29 जून 2026
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यूपी में ₹46.79 करोड़ के प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी, चार कंपनियों को मिलेगा लाभ

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यूपी में ₹46.79 करोड़ के प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी, चार कंपनियों को मिलेगा लाभ

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार ने कोविड-19 त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के तहत जेके सीमेंट, कनोडिया सीमेंट, अंकुर उद्योग और यूनिलीवर इंडिया समेत चार कंपनियों को ₹46.79 करोड़ के प्रोत्साहन को हरी झंडी दी — हमीरपुर, अमेठी और गोरखपुर में निवेश और रोज़गार को रफ़्तार देने की कोशिश।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश सरकार ने 29 जून 2026 को चार औद्योगिक इकाइयों को ₹46.79 करोड़ के वित्तीय प्रोत्साहन को मंजूरी दी।
जेके सीमेंट लिमिटेड (हमीरपुर) को सबसे अधिक ₹29.59 करोड़ — अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 की तीन तिमाहियों के लिए।
अंकुर उद्योग लिमिटेड (गोरखपुर) को ₹10.38 करोड़ और कनोडिया सीमेंट (अमेठी) को ₹3.62 करोड़ स्वीकृत।
यूनिलीवर इंडिया लिमिटेड (हमीरपुर) को ₹3.20 करोड़ — अप्रैल 2024 से दिसंबर 2024 की अवधि के लिए।
यह निर्णय मुख्य सचिव एस.पी.
गोयल की अध्यक्षता में इम्पावर्ड कमेटी की बैठक में लिया गया।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 29 जून 2026 को औद्योगिक निवेश और रोज़गार सृजन को रफ़्तार देने के उद्देश्य से कोविड-19 त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के अंतर्गत चार औद्योगिक इकाइयों को ₹46.79 करोड़ के वित्तीय प्रोत्साहन वितरण को स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह निर्णय मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में आयोजित इम्पावर्ड कमेटी की बैठक में लिया गया।

बैठक में क्या हुआ

मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में सोमवार को त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के तहत गठित इम्पावर्ड कमेटी की बैठक लखनऊ में आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश में मेगा औद्योगिक परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने और पात्र कंपनियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही मेगा परियोजनाओं को विशेष सुविधाएँ एवं रियायतें प्रदान करने संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।

किस कंपनी को कितना प्रोत्साहन

स्वीकृत प्रस्तावों के अनुसार, हमीरपुर स्थित जेके सीमेंट लिमिटेड को 1 अप्रैल 2025 से 31 दिसंबर 2025 (तीन तिमाही) की अवधि के लिए ₹29.59 करोड़ का सर्वाधिक प्रोत्साहन स्वीकृत किया गया है। अमेठी की कनोडिया सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड को 1 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 (एक तिमाही) के लिए ₹3.62 करोड़ दिए जाएँगे।

इसके अतिरिक्त, गोरखपुर स्थित अंकुर उद्योग लिमिटेड को 1 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 (एक तिमाही) की अवधि के लिए ₹10.38 करोड़ तथा हमीरपुर स्थित यूनिलीवर इंडिया लिमिटेड को 1 अप्रैल 2024 से 31 दिसंबर 2024 (तीन तिमाही) की अवधि के लिए ₹3.20 करोड़ की वित्तीय सहायता को मंजूरी मिली है।

सरकार की मंशा और नीतिगत संदेश

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रदेश सरकार औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, नई मेगा परियोजनाओं को आकर्षित करने और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की नीति पर निरंतर काम कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। गौरतलब है कि इस नीति के तहत पात्र इकाइयों को समयबद्ध तरीके से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता रही है।

आम जनता और उद्योग पर असर

इन चार कंपनियों में सीमेंट और उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्र की प्रमुख इकाइयाँ शामिल हैं, जो हमीरपुर, अमेठी और गोरखपुर जैसे ज़िलों में स्थानीय रोज़गार और उत्पादन में योगदान करती हैं। समयबद्ध प्रोत्साहन वितरण से इन क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता और रोज़गार सृजन को और गति मिलने की उम्मीद है।

आगे की राह

राज्य सरकार के अनुसार, मेगा परियोजनाओं को विशेष रियायतें देने की प्रक्रिया भी जारी रहेगी और निवेश के अनुकूल माहौल बनाए रखने के लिए इम्पावर्ड कमेटी की बैठकें नियमित रूप से होती रहेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की समयबद्ध वित्तीय सहायता निवेशकों का भरोसा बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका संदेश बड़ा है — उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों को यह भरोसा दिलाना चाहती है कि नीतिगत वादे कागज़ पर नहीं, समयबद्ध भुगतान में बदलते हैं। गौरतलब है कि जेके सीमेंट और यूनिलीवर जैसी स्थापित कंपनियों को इस नीति का लाभ मिलना यह भी दर्शाता है कि कोविड-काल की यह नीति अभी भी सक्रिय है और बड़े औद्योगिक घरानों के लिए प्रासंगिक बनी हुई है। असली परीक्षा यह है कि ये प्रोत्साहन स्थानीय रोज़गार के सत्यापन योग्य आँकड़ों में कितना तब्दील होते हैं — विशेष रूप से हमीरपुर और गोरखपुर जैसे अपेक्षाकृत कम औद्योगिक ज़िलों में।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश सरकार ने किन चार कंपनियों को प्रोत्साहन पैकेज दिया है?
यूपी सरकार ने जेके सीमेंट लिमिटेड (हमीरपुर), कनोडिया सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड (अमेठी), अंकुर उद्योग लिमिटेड (गोरखपुर) और यूनिलीवर इंडिया लिमिटेड (हमीरपुर) को कुल ₹46.79 करोड़ के वित्तीय प्रोत्साहन को मंजूरी दी है। यह स्वीकृति कोविड-19 त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के तहत दी गई है।
कोविड-19 त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक नीति है जिसे कोविड महामारी के बाद औद्योगिक निवेश और रोज़गार सृजन को गति देने के उद्देश्य से लागू किया गया था। इस नीति के तहत पात्र औद्योगिक इकाइयों को तिमाही आधार पर वित्तीय प्रोत्साहन राशि वितरित की जाती है।
जेके सीमेंट को कितना प्रोत्साहन मिला और किस अवधि के लिए?
हमीरपुर स्थित जेके सीमेंट लिमिटेड को 1 अप्रैल 2025 से 31 दिसंबर 2025 की तीन तिमाहियों के लिए ₹29.59 करोड़ का प्रोत्साहन स्वीकृत किया गया है। यह इस बैठक में स्वीकृत चारों कंपनियों में सबसे बड़ी राशि है।
इम्पावर्ड कमेटी की बैठक की अध्यक्षता किसने की?
इस बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने की। बैठक में मेगा परियोजनाओं को विशेष सुविधाएँ देने के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
इन प्रोत्साहनों से उत्तर प्रदेश के किन ज़िलों को फायदा होगा?
इस पैकेज से मुख्य रूप से हमीरपुर, अमेठी और गोरखपुर ज़िलों की औद्योगिक इकाइयों को लाभ मिलेगा। इन ज़िलों में उत्पादन और स्थानीय रोज़गार सृजन को और गति मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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