यूपी चुनाव 2027: बांदा जिले की 4 सीटों में 3 पर BJP का कब्जा, बबेरू में सपा ने मारी थी बाजी
सारांश
मुख्य बातें
बुंदेलखंड क्षेत्र के पूर्वी छोर पर स्थित बांदा जिले की चारों विधानसभा सीटों पर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीन सीटें अपने नाम कीं, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) केवल एक सीट — बबेरू — पर जीत दर्ज कर सकी। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इन सीटों का राजनीतिक इतिहास एक बार फिर प्रासंगिक हो उठा है।
बांदा जिले की चार विधानसभा सीटें
बांदा जिले के अंतर्गत उत्तर प्रदेश विधानसभा की चार सीटें आती हैं — तिंदवारी (232वीं), बबेरू (233वीं), नरैनी (234वीं) और बांदा (235वीं)। इनमें नरैनी सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है, जबकि शेष तीन सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी में आती हैं। यह क्षेत्र फतेहपुर, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट जनपदों की सीमाओं से घिरा है।
तिंदवारी और बांदा: BJP की मजबूत पकड़
तिंदवारी सीट पर 2022 के चुनाव में BJP के रामकेश निषाद ने 86,812 वोट प्राप्त कर सपा के ब्रजेश कुमार प्रजापति को 28,425 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। इस सीट पर 3,18,385 पंजीकृत मतदाता थे और मतदान प्रतिशत 61.66% रहा।
बांदा सीट पर BJP के प्रकाश द्विवेदी ने 81,557 वोट पाकर सपा की मंजुला सिंह को 15,214 मतों से हराया। यहाँ 3,10,282 मतदाता पंजीकृत थे और मतदान 63.62% रहा। बांदा नगर चित्रकूट धाम मंडल का मंडलीय एवं जनपद मुख्यालय भी है।
नरैनी: SC आरक्षित सीट पर BJP का दबदबा
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नरैनी सीट पर BJP की ओममणी वर्मा ने 83,263 वोट पाकर सपा की किरण वर्मा को 6,719 मतों से शिकस्त दी। 3,42,361 पंजीकृत मतदाताओं वाली इस सीट पर मतदान प्रतिशत 62.70% रहा। गौरतलब है कि आरक्षित सीट पर भी BJP की पकड़ सपा को चुनौती देने का संकेत देती है।
बबेरू: जिले में सपा का इकलौता गढ़
बबेरू सीट जिले में समाजवादी पार्टी का एकमात्र मजबूत केंद्र बनी रही। सपा के विश्वंभर सिंह यादव ने 79,614 वोट के साथ BJP के अजय पटेल को 7,393 मतों से हराया। 3,38,211 पंजीकृत मतदाताओं वाली इस सीट पर मतदान 60.77% रहा। यह सीट जातीय समीकरणों और स्थानीय नेतृत्व की दृष्टि से सपा के लिए रणनीतिक महत्व रखती है।
2027 की दृष्टि से क्या होगा आगे
बांदा जिला ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग और अनूठे शजर पत्थर के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन राजनीतिक रूप से यह क्षेत्र बुंदेलखंड की व्यापक लड़ाई का प्रतिबिंब है। 2022 में BJP का 3-1 का स्कोर दर्शाता है कि सपा को 2027 में यहाँ पाँव जमाने के लिए बबेरू से आगे विस्तार करना होगा। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों प्रमुख दल बुंदेलखंड में जाति और विकास की राजनीति को नए सिरे से साधने में जुटे हैं।