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यूपी के सरकारी स्कूलों में 12 संगीतमय प्रार्थनाएं, SIET लखनऊ में कार्यशाला संपन्न

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यूपी के सरकारी स्कूलों में 12 संगीतमय प्रार्थनाएं, SIET लखनऊ में कार्यशाला संपन्न

सारांश

उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों की प्रार्थना सभाएं अब संगीत और तकनीक के संगम से बदलेंगी। SIET लखनऊ में आयोजित कार्यशाला में 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग की योजना बनी, जो यूट्यूब समेत डिजिटल मंचों पर उपलब्ध होगी — योगी सरकार की शिक्षा में संस्कार और तकनीक को जोड़ने की नई कोशिश।

मुख्य बातें

एसआईईटी, निशातगंज, लखनऊ में 16 सितंबर को संगीत शिक्षकों और विद्यार्थियों की विशेष कार्यशाला संपन्न हुई।
प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के लिए 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं की संगीतबद्ध वीडियो सामग्री तैयार की जाएगी।
पहल अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के मार्गदर्शन और डॉ.
मुकेश चंद्र के निर्देशन में आगे बढ़ रही है।
कार्यशाला में कराओके तकनीक, लिरिक्स डिस्प्ले सिस्टम और ऑडियो मिक्सिंग का लाइव डेमो दिया गया।
तैयार वीडियो सामग्री यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित डिजिटल मंचों पर उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह पहल विद्यालयी शिक्षा में संस्कार और आधुनिक तकनीक के एकीकरण की दिशा में एक कदम है।

उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं को संगीत और तकनीक के संगम से नया स्वरूप देने की पहल के तहत राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (एसआईईटी), निशातगंज, लखनऊ में बुधवार, 16 सितंबर को एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इस पहल के अंतर्गत प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के लिए 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं की संगीतबद्ध वीडियो सामग्री तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विद्यालयी शिक्षा में संस्कार, अनुशासन और रचनात्मकता को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है।

पहल की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की प्रेरणा और मार्गदर्शन में यह पहल आकार ले रही है। इसका मूल उद्देश्य प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित और संगीतमय बनाना है। गौरतलब है कि विद्यालयों में प्रार्थना सभा बच्चों के मानसिक और नैतिक विकास की नींव मानी जाती है, किंतु अब तक इसके लिए कोई एकरूप और गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध नहीं थी।

एसआईईटी के निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में चयनित संगीत शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। लखनऊ मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने रीयल टाइम रिकॉर्डिंग को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

कार्यशाला में क्या हुआ

कार्यशाला में स्टूडियो रिकॉर्डिंग एवं कराओके तकनीक का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही लिरिक्स डिस्प्ले सिस्टम और ऑडियो मिक्सिंग तकनीक का प्रदर्शन भी किया गया। शिक्षकों को रिकॉर्डिंग प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देने के साथ-साथ समूह गायन का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।

कार्यशाला में 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं का परिचय दिया गया और विद्यालयों में इनके क्रियान्वयन की योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यशाला के समापन पर संगीत शिक्षकों एवं छात्राओं को एसआईईटी स्टूडियो का भ्रमण कराया गया और तकनीकी पहलुओं से परिचित कराया गया।

इन 12 प्रार्थनाओं को मिलेगा नया स्वरूप

इस पहल के अंतर्गत जिन प्रार्थनाओं को संगीतबद्ध कर वीडियो रूप में तैयार किया जाएगा, उनमें शामिल हैं — 'इतनी शक्ति हमें देना दाता', 'हमको मन की शक्ति देना', 'ऐ मालिक तेरे बंदे हम', 'तेरी है जमीन तेरा आसमान', 'ओ पालनहारे', 'तुम्हीं हो माता पिता तुम्हीं हो', 'तू प्यार का सागर है', 'ज्योति से ज्योति जगाते चलो', 'बादल पे पांव है', 'इंसाफ की डगर पे', 'हम होंगे कामयाब' और 'आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं'

लखनऊ मंडल की टीम के सहयोग से इन प्रार्थनाओं की रीयल टाइम शूटिंग और रिकॉर्डिंग की जाएगी। स्टूडियो में रिकॉर्डिंग के बाद तकनीकी संपादन कर अंतिम वीडियो सामग्री तैयार होगी।

