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यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: 28 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में पश्चिमी मैदानी जोन का किसान मेला, 8 जनपदों के कृषक होंगे शामिल

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यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: 28 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में पश्चिमी मैदानी जोन का किसान मेला, 8 जनपदों के कृषक होंगे शामिल

सारांश

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 के मंच पर 28 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आठ जनपदों के किसान एक छत के नीचे आएँगे — आधुनिक कृषि तकनीक, वैज्ञानिक संवाद और अनुभव-साझेदारी के लिए। यह राज्य के एग्रोक्लाइमेटिक ज़ोन आधारित किसान जागरूकता अभियान की कड़ी है।

मुख्य बातें

28 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे से इंडिया एक्सपो मार्ट, हॉल नंबर-2ए, ग्रेटर नोएडा में पश्चिमी मैदानी जोन का एक दिवसीय किसान मेला आयोजित होगा।
मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हापुड़ और शामली — कुल 8 जनपदों के किसान भाग लेंगे।
मेला कृषि सूचना तंत्र सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम योजना के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में आयोजित किया जा रहा है।
कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक किसानों को फसल उत्पादन, आधुनिक तकनीक और नवाचार पर सीधी सलाह देंगे।
मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने सभी संबंधित जनपदों के किसानों से अधिकतम संख्या में भाग लेने की अपील की है।

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 के दौरान 28 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में पश्चिमी मैदानी जोन का एक दिवसीय जनपद स्तरीय किसान मेला आयोजित किया जाएगा। कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इस मेले में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आठ जनपदों के प्रगतिशील और अचीवर किसान भाग लेंगे। मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीनतम तकनीकी विकास और उन्नत पद्धतियों से परिचित कराना है।

मेले का समय और स्थान

यह किसान मेला 28 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे से इंडिया एक्सपो मार्ट, हॉल नंबर-2ए, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होगा। यह आयोजन यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के साथ-साथ संपन्न होगा, जिससे किसानों को एक ही परिसर में व्यापार और तकनीक से जुड़ी व्यापक जानकारी मिल सकेगी। कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में एग्रोक्लाइमेटिक जोन स्तर पर इस मेले का आयोजन किया जा रहा है।

कौन-कौन से जनपद होंगे शामिल

पश्चिमी मैदानी जोन से जुड़े कुल आठ जनपदोंमुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हापुड़ और शामली — के किसान इस मेले में प्रतिभाग करेंगे। इन जनपदों से आने वाले प्रगतिशील और अचीवर कृषक अपने सफल कृषि प्रयोगों, नई तकनीकों और नवाचारों का अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा कर सकेंगे। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना, गेहूँ और धान उत्पादक किसान जलवायु परिवर्तन और बदलती बाजार परिस्थितियों के बीच नई तकनीकों की तलाश में हैं।

कृषि वैज्ञानिकों की भूमिका

मेले में कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों की विशेष भूमिका रहेगी। ये वैज्ञानिक किसानों को फसल उत्पादन, आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत कृषि पद्धतियों और खेती में नवाचार से जुड़े विषयों पर जानकारी देंगे। किसान वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याएँ और जिज्ञासाएँ भी सामने रख सकेंगे, जो इस आयोजन को एकतरफा सूचना-प्रसारण के बजाय एक संवादमूलक मंच बनाता है।

अधिकारियों की अपील

मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने गौतमबुद्धनगर सहित संबंधित सभी जनपदों के किसानों से इस मेले में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों और आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हैं, जिससे वे अपनी खेती को अधिक प्रभावी बना सकते हैं। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में एग्रोक्लाइमेटिक ज़ोन आधारित किसान कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाई है, जिसका उद्देश्य किसानों तक क्षेत्र-विशेष सलाह पहुँचाना है।

आगे क्या

यह किसान मेला पश्चिमी मैदानी जोन के किसानों के लिए अनुभव साझा करने और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं की जानकारी हासिल करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है। कृषि विभाग का दीर्घकालिक लक्ष्य किसानों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें नवीनतम तकनीकों से जोड़ना है, ताकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कृषि उत्पादकता में सुधार हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि ऐसे एक-दिवसीय आयोजनों का दीर्घकालिक प्रभाव कितना होता है — क्या किसान वहाँ सीखी तकनीकें अपने खेत तक ले जा पाते हैं? राज्य सरकार एग्रोक्लाइमेटिक ज़ोन-आधारित कार्यक्रमों की संख्या तो बढ़ा रही है, लेकिन इनके प्रभाव-मापन का कोई सार्वजनिक तंत्र अभी तक सामने नहीं आया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों की असली ज़रूरत एकबारगी जानकारी नहीं, बल्कि निरंतर तकनीकी सहयोग है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में किसान मेला कब और कहाँ होगा?
यह किसान मेला 28 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे से इंडिया एक्सपो मार्ट, हॉल नंबर-2ए, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होगा। यह यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के साथ-साथ होगा।
किसान मेले में कौन-कौन से जनपदों के किसान भाग लेंगे?
पश्चिमी मैदानी जोन के आठ जनपदों — मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हापुड़ और शामली — के प्रगतिशील और अचीवर किसान इस मेले में शामिल होंगे।
इस किसान मेले में किसानों को क्या मिलेगा?
मेले में किसानों को फसल उत्पादन, आधुनिक कृषि तकनीक और उन्नत पद्धतियों पर कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों से सीधा संवाद करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, प्रगतिशील किसान अपने सफल प्रयोगों और नवाचारों को अन्य कृषकों के साथ साझा कर सकेंगे।
यह मेला किस योजना के तहत आयोजित हो रहा है?
यह मेला कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में एग्रोक्लाइमेटिक जोन स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को क्षेत्र-विशेष कृषि सलाह और तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना है।
किसान मेले में भाग लेने की अपील किसने की है?
मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी ने गौतमबुद्धनगर सहित संबंधित सभी आठ जनपदों के किसानों से अधिक से अधिक संख्या में मेले में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से किसान आधुनिक तकनीकें अपनाकर अपनी खेती को अधिक प्रभावी बना सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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