यूपी पंचायती राज: डिजिटल लाइब्रेरी से सौर ऊर्जा तक, राजभर ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 25 सितंबर 2026 को लखनऊ के विधान भवन में विभागीय योजनाओं की व्यापक समीक्षा बैठक की, जिसमें ग्राम पंचायतों में डिजिटल सुविधाओं, सौर ऊर्जा, स्वच्छता और जल गुणवत्ता से जुड़ी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर ज़ोर दिया गया। राजभर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास योजनाओं का लाभ केवल कागज़ों पर नहीं, बल्कि धरातल पर ग्रामीणों को दिखाई देना चाहिए।
मुख्य घटनाक्रम
विधान भवन में हुई इस समीक्षा बैठक में पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति, बजट से जुड़े कार्यों और ग्राम पंचायतों में चल रही विकासपरक गतिविधियों का आकलन किया गया। मंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
राजभर ने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं, इसलिए पंचायत स्तर पर लागू प्रत्येक योजना का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुँचना चाहिए।
स्वच्छता और जल गुणवत्ता पर फोकस
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) की स्थापना के लिए उपलब्ध धनराशि के उपयोग की समीक्षा की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
इसके साथ ही हैंडपंपों के सत्यापन, जल गुणवत्ता से संबंधित कार्यों और जियो-टैगिंग की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना को गति
मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना के तहत 2,500 से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में सौर ऊर्जा आधारित हाईमास्ट और लाइट की व्यवस्था को बैठक में प्रमुखता से लिया गया। अधिकारियों को सार्वजनिक स्थानों पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था के साथ स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने से जुड़े कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिए गए।
गौरतलब है कि यह योजना ग्रामीण अंचलों में ऊर्जा पहुँच और सुरक्षा, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। रात में पर्याप्त रोशनी न होना ग्रामीण महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी एक दीर्घकालिक चिंता रही है।
डिजिटल सुविधाओं का विस्तार
राज्य बजट, केंद्र बजट और अनुपूरक बजट से संचालित योजनाओं के तहत ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी, आधार सेवा केंद्र और ग्राम पंचायत सचिवों को सरकारी कार्यों के सुचारु संचालन के लिए स्मार्ट मोबाइल उपलब्ध कराने की समीक्षा की गई।
मंत्री ने डिजिटल लाइब्रेरी में पुस्तकों, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल अध्ययन सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। इसका उद्देश्य ग्रामीण विद्यार्थियों और युवाओं को आधुनिक अध्ययन संसाधनों से जोड़ना और पंचायत स्तर पर डिजिटल पहुँच का विस्तार करना है।
आगे की राह
मंत्री राजभर ने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित समीक्षा, कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास सूचकांकों में सुधार को अपनी प्राथमिकता के रूप में प्रस्तुत कर रही है। अब देखना होगा कि समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देश ज़मीनी स्तर पर कितनी तेज़ी से क्रियान्वित होते हैं।