16 सितंबर 2026
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UP के विद्यालयों में बदलेगी प्रार्थना सभा, SIET लखनऊ तैयार करेगा 12 संगीतबद्ध प्रार्थनाओं की वीडियो सामग्री

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UP के विद्यालयों में बदलेगी प्रार्थना सभा, SIET लखनऊ तैयार करेगा 12 संगीतबद्ध प्रार्थनाओं की वीडियो सामग्री

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर SIET लखनऊ ने 'हम होंगे कामयाब' और 'इतनी शक्ति हमें देना दाता' जैसी 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं को स्टूडियो में संगीतबद्ध कर वीडियो सामग्री तैयार करने की योजना बनाई है — जो यूट्यूब और सोशल मीडिया पर सभी विद्यालयों को निःशुल्क मिलेगी।

मुख्य बातें

SIET, निशातगंज, लखनऊ में 16 सितंबर 2026 को संगीत शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की विशेष कार्यशाला आयोजित हुई।
UP के बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों की प्रार्थना सभा के लिए 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं की संगीतबद्ध वीडियो सामग्री तैयार होगी।
पहल अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के मार्गदर्शन में और डॉ.
मुकेश चंद्र (निदेशक, SIET) के निर्देशन में आगे बढ़ रही है।
कार्यशाला में स्टूडियो रिकॉर्डिंग, कराओके, लिरिक्स डिस्प्ले और ऑडियो मिक्सिंग तकनीक का लाइव डेमो किया गया।
तैयार सामग्री यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित डिजिटल मंचों पर उपलब्ध कराई जाएगी।

उत्तर प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों की प्रार्थना सभा अब संगीत और आधुनिक तकनीक के संगम से नया रूप लेगी। राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (SIET), निशातगंज, लखनऊ में बुधवार, 16 सितंबर 2026 को एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं की संगीतबद्ध वीडियो सामग्री तैयार करने की विस्तृत योजना पर चर्चा हुई। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे शिक्षा-सुधार अभियान का हिस्सा है।

पहल की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आगे बढ़ाया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय में प्रार्थना सभा केवल एक औपचारिक अनुष्ठान न रहे, बल्कि वह विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने का माध्यम बने। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार पाठ्यक्रम के साथ-साथ विद्यालयी वातावरण को भी डिजिटल तकनीक से समृद्ध करने पर जोर दे रही है।

कार्यशाला में क्या हुआ

SIET के निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र के निर्देशन में आयोजित कार्यशाला में संगीत शिक्षकों एवं चयनित विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यशाला में स्टूडियो रिकॉर्डिंग एवं कराओके तकनीक का लाइव डेमो, लिरिक्स डिस्प्ले सिस्टम तथा ऑडियो मिक्सिंग तकनीक का प्रस्तुतिकरण किया गया। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों को रिकॉर्डिंग प्रक्रिया की जानकारी दी गई और समूह गायन का सामूहिक अभ्यास भी हुआ।

लखनऊ मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने रीयल टाइम रिकॉर्डिंग को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कार्यशाला के अंत में संगीत शिक्षकों एवं छात्राओं को SIET स्टूडियो का भ्रमण कराया गया और तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया गया।

कौन-सी 12 प्रार्थनाएं होंगी शामिल

इस पहल के अंतर्गत जिन 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं को संगीतबद्ध कर वीडियो रूप में तैयार किया जाएगा, वे हैं — 'इतनी शक्ति हमें देना दाता', 'हमको मन की शक्ति देना', 'ऐ मालिक तेरे बंदे हम', 'तेरी है जमीन तेरा आसमान', 'ओ पालनहारे', 'तुम्हीं हो माता पिता तुम्हीं हो', 'तू प्यार का सागर है', 'ज्योति से ज्योति जगाते चलो', 'बादल पे पांव है', 'इंसाफ की डगर पे', 'हम होंगे कामयाब' और 'आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं'

रिकॉर्डिंग और वितरण की प्रक्रिया

डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि लखनऊ मंडल की टीम के सहयोग से इन प्रार्थनाओं की रीयल टाइम शूटिंग और रिकॉर्डिंग की जाएगी। संगीत शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के साथ स्टूडियो में रिकॉर्डिंग के बाद तकनीकी संपादन कर अंतिम वीडियो सामग्री तैयार होगी।

