13 अक्टूबर 2026
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त्रिपुरा में 58 नए कृषि बाजार: मंत्री रतन लाल नाथ ने ₹4.51 करोड़ के ग्रामीण बाजार का किया उद्घाटन

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त्रिपुरा में 58 नए कृषि बाजार: मंत्री रतन लाल नाथ ने ₹4.51 करोड़ के ग्रामीण बाजार का किया उद्घाटन

सारांश

त्रिपुरा सरकार ने 2026-27 में 58 नए कृषि बाजार बनाने की योजना की घोषणा की है। मंत्री रतन लाल नाथ ने ₹4.51 करोड़ के गजरिया बाजार का उद्घाटन किया और कहा कि राज्य में 70% आबादी खेती पर निर्भर है — बुनियादी ढाँचे में यह निवेश आत्मनिर्भरता की ओर एक ठोस कदम है।

मुख्य बातें

त्रिपुरा के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने 12 अक्टूबर 2026 को दक्षिण त्रिपुरा के गजरिया बाजार में ₹4.51 करोड़ के दो मंजिला ग्रामीण बाजार का उद्घाटन किया।
राज्य सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में 58 अतिरिक्त कृषि बाजार विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।
त्रिपुरा में फिलहाल 554 कृषि बाजार हैं; 2018-19 से 2026-27 के बीच 204 बाजारों के लिए ₹461.83 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
87 परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं; 117 अभी प्रगति पर हैं।
मंत्री ने कहा कि 70% राज्य आबादी कृषि पर निर्भर है और आत्मनिर्भरता के लिए अवसंरचना विकास ज़रूरी है।

त्रिपुरा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने 12 अक्टूबर 2026 को दक्षिण त्रिपुरा जिले के गजरिया बाजार में ₹4.51 करोड़ की लागत से निर्मित दो मंजिला ग्रामीण बाजार का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में 58 अतिरिक्त कृषि बाजारों का विकास करेगी, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढाँचे को बल मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

प्रधानमंत्री मोदी का वैश्विक अनाज भंडारण का विज़न

मंत्री नाथ ने उद्घाटन समारोह में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य भारत को एक वैश्विक अनाज भंडारण केंद्र के रूप में स्थापित करना है, जबकि राज्य स्तर पर त्रिपुरा को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का काम जारी है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की नींव है और इस क्षेत्र के विकास के बिना देश का समग्र विकास अधूरा रहेगा।

उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में लगभग 70 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। ऐसे में कृषि अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अनिवार्य है।

त्रिपुरा में कृषि बाजारों की मौजूदा स्थिति

मंत्री नाथ के अनुसार, वर्तमान में त्रिपुरा में कुल 554 कृषि बाजार हैं। इनमें 84 प्राथमिक थोक बाजार शामिल हैं, जिनमें से 21 कृषि उपज बाजार हैं, और 470 प्राथमिक या ग्रामीण बाजार हैं।

वित्त वर्ष 2018-19 से 2026-27 के बीच कुल 204 बाजारों में बुनियादी ढाँचा विकास कार्य हाथ में लिए गए हैं, जिनके लिए ₹461.83 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इनमें से 87 परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं और शेष 117 पर काम जारी है।

पिछली सरकार से तुलना

मंत्री ने निवेश के पैमाने पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 2013 से 2017 के बीच पाँच वर्षों में मात्र ₹20.27 करोड़ के आवंटन के साथ 71 बाजार विकास परियोजनाएँ शुरू की गई थीं। इसके मुकाबले वर्तमान सरकार ने 2018-19 से अब तक ₹461.83 करोड़ से अधिक का निवेश किया है — यह एक महत्वपूर्ण अंतर है जिसे सरकार नीतिगत प्राथमिकता बदलने के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

गौरतलब है कि यह आँकड़ा राज्य सरकार के अपने बयानों पर आधारित है और इसका स्वतंत्र सत्यापन अभी उपलब्ध नहीं है।

