रक्षाबंधन 2025: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने बच्चों संग, ओम बिरला ने कोटा-बूंदी की लाड़ली बहनों संग मनाया पर्व
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 28 अगस्त को उपराष्ट्रपति भवन में स्कूली बच्चों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया, जबकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी की 'लाड़ली बहनों' के साथ राखी का त्योहार मनाया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को उनके नई दिल्ली स्थित आवास पर BJP महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने राखी बांधी।
उपराष्ट्रपति भवन में बच्चों संग खास पल
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति भवन में आमंत्रित स्कूली बच्चों के साथ रक्षाबंधन की रस्म अदा की। बच्चों ने उन्हें राखी बांधी, जो प्यार, भरोसे और सुरक्षा के पवित्र बंधन का प्रतीक मानी जाती है। इस अवसर पर राधाकृष्णन ने कहा कि बच्चों के साथ इस त्योहार को मनाने से भवन में उत्साह और आनंद का वातावरण बना, जिसने इस पर्व को विशेष बना दिया।
ओम बिरला की लाड़ली बहनों संग रक्षाबंधन
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी की 'लाड़ली बहनों' के साथ रक्षाबंधन मनाया। इस अवसर पर वीरांगना मधुबाला ने भी उन्हें रक्षा-सूत्र बांधा। बिरला ने एक्स पर लिखा, 'कलाई पर बंधी यह राखी केवल स्नेह और विश्वास की डोर नहीं, बल्कि नारी सम्मान, स्वाभिमान और सुरक्षित भविष्य के प्रति संकल्प का पवित्र प्रतीक है। बहनों का स्नेह मेरे लिए आशीर्वाद है और उनके सुख-दुख में सदैव सहभागी बनना मेरा दायित्व।'
बिरला ने यह भी कहा कि बहनें परिवार की आत्मीय धुरी होने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण की सशक्त आधारशिला भी हैं। उन्होंने कामना व्यक्त की कि प्रत्येक बहन का जीवन सम्मान, प्रसन्नता और आत्मनिर्भरता से परिपूर्ण हो।
नितिन नवीन को महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने बांधी राखी
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से BJP महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने उनके नई दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात कर राखी बांधी। नवीन ने एक्स पर लिखा, 'भरोसे और स्नेह का एक पवित्र धागा। मैं उन BJP महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं का आभारी हूं, जिन्होंने आज मेरे नई दिल्ली स्थित आवास पर मुझे राखी बांधी।'
राष्ट्रीय नेताओं का सामाजिक संदेश
इन समारोहों के ज़रिए देश के वरिष्ठ संवैधानिक पदाधिकारियों और राजनीतिक नेताओं ने रक्षाबंधन के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। गौरतलब है कि यह त्योहार भाई-बहन के रिश्ते के साथ-साथ नारी सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। आने वाले दिनों में इन नेताओं द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में महिला कल्याण से जुड़ी पहलों पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है।