ऊना के अंब अंदौरा से कोलकाता तक सीधी ट्रेन शुरू, अनुराग ठाकुर ने दिखाई हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंब अंदौरा रेलवे स्टेशन से कोलकाता तक सीधी रेल सेवा 7 जून 2025 को शुरू हो गई। हमीरपुर सांसद अनुराग ठाकुर ने गुरुमुखी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12325/12326) के विस्तारित फेरे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह हिमाचल प्रदेश के लिए रेल संपर्क के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य को पूर्वी भारत से सीधे जोड़ता है।
ट्रेन का समय और मार्ग
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, गुरुमुखी सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्रत्येक शनिवार सुबह 6:10 बजे अंब अंदौरा से रवाना होगी और लगभग 31 घंटे 50 मिनट में कोलकाता पहुँचेगी। वापसी में यह ट्रेन प्रत्येक गुरुवार सुबह 7:40 बजे कोलकाता से चलेगी और शुक्रवार शाम 4:55 बजे अंब अंदौरा पहुँचेगी।
यह ट्रेन आसनसोल, पटना जंक्शन, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, वाराणसी, लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद और सहारनपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जिससे उत्तर भारत के कई बड़े शहरों से यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
आम जनता पर असर
इस नई रेल सेवा से ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को पूर्वी भारत की यात्रा के लिए एक सुविधाजनक और किफायती विकल्प मिलेगा। धार्मिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
गौरतलब है कि ऊना हिमाचल प्रदेश का एकमात्र जिला है जो पूर्ण रूप से ब्रॉडगेज रेल नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार के प्रयासों से इस स्टेशन तक कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का विस्तार किया गया है।
सांसद की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजनाएँ
अनुराग ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि यह केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल प्रदेश को मिली एक ऐतिहासिक सौगात है। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में अंबाला और चंडीगढ़ तक चलने वाली कई ट्रेनों को ऊना से संचालित करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, रेलवे अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राजनीतिक टिप्पणी
इस अवसर पर ठाकुर ने प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता नीरज भारती सहित पार्टी के अपने नेता और पदाधिकारी भी अब राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। ठाकुर ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश की वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की सीमाएँ पार कर चुकी है तथा जनता उसकी कार्यशैली से निराश है।
यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में रेल संपर्क को लेकर लंबे समय से माँग चल रही थी। आने वाले महीनों में इस मार्ग पर यात्री संख्या और राजस्व के आँकड़े यह तय करेंगे कि इस सेवा का विस्तार किया जाए या नहीं।