या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। डकैती और अन्य मामलों की आगे की जाँच दिल्ली पुलिस करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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