नल्लामल्ला जंगल में बाघ की मौत: आंध्र प्रदेश वन विभाग ने दो संदिग्ध गिरफ्तार, पंजे गायब मिले
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के नल्लामल्ला जंगल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई एक वयस्क बाघ की मौत के मामले में वन विभाग ने 4 अगस्त 2026 को दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। गुंटूर जिले के मेडिकुंडुर से पकड़े गए अंजी और विरंजनेयुलु को पूछताछ के लिए मार्कापुरम जिले के गिद्दलुर ले जाया गया है। बाघ के पंजे और पैर शव से गायब पाए गए, जिससे अवैध वन्यजीव व्यापार की आशंका गहरी हो गई है।
मुख्य घटनाक्रम
31 जुलाई 2026 को मार्कापुरम जिले के नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व (NSTR) के अंतर्गत राचेरला वन क्षेत्र की गुंडलाकम्मा रेंज में टेट्टू मदुगु के पास एक वयस्क बाघ का शव बरामद हुआ था। जाँचकर्ताओं के अनुसार, शव मिलने से लगभग 35 से 40 दिन पहले ही बाघ की मौत हो चुकी थी। शव की अवस्था और पंजों तथा पैरों की अनुपस्थिति ने अधिकारियों को शिकार या अवैध अंग-व्यापार की ओर इशारा किया।
वन अधिकारी तीन संभावनाओं की जाँच कर रहे हैं — शिकार, दूषित चारे से मौत, या किसी अन्य कारण से। फिलहाल फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।
फोरेंसिक जाँच की स्थिति
बाघ के अवशेषों के नमूने हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) और बरेली स्थित इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (IVRI) को फोरेंसिक और पोस्टमार्टम जाँच के लिए भेजे गए हैं। दोनों संस्थानों की रिपोर्ट आने के बाद मौत का सटीक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
सरकार की प्रतिक्रिया
आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं पर्यावरण व वन मंत्री पवन कल्याण ने 1 अगस्त 2026 को इस मामले की व्यापक और पारदर्शी जाँच के आदेश दिए थे। उन्होंने NSTR के फील्ड डायरेक्टर को मौत के कारणों का पता लगाने का निर्देश दिया। पवन कल्याण ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए बाघों का संरक्षण बेहद जरूरी है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'एक भी बाघ की जान जाना गंभीर चिंता का विषय है। यह घटना हमारे जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करने की हमारी जिम्मेदारी की एक और याद दिलाती है।'
उप मुख्यमंत्री के आदेश के बाद वन विभाग ने जाँच में तेजी लाई और दो दिन के भीतर दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।
वन्यजीव संरक्षण पर व्यापक असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में बाघ संरक्षण को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास जारी हैं। NSTR देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व में से एक है और यहाँ बाघ की संदिग्ध मौत वन्यजीव तस्करी के खतरे को एक बार फिर रेखांकित करती है। गौरतलब है कि बाघ के पंजे और हड्डियाँ अंतरराष्ट्रीय काले बाजार में अत्यधिक मूल्यवान मानी जाती हैं, जो शिकारियों के लिए बड़ा प्रलोभन बनती हैं।
आगे क्या होगा
दोनों गिरफ्तार संदिग्धों से पूछताछ जारी है और जाँचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस मामले में कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क शामिल है। CCMB और IVRI की फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी तथा आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।