यूपी में ₹46.79 करोड़ के प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी, चार कंपनियों को मिलेगा लाभ
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने 29 जून 2026 को औद्योगिक निवेश और रोज़गार सृजन को रफ़्तार देने के उद्देश्य से कोविड-19 त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के अंतर्गत चार औद्योगिक इकाइयों को ₹46.79 करोड़ के वित्तीय प्रोत्साहन वितरण को स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह निर्णय मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में आयोजित इम्पावर्ड कमेटी की बैठक में लिया गया।
बैठक में क्या हुआ
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में सोमवार को त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के तहत गठित इम्पावर्ड कमेटी की बैठक लखनऊ में आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश में मेगा औद्योगिक परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने और पात्र कंपनियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही मेगा परियोजनाओं को विशेष सुविधाएँ एवं रियायतें प्रदान करने संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
किस कंपनी को कितना प्रोत्साहन
स्वीकृत प्रस्तावों के अनुसार, हमीरपुर स्थित जेके सीमेंट लिमिटेड को 1 अप्रैल 2025 से 31 दिसंबर 2025 (तीन तिमाही) की अवधि के लिए ₹29.59 करोड़ का सर्वाधिक प्रोत्साहन स्वीकृत किया गया है। अमेठी की कनोडिया सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड को 1 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 (एक तिमाही) के लिए ₹3.62 करोड़ दिए जाएँगे।
इसके अतिरिक्त, गोरखपुर स्थित अंकुर उद्योग लिमिटेड को 1 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 (एक तिमाही) की अवधि के लिए ₹10.38 करोड़ तथा हमीरपुर स्थित यूनिलीवर इंडिया लिमिटेड को 1 अप्रैल 2024 से 31 दिसंबर 2024 (तीन तिमाही) की अवधि के लिए ₹3.20 करोड़ की वित्तीय सहायता को मंजूरी मिली है।
सरकार की मंशा और नीतिगत संदेश
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रदेश सरकार औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, नई मेगा परियोजनाओं को आकर्षित करने और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की नीति पर निरंतर काम कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। गौरतलब है कि इस नीति के तहत पात्र इकाइयों को समयबद्ध तरीके से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता रही है।
आम जनता और उद्योग पर असर
इन चार कंपनियों में सीमेंट और उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्र की प्रमुख इकाइयाँ शामिल हैं, जो हमीरपुर, अमेठी और गोरखपुर जैसे ज़िलों में स्थानीय रोज़गार और उत्पादन में योगदान करती हैं। समयबद्ध प्रोत्साहन वितरण से इन क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता और रोज़गार सृजन को और गति मिलने की उम्मीद है।
आगे की राह
राज्य सरकार के अनुसार, मेगा परियोजनाओं को विशेष रियायतें देने की प्रक्रिया भी जारी रहेगी और निवेश के अनुकूल माहौल बनाए रखने के लिए इम्पावर्ड कमेटी की बैठकें नियमित रूप से होती रहेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की समयबद्ध वित्तीय सहायता निवेशकों का भरोसा बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।