तैयार सामग्री को यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य डिजिटल मंचों पर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि विद्यालय और शिक्षक अपनी आवश्यकता के अनुसार इनका उपयोग प्रार्थना सभा में कर सकें। गौरतलब है कि डिजिटल वितरण से दूरदराज़ के विद्यालयों को भी गुणवत्तापूर्ण सामग्री तक पहुँच मिल सकेगी।

विद्यार्थियों के लिए संदेश और आगे की राह

डॉ. चंद्र ने कार्यशाला में कहा कि हर बच्चे में असीमित संभावनाएं होती हैं और शिक्षक का दायित्व उनकी प्रतिभा को पहचानकर निखारना है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने ज्ञान को अपने साथियों तक भी पहुँचाएं। यह पहल संगीत, तकनीक, अनुशासन और प्रेरक मूल्यों को विद्यालयी वातावरण से जोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम है, और इसके सफल क्रियान्वयन से प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों की सुबह अधिक प्रेरणादायक होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — UP में लाखों सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट डिवाइस और इंटरनेट की पहुँच अभी भी असमान है। यूट्यूब पर सामग्री डालना पर्याप्त नहीं होगा जब तक विद्यालयों में उसे चलाने की बुनियादी तकनीकी सुविधा न हो। यह पहल सांस्कृतिक दृष्टि से सकारात्मक है, लेकिन डिजिटल बुनियादी ढाँचे की खाई को पाटे बिना इसका लाभ केवल शहरी या अर्ध-शहरी विद्यालयों तक सीमित रह सकता है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UP विद्यालयों में संगीतमय प्रार्थना की यह पहल क्या है?
उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल के तहत SIET लखनऊ, बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों की प्रार्थना सभा के लिए 12 प्रेरणादायक प्रार्थनाओं की स्टूडियो-रिकॉर्डेड संगीतबद्ध वीडियो सामग्री तैयार करेगा। यह सामग्री यूट्यूब और अन्य डिजिटल मंचों पर उपलब्ध कराई जाएगी।
कौन-सी 12 प्रार्थनाएं इस पहल में शामिल हैं?
'इतनी शक्ति हमें देना दाता', 'हमको मन की शक्ति देना', 'ऐ मालिक तेरे बंदे हम', 'तेरी है जमीन तेरा आसमान', 'ओ पालनहारे', 'तुम्हीं हो माता पिता तुम्हीं हो', 'तू प्यार का सागर है', 'ज्योति से ज्योति जगाते चलो', 'बादल पे पांव है', 'इंसाफ की डगर पे', 'हम होंगे कामयाब' और 'आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं' — ये 12 प्रार्थनाएं संगीतबद्ध की जाएंगी।
यह वीडियो सामग्री विद्यालयों तक कैसे पहुँचेगी?
रिकॉर्डिंग और तकनीकी संपादन के बाद तैयार अंतिम वीडियो सामग्री यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य डिजिटल मंचों पर उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यालय और शिक्षक अपनी आवश्यकता अनुसार इन्हें प्रार्थना सभा में उपयोग कर सकेंगे।
16 सितंबर को हुई कार्यशाला में क्या-क्या हुआ?
SIET निशातगंज के सभागार में आयोजित कार्यशाला में स्टूडियो रिकॉर्डिंग, कराओके तकनीक का लाइव डेमो, लिरिक्स डिस्प्ले सिस्टम और ऑडियो मिक्सिंग तकनीक का प्रस्तुतिकरण हुआ। इसके अलावा शिक्षकों को समूह गायन का अभ्यास कराया गया और SIET स्टूडियो का भ्रमण भी कराया गया।
इस पहल से विद्यार्थियों को क्या लाभ होगा?
इस पहल से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, संगीतमय और प्रेरणादायक प्रार्थना सामग्री मिलेगी, जो उनमें अनुशासन, संस्कार और रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। यह सामग्री डिजिटल रूप में उपलब्ध होने से दूरदराज़ के विद्यालयों तक भी इसकी पहुँच संभव हो सकेगी।
राष्ट्र प्रेस
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