त्रिपुरा में किसानों की आय दोगुनी: CM माणिक साहा का दावा, ₹6,000 से बढ़कर ₹13,000 हुई मासिक आमदनी
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने 27 जून 2025 को दावा किया कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य हासिल करने में सफल रही है। उनके अनुसार, 2015-16 को आधार वर्ष मानते हुए किसानों की औसत मासिक आय ₹6,000 थी, जो अब बढ़कर ₹13,000 से अधिक हो गई है। यह घोषणा पश्चिम त्रिपुरा जिले के बामुटिया में आयोजित 'खेत बचाओ अभियान' कार्यक्रम के दौरान और बाद में मीडिया से बातचीत में की गई।
मुख्यमंत्री के दावे और आँकड़े
मुख्यमंत्री साहा ने कहा, 'हमने किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य तय किया था और उसे हासिल कर लिया है। 2015-16 में किसानों की आय करीब ₹6,000 थी, जो अब ₹13,000 से अधिक हो चुकी है।' उन्होंने इस उपलब्धि को सरकार की लगातार नीतिगत पहल और कृषि सुधारों का परिणाम बताया। गौरतलब है कि यह लक्ष्य केंद्र सरकार की उस व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा रहा है जिसे कई राज्य अलग-अलग समयसीमाओं में पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं।
कृषि भूमि संरक्षण पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार उपजाऊ कृषि भूमि को गैर-कृषि कार्यों के लिए अंधाधुंध इस्तेमाल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि जहाँ तक संभव हो, औद्योगिक परियोजनाएँ निर्धारित औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध अनुपयोगी भूमि पर स्थापित की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' की ज़रूरत को नकारा नहीं जा सकता और सरकार औद्योगिक विकास तथा कृषि भूमि की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। भूमि उपयोग से जुड़े हर प्रस्ताव की सावधानीपूर्वक समीक्षा का आश्वासन भी दिया गया।
खेत बचाओ अभियान: राष्ट्रव्यापी पहल
'खेत बचाओ अभियान' केंद्र सरकार, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की एक राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसका उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा करना और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अभियान की शुरुआत मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस अभियान में कृषि वैज्ञानिक और देशभर के किसान सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
मिट्टी की गुणवत्ता पर चिंता
मुख्यमंत्री साहा ने चेतावनी दी कि यूरिया और डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) जैसे रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक और अनियंत्रित उपयोग से मिट्टी की जैविक गुणवत्ता लगातार घट रही है, जिससे दीर्घकालिक उत्पादकता प्रभावित हो रही है। उन्होंने किसानों से संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, वैज्ञानिक खेती और पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियाँ अपनाने की अपील की।
आगे की राह
मुख्यमंत्री ने ज़ोर दिया कि आधुनिक कृषि का उद्देश्य केवल अधिक उत्पादन या आर्थिक लाभ नहीं होना चाहिए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है, इसलिए इस क्षेत्र को मज़बूत करना राष्ट्रीय प्राथमिकता है। त्रिपुरा सरकार की आगामी नीतियाँ इसी दिशा में केंद्रित रहेंगी।