25 जुलाई 2026
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यूएसआईएसपीएफ की 'वी द पीपल–250 वॉयसेज' बुक लॉन्च: जयशंकर और राजदूत गोर ने भारत-अमेरिका साझेदारी पर साझा किए विचार

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यूएसआईएसपीएफ की 'वी द पीपल–250 वॉयसेज' बुक लॉन्च: जयशंकर और राजदूत गोर ने भारत-अमेरिका साझेदारी पर साझा किए विचार

सारांश

अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर यूएसआईएसपीएफ ने नई दिल्ली में '250 वॉयसेज' बुक का दूसरा संस्करण लॉन्च किया। विदेश मंत्री जयशंकर और राजदूत गोर की मौजूदगी में हुए इस आयोजन ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के नए आयामों — तकनीक, रक्षा और ऊर्जा — पर रोशनी डाली।

मुख्य बातें

यूएसआईएसपीएफ ने 25 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में 'वी द पीपल– 250 वॉयसेज ' कॉफी टेबल बुक के दूसरे संस्करण का विमोचन किया।
जयशंकर , राजदूत सर्जियो गोर और दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
पुस्तक में 250 हस्तियों को 'ब्रिज बिल्डर्स' के रूप में सम्मानित किया गया है, जिनमें राजनयिक, उद्योगपति और शिक्षाविद शामिल हैं।
यूएसआईएसपीएफ अध्यक्ष मुकेश अघी और जयशंकर ने 'द नेक्स्ट चैप्टर ऑफ द ग्लोबल पार्टनरशिप' पर संवाद किया, जिसमें तकनीक, रक्षा और ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा हुई।
पूर्व विदेश सचिव श्याम सरन , पूर्व राजदूत अरुण के.
सिंह और मोंटेक सिंह अहलूवालिया सहित कई वरिष्ठ हस्तियों को सम्मानित किया गया।

यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) ने 25 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में अपनी कॉफी टेबल बुक 'वी द पीपल–250 वॉयसेज: अ ट्रिब्युट टू द 250 वॉयसेज डैट शेप्ड द यूएस-इंडिया रिलेशनशिप' के दूसरे संस्करण का औपचारिक विमोचन किया। इस अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर सहित कई प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहीं। पुस्तक का पहला विमोचन वॉशिंगटन डीसी में IX लीडरशिप समिट के दौरान 'अमेरिकाएट250' थीम के तहत किया गया था।

पुस्तक में क्या है खास

इस पुस्तक में उन 250 विशिष्ट हस्तियों को स्थान दिया गया है, जिन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें राजनेता, राजनयिक, उद्योग जगत के नेता, नवाचार विशेषज्ञ, शिक्षाविद और सांस्कृतिक दूत शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, इन सभी को पुस्तक में 'ब्रिज बिल्डर्स' के रूप में सम्मानित किया गया है।

दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने भी कार्यक्रम में भागीदारी की। आयोजकों ने रेखांकित किया कि ये सभी हस्तियाँ दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच संबंधों को सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभाती रही हैं।

जयशंकर-अघी संवाद: वैश्विक साझेदारी का अगला अध्याय

कार्यक्रम का केंद्रबिंदु रहा यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष मुकेश अघी और विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर के बीच 'द नेक्स्ट चैप्टर ऑफ द ग्लोबल पार्टनरशिप' विषय पर विशेष संवाद। इस चर्चा में भारत-अमेरिका संबंधों के बदलते स्वरूप पर विस्तार से बात हुई — पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़कर उभरती प्रौद्योगिकी, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाएँ, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी तेज़ी से बहुआयामी होती जा रही है, और दोनों देश तकनीक व रक्षा के क्षेत्र में नई साझेदारियाँ गढ़ रहे हैं।

सम्मानित हस्तियाँ

कार्यक्रम में पुस्तक में शामिल कई प्रमुख व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। इनमें पूर्व विदेश सचिव श्याम सरन, पूर्व भारतीय राजदूत अरुण के. सिंह, नवतेज सरना, अमिताभ कांत, विदुर गुप्ता और मोंटेक सिंह अहलूवालिया शामिल रहे। इन सभी ने भारत-अमेरिका संबंधों की विकास-यात्रा और भविष्य की संभावनाओं पर अपने अनुभव और दृष्टिकोण साझा किए।

राजदूत गोर की प्रतिक्रिया

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कार्यक्रम के अगले दिन एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर यूएसआईएसपीएफ और अध्यक्ष मुकेश अघी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, "शानदार शाम के लिए यूएसआईएसपीएफ और मुकेश अघी का धन्यवाद।"

आगे की राह

आयोजकों ने विश्वास जताया कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और अधिक सुदृढ़ होगी। गौरतलब है कि यह पुस्तक ऐसे समय में सामने आई है जब दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के सांस्कृतिक और कूटनीतिक दस्तावेज़ीकरण से द्विपक्षीय संबंधों की नींव और मज़बूत होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर भारत-अमेरिका संबंधों के संस्थागत स्मृति-लेखन का प्रयास है — और इसका कूटनीतिक संदेश स्पष्ट है। जयशंकर जैसे शीर्ष मंत्री की उपस्थिति यह संकेत देती है कि भारत इस साझेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि इस तरह के आयोजन अक्सर कूटनीतिक संबंधों की गहराई को दर्शाने की बजाय उसे प्रदर्शित करने पर अधिक ध्यान देते हैं। असली कसौटी यह होगी कि तकनीक, रक्षा और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में चर्चाएँ ठोस नीतिगत परिणामों में कितनी तेज़ी से बदलती हैं।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'वी द पीपल–250 वॉयसेज' बुक क्या है?
यह यूएसआईएसपीएफ द्वारा प्रकाशित एक कॉफी टेबल बुक है, जिसमें उन 250 विशिष्ट हस्तियों को 'ब्रिज बिल्डर्स' के रूप में सम्मानित किया गया है जिन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को आकार देने में योगदान दिया। इसका दूसरा संस्करण 25 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में लॉन्च किया गया।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
कार्यक्रम में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू उपस्थित रहे। पूर्व विदेश सचिव श्याम सरन, पूर्व राजदूत अरुण के. सिंह, नवतेज सरना, अमिताभ कांत, विदुर गुप्ता और मोंटेक सिंह अहलूवालिया को भी सम्मानित किया गया।
जयशंकर और मुकेश अघी के बीच किस विषय पर चर्चा हुई?
'द नेक्स्ट चैप्टर ऑफ द ग्लोबल पार्टनरशिप' विषय पर हुई इस चर्चा में उभरती प्रौद्योगिकी, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाएँ, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए।
पुस्तक का पहला विमोचन कहाँ हुआ था?
पुस्तक का पहला विमोचन वॉशिंगटन डीसी में आयोजित IX लीडरशिप समिट के दौरान 'अमेरिकाएट250' थीम के तहत किया गया था। नई दिल्ली में यह दूसरा औपचारिक विमोचन था।
यूएसआईएसपीएफ क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) एक प्रमुख द्विपक्षीय संगठन है जो भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, नीति और कूटनीतिक संबंधों को मज़बूत करने के लिए काम करता है। इसके अध्यक्ष मुकेश अघी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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