त्रिपुरा: आदिवासी त्योहारों के कारण टीटीएएडीसी चुनाव की तिथि बदली, अब 12 अप्रैल को होंगे मतदान

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त्रिपुरा: आदिवासी त्योहारों के कारण टीटीएएडीसी चुनाव की तिथि बदली, अब 12 अप्रैल को होंगे मतदान

सारांश

त्रिपुरा में आदिवासी त्योहारों के चलते टीटीएएडीसी चुनाव की तिथि 12 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। आयोग का यह निर्णय विभिन्न समुदायों की मांग पर लिया गया है। जानें चुनाव की अन्य महत्वपूर्ण तिथियाँ।

Key Takeaways

  • टीटीएएडीसी चुनाव की नई तिथि 12 अप्रैल 2026 है।
  • पहले यह 13 अप्रैल को होने वाला था।
  • आदिवासी त्योहारों के कारण तिथि में बदलाव किया गया।
  • टीटीएडीसी में 30 सदस्य होते हैं।
  • टीटीएडीसी का उद्देश्य आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा करना है।

अगरतला, 18 मार्च। त्रिपुरा राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने आदिवासी त्योहारों के महत्व को ध्यान में रखते हुए त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त ज़िला परिषद (टीटीएएडीसी) के चुनाव की तिथि को एक दिन पहले करने का निर्णय लिया है। अब यह चुनाव 12 अप्रैल 2026 को होगा, जबकि पहले यह 13 अप्रैल के लिए निर्धारित किया गया था।

आयोग ने बुधवार को अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि पहले मतदान 13 अप्रैल को होना था, लेकिन विभिन्न समुदायों के नेताओं, मंत्रियों, विधायकों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने चुनाव तिथि पर पुनर्विचार करने की मांग की थी।

वास्तव में, 13 अप्रैल से प्रमुख आदिवासी त्योहार जैसे गरिया पूजा, बिज़ू और बुइसु की शुरुआत होती है, जिन्हें चुनाव क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। इस कारण से आयोग ने अधिकतम मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव की तारीख को बदलने का निर्णय लिया।

एसईसी सचिव अनुराग सेन ने कहा कि विधानसभा के बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी और चुनाव 12 अप्रैल को कराने का प्रस्ताव रखा गया था। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद आयोग ने नई तिथि तय की है, जबकि अन्य सभी कार्यक्रम पूर्ववत रहेंगे।

राज्य चुनाव आयुक्त मनोज कुमार के अनुसार, नामांकन की अंतिम तिथि 25 मार्च है, जबकि 26 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 28 मार्च तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे और मतगणना 17 अप्रैल को होगी।

यह ध्यान देने योग्य है कि 30 सदस्यीय टीटीएएडीसी में 28 सदस्य चुने जाते हैं, जबकि 2 सदस्यों को राज्य सरकार द्वारा नामित किया जाता है। वर्ष 2021 से परिषद पर टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) का नियंत्रण है, जिसका नेतृत्व प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा कर रहे हैं।

2021 के चुनाव में TMP ने 18 सीटें जीतकर वाम मोर्चा से सत्ता छीनी थी, जबकि भाजपा ने 11 में से 9 सीटों पर जीत हासिल की थी।

टीटीएएडीसी त्रिपुरा के लगभग दो-तिहाई (10,491 वर्ग किमी) क्षेत्र का प्रशासन संभालता है और यहां करीब 12.16 लाख लोग निवास करते हैं, जिनमें लगभग 84 प्रतिशत आदिवासी समुदाय से संबंधित हैं।

23 अगस्त 1984 को स्थापित इस परिषद का उद्देश्य आदिवासी समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा, कल्याण और विकास को सुनिश्चित करना है। 1985 में इसके लिए पहली बार चुनाव कराए गए थे, जो आदिवासी स्वशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।

Point of View

जो आदिवासी त्योहारों के प्रति सम्मान को दर्शाता है। इससे स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ने की संभावना है, जो लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
NationPress
21/03/2026

Frequently Asked Questions

टीटीएएडीसी चुनाव की नई तिथि क्या है?
टीटीएएडीसी चुनाव की नई तिथि 12 अप्रैल 2026 है।
पहले चुनाव की तिथि क्या थी?
पहले चुनाव की तिथि 13 अप्रैल निर्धारित की गई थी।
आयोग ने तिथि बदलने का निर्णय क्यों लिया?
आयोग ने आदिवासी त्योहारों के महत्व को देखते हुए तिथि बदलने का निर्णय लिया।
टीटीएएडीसी में कितने सदस्य होते हैं?
टीटीएएडीसी में कुल 30 सदस्य होते हैं।
टीटीएएडीसी का गठन कब हुआ था?
टीटीएडीसी का गठन 23 अगस्त 1984 को हुआ था।
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