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उमर खालिद ने जमानत से इनकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की

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उमर खालिद ने जमानत से इनकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की

सारांश

उमर खालिद ने दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में जमानत से इनकार के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है। जानिए इस मामले में क्या होगा आगे।

मुख्य बातें

उमर खालिद ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की है।
5 जनवरी को जमानत से इनकार किया गया था।
कोर्ट ने ओपन कोर्ट में सुनवाई की संभावना जताई है।
अन्य पांच आरोपियों को जमानत मिली है।
उमर खालिद को जमानत के लिए एक साल इंतजार करना होगा।

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में आरोपी उमर खालिद ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। उन्होंने उस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है जो 5 जनवरी को आया था, जिसमें कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से मना कर दिया था।

उमर खालिद के वकील कपिल सिब्बल ने इस मुद्दे का उल्लेख सुप्रीम कोर्ट में किया। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि इस पुनर्विचार याचिका की सुनवाई बुधवार को ओपन कोर्ट में की जाए।

इस पर पीठ ने कहा कि वह इस अनुरोध पर विचार करेगी और यदि आवश्यक हो तो मामले को ओपन कोर्ट में सुना जाएगा।

पहले, 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। साथ ही, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि दोनों आरोपी एक साल तक पुनः जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते।

हालांकि, इसी मामले में कोर्ट ने अन्य पांच आरोपियों (गुलफिशा फातिमा, मीरा हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद) को 12 शर्तों के साथ जमानत दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के आदेश में कहा था कि उमर खालिद और शरजील इमाम तभी दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं जब संरक्षित गवाहों की गवाही पूरी हो जाए या फिर 5 जनवरी से एक साल का समय बीत जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर को आरोपियों और दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था। कोर्ट ने कहा कि यदि एक साल में गवाही पूरी नहीं होती है, तो आरोपी दोबारा जमानत याचिका निचली अदालत में दाखिल कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले उमर खालिद को उनकी बहन के निकाह के लिए कड़कड़डूमा कोर्ट ने 16 दिसंबर से 29 दिसंबर तक की अंतरिम जमानत दी थी।

अदालत ने अंतरिम रिहाई के साथ कुछ सख्त शर्तें भी निर्धारित की थीं, जिनमें उमर खालिद का सोशल मीडिया का उपयोग न करना, किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करना और केवल परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों से मिलना शामिल था। इसके अलावा, उन्हें 29 दिसंबर की शाम तक सरेंडर करना था।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह न केवल व्यक्तिगत स्वतंत्रता का प्रश्न है, बल्कि यह पूरे न्यायिक प्रक्रिया पर भी असर डाल सकता है। इस मामले की सुनवाई का परिणाम सभी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट में कब पुनर्विचार याचिका दाखिल की?
उमर खालिद ने 13 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की।
सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका कब खारिज की थी?
सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी को उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज की थीं।
क्या उमर खालिद फिर से जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं?
उमर खालिद एक साल तक पुनः जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते।
कौन से अन्य आरोपी को जमानत मिली थी?
गुलफिशा फातिमा, मीरा हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत मिली थी।
उमर खालिद को जमानत मिलने के लिए क्या शर्तें थीं?
उन्हें सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करने, गवाहों से संपर्क नहीं करने और केवल परिवार के सदस्यों से मिलने की शर्तें थीं।
राष्ट्र प्रेस
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