डिजिटल मंचों पर होगी उपलब्ध

डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि रिकॉर्डिंग और संपादन के बाद तैयार वीडियो सामग्री को यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य डिजिटल मंचों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विद्यालय और शिक्षक अपनी आवश्यकता के अनुसार प्रार्थना सभा में इनका उपयोग कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि हर बच्चे में असीम संभावनाएं होती हैं और शिक्षक का दायित्व है कि वह उस योग्यता को पहचानकर निखारे। उनके अनुसार, 'देश की सेवा पढ़कर करेंगे, पढ़ाकर करेंगे और अच्छा इंसान बनाकर करेंगे।' एसआईईटी का दीर्घकालिक प्रयास विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सामग्री को डिजिटल और वीडियो रूप में तैयार कर उन तक पहुँचाना है।

आगे की राह

इस पहल के सफल क्रियान्वयन के बाद प्रदेश के सभी बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में यह संगीतमय प्रार्थना सामग्री उपलब्ध होगी, जो विद्यालयी वातावरण को अधिक प्रेरक और अनुशासित बनाने में सहायक होगी। यह पहल उत्तर प्रदेश में शिक्षा को तकनीक से जोड़ने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका संकेत गहरा है — उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयी दिनचर्या के उस हिस्से को तकनीक से जोड़ रही है जिसे अब तक प्रशासनिक नज़रिए से उपेक्षित रखा गया था। प्रार्थना सभा को डिजिटल सामग्री से मानकीकृत करना एकरूपता और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित कर सकता है, बशर्ते इसे थोपा न जाए बल्कि शिक्षकों को स्वायत्तता दी जाए। असली कसौटी यह होगी कि क्या यह वीडियो सामग्री वास्तव में ग्रामीण और दूरदराज़ के विद्यालयों तक पहुँचती है, जहाँ इंटरनेट और डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता अभी भी असमान है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी के स्कूलों में 12 संगीतमय प्रार्थनाओं की पहल क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक पहल है जिसके तहत प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं के लिए 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं की संगीतबद्ध वीडियो सामग्री तैयार की जाएगी। इसे SIET लखनऊ द्वारा संगीत शिक्षकों और विद्यार्थियों के सहयोग से स्टूडियो में रिकॉर्ड कर डिजिटल मंचों पर उपलब्ध कराया जाएगा।
SIET लखनऊ में आयोजित कार्यशाला में क्या हुआ?
16 सितंबर को एसआईईटी, निशातगंज के सभागार में आयोजित कार्यशाला में स्टूडियो रिकॉर्डिंग, कराओके तकनीक, लिरिक्स डिस्प्ले सिस्टम और ऑडियो मिक्सिंग का लाइव डेमो दिया गया। शिक्षकों को रिकॉर्डिंग प्रक्रिया की जानकारी दी गई और समूह गायन का अभ्यास भी कराया गया।
इन 12 प्रार्थनाओं की वीडियो सामग्री कहाँ उपलब्ध होगी?
रिकॉर्डिंग और तकनीकी संपादन के बाद तैयार वीडियो सामग्री यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित अन्य डिजिटल मंचों पर उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यालय और शिक्षक अपनी आवश्यकता के अनुसार इनका उपयोग प्रार्थना सभा में कर सकेंगे।
इस पहल का नेतृत्व कौन कर रहे हैं?
यह पहल अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की प्रेरणा और मार्गदर्शन में चल रही है। एसआईईटी के निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र इसके क्रियान्वयन का नेतृत्व कर रहे हैं और लखनऊ मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने रिकॉर्डिंग संबंधी सुझाव दिए हैं।
किन 12 प्रार्थनाओं को इस पहल में शामिल किया गया है?
इस पहल में 'इतनी शक्ति हमें देना दाता', 'हमको मन की शक्ति देना', 'ऐ मालिक तेरे बंदे हम', 'तेरी है जमीन तेरा आसमान', 'ओ पालनहारे', 'तुम्हीं हो माता पिता तुम्हीं हो', 'तू प्यार का सागर है', 'ज्योति से ज्योति जगाते चलो', 'बादल पे पांव है', 'इंसाफ की डगर पे', 'हम होंगे कामयाब' और 'आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं' — कुल 12 प्रार्थनाएं शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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