10 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

उपचुनाव जीत पर BJP खुश हो ले, आम चुनाव में दो सीटों पर आएगी : राकेश सिन्हा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
उपचुनाव जीत पर BJP खुश हो ले, आम चुनाव में दो सीटों पर आएगी : राकेश सिन्हा

सारांश

झारखंड कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने BJP की उपचुनाव जीत को 'प्रशासनिक दबाव' का नतीजा बताया और दावा किया कि आम चुनाव में BJP दो सीटों पर सिमट जाएगी। दिल्ली विरोध-प्रदर्शन पर सरकार की प्रतिक्रिया को उन्होंने 'डर की राजनीति' करार दिया।

मुख्य बातें

राकेश सिन्हा (झारखंड प्रदेश कांग्रेस) ने 10 अक्टूबर को BJP की उपचुनाव जीत को 'प्रशासनिक बल और चुनाव आयोग के दुरुपयोग' का नतीजा बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में TMC का सिंबल फ्रीज और कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी उसी केस में हुई जिसमें सुवेंदु अधिकारी का नाम था।
सिन्हा ने दावा किया कि BJP आम चुनाव में घटकर महज दो सीटों पर आ जाएगी।
दिल्ली विरोध-प्रदर्शन के संदर्भ में उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अर्धसैनिक बल बुलाने और मेट्रो बंद करने को 'डर की राजनीति' बताया।
उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भविष्यवाणी की, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेता राकेश सिन्हा ने 10 अक्टूबर को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला — बंगाल और असम के हालिया उपचुनाव परिणामों को लेकर चुनाव आयोग (ECI) और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए, और दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शन को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया को 'डर' करार दिया। सिन्हा ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) उपचुनाव की खुशी मना सकती है, लेकिन आम चुनाव में उसकी सीटें घटकर महज दो रह जाएंगी।

उपचुनाव परिणामों पर आरोप

कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि बंगाल और असम के उपचुनावों में जीत पहले से तय थी। उन्होंने कहा, 'बंगाल और असम के चुनाव में तो चुनाव आयोग ने पहले ही जीत तय कर दी थी। बंगाल में कैसे अहम मौके पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का सिंबल फ्रीज कर दिया गया और कांग्रेस के प्रत्याशी को उस केस में जेल में डाल दिया गया, जिस केस में बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी लिप्त थे।' सिन्हा ने इसे नंदीग्राम आंदोलन से जुड़ा मामला बताया और कहा कि एक ही केस में दो अलग-अलग फैसले हुए — एक में कांग्रेस प्रत्याशी को जेल भेजा गया और दूसरे में सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाया गया।

उन्होंने आगे कहा कि जब चुनाव आयोग ने यह निर्णय किया तो यह तय था कि वह जिताएगा भी। उनके अनुसार, असम और बंगाल के चुनावों में धन, बल, चुनाव आयोग और तमाम संसाधनों का उपयोग किया गया। गौरतलब है कि ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं और इन पर चुनाव आयोग या संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

आम चुनाव पर दावा

सिन्हा ने BJP को सीधे चुनौती देते हुए कहा, 'ये उपचुनाव है, जीतकर खुशी मना लें। आम चुनाव में तो फिर ये दो पर आ जाएंगे, ये तय हो चुका है।' उन्होंने यह भी कहा कि जब सारी संवैधानिक संस्थाएँ और पुलिस एक साथ लग जाएँ, तो जीत तो हो ही जाती है — लेकिन ऐसी जीत का कोई राजनीतिक महत्व नहीं होता।

दिल्ली विरोध-प्रदर्शन पर निशाना

दिल्ली के कनॉट प्लेस क्षेत्र में जारी विरोध-प्रदर्शन के संदर्भ में सिन्हा ने केंद्र सरकार की सुरक्षा प्रतिक्रिया को 'कमज़ोरी और डर' का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अर्धसैनिक बलों को बुलाना, मेट्रो स्टेशन बंद करना और हिरासत में लेना — यह सब दर्शाता है कि सरकार अपने ही देश के युवाओं, छात्रों और किसानों से डरी हुई है।

उन्होंने कहा, 'आतंकी हमले तो रोक नहीं पा रहे हैं देश के प्रधानमंत्री, लेकिन अपने देश के युवाओं से, अपने देश के छात्रों से, और अपने देश के किसानों से यह सरकार कितनी डर गई है।' यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में सुरक्षा बंदोबस्त को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना तेज हो रही है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग

सिन्हा ने यह भी दावा किया कि सरकार की घबराहट को देखते हुए अब ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा तय है — ठीक वैसे ही जैसे पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ था। यह दावा कांग्रेस की ओर से किया गया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

आने वाले दिनों में विपक्ष की यह आक्रामकता झारखंड सहित अन्य राज्यों की राजनीति पर भी असर डाल सकती है, जहाँ चुनावी तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस पहलू को नज़रअंदाज़ कर देती है। 'आम चुनाव में दो सीट' वाला दावा अतिशयोक्तिपूर्ण लग सकता है, पर यह झारखंड में कांग्रेस की बढ़ती आक्रामकता का संकेत ज़रूर है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राकेश सिन्हा ने BJP की उपचुनाव जीत पर क्या कहा?
झारखंड प्रदेश कांग्रेस के नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि BJP उपचुनाव की जीत पर खुशी मना सकती है, लेकिन आम चुनाव में वह दो सीटों पर सिमट जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बंगाल और असम के उपचुनावों में धन, बल और चुनाव आयोग का दुरुपयोग हुआ।
सिन्हा ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
सिन्हा ने आरोप लगाया कि बंगाल में TMC का सिंबल फ्रीज किया गया और कांग्रेस प्रत्याशी को उसी केस में जेल भेजा गया जिसमें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का नाम था — यह नंदीग्राम आंदोलन से जुड़ा मामला था। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं और चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
दिल्ली विरोध-प्रदर्शन पर कांग्रेस का क्या रुख है?
राकेश सिन्हा ने दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शन के दौरान सरकार की सुरक्षा प्रतिक्रिया — जम्मू-कश्मीर से अर्धसैनिक बल बुलाना, मेट्रो स्टेशन बंद करना और हिरासत — को 'डर की राजनीति' बताया। उनका कहना है कि सरकार अपने ही युवाओं और किसानों से डर रही है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग क्यों उठाई गई?
सिन्हा ने दावा किया कि सरकार की घबराहट को देखते हुए ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा अवश्यंभावी है, जैसे पहले धर्मेंद्र प्रधान का हुआ था। यह दावा कांग्रेस की ओर से किया गया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
राकेश सिन्हा कौन हैं और उनका बयान क्यों अहम है?
राकेश सिन्हा झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता हैं। उनका यह बयान झारखंड में आगामी चुनावी माहौल और विपक्ष की रणनीति के लिहाज़ से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें संस्थागत निष्पक्षता और केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सीधे सवाल उठाए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 22 घंटे पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले