यूपी में सरकारी योजना से सोमा बनीं सफल उद्यमी, गुड़ उद्योग से बदली जिंदगी

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यूपी में सरकारी योजना से सोमा बनीं सफल उद्यमी, गुड़ उद्योग से बदली जिंदगी

सारांश

अपने आत्मनिर्भरता के सफर में सोमा गुप्ता ने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर गुड़ उद्योग स्थापित किया है, जो उन्हें और उनके गांव के लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है। जानिए उनकी प्रेरणादायक कहानी।

मुख्य बातें

सोमा गुप्ता ने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर गुड़ उद्योग स्थापित किया।
यह उद्योग गाँव के कई लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है।
सोमा हर महीने 80 से 90 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं।
यह योजना नारी सशक्तीकरण का एक उदाहरण है।
सोमा का उत्पाद कई राज्यों में सप्लाई किया जा रहा है।

लखनऊ, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के तहत अब आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और नारी स्वावलंबन का सपना केवल एक नारा नहीं रह गया, बल्कि यह एक वास्तविकता बन चुका है। योगी सरकार का उद्देश्य है कि महिलाएँ और युवा सिर्फ रोजगार मांगने वाले न बनकर, रोजगार देने वाले बनें।

सोमा गुप्ता की कहानी इस दृष्टिकोण की एक प्रेरणादायक मिसाल है। लखीमपुर-खीरी जिले के सिंगहाखुर्द गाँव की रहने वाली सोमा ने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आज दूसरों को रोजगार प्रदान कर रही हैं।

सोमा गुप्ता ने उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के तहत वर्ष 2022 में 25 लाख रुपए का ऋण लेकर गुड़ कोल्हू उद्योग की स्थापना की। अब उनका यह उद्योग न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सशक्त बना रहा है, बल्कि क्षेत्र के कई लोगों को भी रोजगार दे रहा है। सीजन के दौरान, उनका उद्योग एक दिन में लगभग 18 क्विंटल गुड़ का उत्पादन करता है। इसके लिए वे 6 एकड़ में स्वयं गन्ने की खेती करती हैं और अन्य किसानों से भी गन्ना खरीदती हैं।

उनका उत्पाद न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी पहुँच रहा है। यह न सिर्फ उनके व्यवसाय की सफलता को दर्शाता है, बल्कि ग्रामीण उत्पादों की बढ़ती मांग को भी प्रमाणित करता है। हर महीने 80 से 90 हजार रुपए की आय अर्जित कर सोमा आज आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।

‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’ एक महत्वपूर्ण स्वरोजगार योजना है, जिसका संचालन उत्तर प्रदेश में तीन एजेंसियों द्वारा किया जाता है: जिला उद्योग केंद्र, खादी और ग्रामोद्योग आयोग, और यूपी खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड। यह योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करके रोजगार सृजन करती है। इसके तहत विनिर्माण क्षेत्र के लिए 50 लाख रुपए और सेवा क्षेत्र के लिए 20 लाख रुपए तक की परियोजना लागत पर सरकार सब्सिडी प्रदान करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दिखाती है कि सरकार की योजनाएँ कैसे ग्रामीण स्तर पर महिलाओं के लिए आर्थिक अवसर पैदा कर सकती हैं। यह नारी सशक्तीकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोमा गुप्ता ने गुड़ उद्योग कैसे शुरू किया?
सोमा ने 'प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना' के तहत 25 लाख रुपए का ऋण लेकर गुड़ कोल्हू उद्योग की शुरुआत की।
सोमा का गुड़ उद्योग कितनी आय उत्पन्न करता है?
सोमा का गुड़ उद्योग हर महीने 80 से 90 हजार रुपए की आय अर्जित करता है।
यह योजना किस प्रकार के उद्यमों को समर्थन देती है?
यह योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए सहायता करती है।
कौन सी एजेंसियाँ इस योजना का संचालन करती हैं?
इस योजना का संचालन जिला उद्योग केंद्र, खादी और ग्रामोद्योग आयोग, और यूपी खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा किया जाता है।
सोमा का उत्पाद किन राज्यों में भेजा जाता है?
सोमा का उत्पाद उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी सप्लाई होता है।
राष्ट्र प्रेस