आम जनता और किसानों पर असर

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग प्राथमिक ग्रामीण बाजारों और विनियमित कृषि बाजारों के विकास के लिए विभिन्न योजनाएँ लागू कर रहा है। मंत्री नाथ ने कहा कि बेहतर बुनियादी ढाँचे से कृषि उपज की खरीद-बिक्री सुगम होगी और स्थानीय किसानों व व्यापारियों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी।

यदि वित्त वर्ष 2026-27 में प्रस्तावित 58 नए बाजार समय पर पूरे होते हैं, तो त्रिपुरा के ग्रामीण इलाकों में उपज विपणन के लिए बुनियादी ढाँचे का घनत्व उल्लेखनीय रूप से बढ़ेगा। इससे किसानों को मध्यस्थों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

आगे क्या

कृषि अवसंरचना के विस्तार की यह योजना ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार भी कृषि बाजार सुधारों और लॉजिस्टिक्स को प्राथमिकता दे रही है। त्रिपुरा की यह पहल राज्य को राष्ट्रीय कृषि आपूर्ति श्रृंखला में अधिक सक्रिय भूमिका दिला सकती है। शेष 117 परियोजनाओं के पूरा होने और 58 नए बाजारों के निर्माण की प्रगति आने वाले महीनों में इस दिशा में असली संकेतक होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

त्रिपुरा अभी भी खाद्यान्न में पूरी तरह आत्मनिर्भर नहीं है। बुनियादी ढाँचे का निर्माण और उसका सक्रिय उपयोग — दोनों अलग बातें हैं। जब तक पूरी हुई 87 परियोजनाओं में उपज बिक्री की मात्रा और किसान आय के स्वतंत्र आँकड़े सार्वजनिक नहीं होते, यह घोषणाएँ राजनीतिक संदेश से अधिक कुछ नहीं दिखतीं।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा में वित्त वर्ष 2026-27 में कितने नए कृषि बाजार बनाए जाएँगे?
त्रिपुरा सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में 58 अतिरिक्त कृषि बाजार विकसित करने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करना और किसानों की उपज बिक्री को सुगम बनाना है।
गजरिया बाजार का उद्घाटन कब और किसने किया?
दक्षिण त्रिपुरा जिले के गजरिया बाजार में ₹4.51 करोड़ की लागत से बने दो मंजिला ग्रामीण बाजार का उद्घाटन 12 अक्टूबर 2026 को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने किया।
भारत को वैश्विक अनाज भंडारण केंद्र बनाने का लक्ष्य क्या है?
मंत्री रतन लाल नाथ के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य भारत को एक वैश्विक अनाज भंडारण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसी दिशा में त्रिपुरा को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की राज्य सरकार की कोशिश जारी है।
त्रिपुरा में अभी कुल कितने कृषि बाजार हैं और कितनी परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं?
त्रिपुरा में कुल 554 कृषि बाजार हैं, जिनमें 84 प्राथमिक थोक बाजार और 470 ग्रामीण बाजार शामिल हैं। 2018-19 से 2026-27 के बीच 204 बाजारों में ₹461.83 करोड़ के निवेश से काम शुरू हुआ, जिनमें से 87 परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं और 117 पर काम जारी है।
पिछली सरकार के मुकाबले वर्तमान सरकार ने कृषि बाजारों पर कितना खर्च किया है?
2013 से 2017 के बीच पाँच वर्षों में कुल ₹20.27 करोड़ आवंटन के साथ 71 बाजार विकास परियोजनाएँ शुरू की गई थीं। वर्तमान सरकार ने 2018-19 से 2026-27 के बीच 204 परियोजनाओं के लिए ₹461.83 करोड़ आवंटित किए हैं — यह आँकड़ा राज्य सरकार के अपने बयानों पर आधारित है।
राष्ट्र प्रेस
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