त्रिपुरा CM माणिक साहा ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र, अगरतला में 4 स्कूलों की रखी आधारशिला
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने शुक्रवार, 21 अगस्त को अगरतला स्थित पीएम-श्री एडी नगर इंग्लिश मीडियम स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए एकाग्रता और समर्पण को सफलता की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि आज के कड़े प्रतिस्पर्धी युग में जो विद्यार्थी लगन से ज्ञान अर्जित करते हैं और अपने लक्ष्य से नहीं भटकते, वही आगे बढ़ते हैं।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री साहा ने इस अवसर पर एक केंद्रीय 'भूमि पूजन' कार्यक्रम के माध्यम से चार विद्यालयों — नेताजी सुभाष विद्यानिकेतन, बाराडोवाली XII क्लास स्कूल, हापानिया XII क्लास स्कूल और चारीपारा XII क्लास स्कूल — के बुनियादी ढाँचा विकास कार्यों की आधारशिला रखी। साथ ही उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया।
साहा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, 'एकाग्रता सफलता की सीढ़ी है। कोई व्यक्ति जितना अधिक अध्ययन करता है और अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहता है, उतना ही अधिक ज्ञान प्राप्त कर पाता है।' उन्होंने अपने छात्र जीवन के अनुभव भी साझा किए।
डिजिटल शिक्षा की ओर बड़ा कदम
प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग का प्रभार भी संभाल रहे मुख्यमंत्री साहा ने राज्य के विभिन्न जिलों के 240 दूरदराज के स्कूलों के लिए विश्लेषण-आधारित इंटरैक्टिव वर्चुअल क्लासरूम तैयार करने हेतु एक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की। यह कदम उन विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण है जो भौगोलिक दूरी के कारण मुख्यधारा की शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।
इसके अतिरिक्त, अगरतला नगर निगम क्षेत्र में भूमि के नक्शों के डिजिटलीकरण की भी शुरुआत स्कूल शिक्षा विभाग की पहल के तहत की गई।
स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बुनियादी ढाँचे के विकास के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिया है कि राज्य के प्रत्येक स्कूल में बाउंड्री वॉल, पीने के पानी की सुविधा, बेंच, मिड-डे मील और शौचालय की स्थिति की नवीनतम जानकारी एकत्र की जाए।
साहा ने बताया कि यह जानकारी इकट्ठा होने के बाद सरकार स्कूलों की कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि बाराडोवाली हायर सेकेंडरी स्कूल को भविष्य में एक मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
परीक्षा पे चर्चा का संदर्भ
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र परीक्षा के दबाव में अत्यधिक तनाव न महसूस करें। उन्होंने कहा कि मजबूत मानसिकता और आत्मविश्वास ही वह गुण हैं जो किसी भी विद्यार्थी को भविष्य में सफल बनाते हैं।
गौरतलब है कि त्रिपुरा में शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को लेकर यह लगातार किए जा रहे प्रयासों की श्रृंखला का हिस्सा है। राज्य सरकार की यह पहल आने वाले शैक्षणिक सत्रों में छात्रों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक सार्थक संकेत है।